फतेहपुर में भाकियू महात्मा टिकैत की बैठक, खाद की उपलब्धता और धान खरीद को लेकर उठीं किसानों की मांगें
रिपोर्ट – राम चन्द्र सैनी
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिला मुख्यालय स्थित नहर कॉलोनी परिसर में गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) की बैठक एवं धरने का आयोजन किया गया। दोपहर करीब ढाई बजे जिलाध्यक्ष मधुसूदन तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री रामदत्त मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक में किसानों की मौजूदा समस्याओं, खाद और उर्वरकों की उपलब्धता तथा धान खरीद केंद्रों के सुचारु संचालन को लेकर प्रमुखता से आवाज उठाई गई। इसके साथ ही संगठन का विस्तार करते हुए कई नए लोगों को विभिन्न पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान राष्ट्रीय महामंत्री रामदत्त मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि संगठन की मासिक बैठक प्रत्येक महीने की 28 तारीख को आयोजित की जाती है। हालांकि, इस बार संगठन के संरक्षक राजू सिंह के पिता और तेज सिंह के बड़े भाई के निधन के कारण सभी पदाधिकारी अंत्येष्टि कार्यक्रम में शामिल होने चले गए थे। इसी वजह से 28 तारीख को प्रस्तावित बैठक स्थगित करनी पड़ी। बाद में यह बैठक पांच तारीख को आयोजित की गई।
उन्होंने बताया कि इस बैठक में मुख्य रूप से संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। इसके अलावा संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कुछ नए लोगों को भी जिम्मेदारियां सौंपी गईं। सभी नए सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया गया।
खाद और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग
बैठक के दौरान किसानों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए राष्ट्रीय महामंत्री रामदत्त मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या खाद और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर है। किसानों को खेती के लिए डीएपी, यूरिया, पोटाश और जिंक की आवश्यकता होती है, लेकिन कई स्थानों पर इनकी उपलब्धता को लेकर परेशानी सामने आती है।
उन्होंने मांग की कि जिले की सभी सहकारी समितियों और निजी खाद दुकानों पर आवश्यक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही खाद की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि कहीं भी खाद की ओवररेटिंग यानी निर्धारित कीमत से अधिक दाम वसूलने का मामला सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इसमें कृषि विभाग के अधिकारियों और एआर की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
धान खरीद केंद्रों को लेकर जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग
किसान यूनियन ने धान खरीद व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। रामदत्त मिश्रा ने कहा कि सरकार की ओर से एक नवंबर से पूरे प्रदेश में धान खरीद केंद्र संचालित किए जाने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में सभी निर्धारित केंद्रों का समय से खुलना और किसानों से नियमानुसार धान खरीदना आवश्यक है।
उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि जिले में सभी धान खरीद केंद्र नियमित रूप से संचालित हों। यदि किसी स्थान पर खरीद केंद्र बंद पाया जाता है या किसानों को धान बेचने में अनावश्यक परेशानी होती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी से भी आवश्यक कदम उठाने की मांग की जाएगी, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशान न होना पड़े।
किसानों की समस्याओं के समाधान के बाद तय होगी अगली रणनीति
राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि फिलहाल संगठन का पूरा ध्यान किसानों की खाद संबंधी समस्याओं और धान खरीद व्यवस्था को दुरुस्त कराने पर है। किसानों को खेती के मौजूदा कार्यों से राहत मिलने के बाद संगठन आगे की समस्याओं और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेगा। इसके बाद आगामी आंदोलन और रणनीति को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसान देश की कृषि व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उनकी बुनियादी जरूरतों और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।
नए पदाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
बैठक के दौरान संगठन का विस्तार करते हुए कई लोगों को अलग-अलग पदों पर मनोनीत किया गया। इनमें अनुराग सिंह को नगर अध्यक्ष, राजा शुक्ला एवं चन्द्रमीन शुक्ला को मंत्री और संगठन मंत्री, मनोज कुमार को संगठन महामंत्री बनाया गया।
इसके अलावा रहीश अहमद (लाला) को अध्यक्ष, प्रदीप कुमार सिंह को संगठन में जिम्मेदारी, भुवनेश्वर तिवारी को सोशल मीडिया प्रभारी, रामबहादुर पाल को जिम्मेदारी, लल्लू सिंह अघोधर और सुनील कुमार अवस्थी को सचिव बनाया गया। वहीं धरम सिंह यादव एवं बाबू सिंह यादव को बेंसंडी का ग्राम अध्यक्ष बनाया गया। रामबाबू सविता को भी संगठन में शामिल किया गया।
ये पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री रामदत्त मिश्रा, प्रदेश सचिव, जिलाध्यक्ष मधुसूदन तिवारी, युवा जिला अध्यक्ष कल्लू सिंह मंडासराय, महिला जिलाध्यक्ष रिंकी जायसवाल, जिला संरक्षक राजू सिंह, जिला संगठन मंत्री मोहब सिंह, जिला उपाध्यक्ष अमित तिवारी सहित लक्ष्मी चन्द आर्या, शिव प्रकाश तिवारी, हरीश सविता, दिक्षु प्रजापति, हरिसिंह और अमित पाल मौजूद रहे।
बैठक के समापन पर संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करने की बात कही। संगठन का कहना है कि किसानों को खाद की उपलब्धता और धान खरीद जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए, जिससे खेती-किसानी का काम प्रभावित न हो।

