दिवंगत पत्रकार शोभित पांडेय के परिवार को एसपी ने दी 5.51 लाख की आर्थिक मदद, परिजनों को बंधाया ढांढस

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रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी

संतकबीरनगर। वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय शोभित पांडेय के आकस्मिक निधन से पत्रकारिता जगत और क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस दुख की घड़ी में संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर न केवल दिवंगत पत्रकार को श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि परिवार को आर्थिक सहायता देकर मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल भी पेश की।

गुरुवार को दिवंगत पत्रकार शोभित पांडेय के निधन के दूसरे दिन पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा उनके पैतृक गांव विश्वनाथपुर पहुंचे। यहां उन्होंने स्वर्गीय शोभित पांडेय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने शोकाकुल परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया।

परिवार के बीच पहुंचकर पुलिस अधीक्षक भी भावुक हो उठे। उन्होंने दिवंगत पत्रकार के पिता लालजी और उनकी पत्नी को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में पुलिस और प्रशासन परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि परिवार को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

एसपी ने सौंपी 5 लाख 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता

इस दौरान पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने पुलिस विभाग की ओर से दिवंगत पत्रकार के परिजनों को 5 लाख 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की। यह सहायता परिवार के लिए मुश्किल समय में एक बड़ा संबल साबित हो सकती है। एसपी ने कहा कि शोभित पांडेय केवल एक पत्रकार नहीं थे, बल्कि समाज के पीड़ित, शोषित और प्रताड़ित लोगों की बुलंद आवाज थे।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शोभित पांडेय निर्भीक, निष्पक्ष और समर्पित पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही पुलिस विभाग के अच्छे कार्यों को भी अपनी खबरों में स्थान दिया। वहीं, जहां विभाग की कमियां सामने आईं, वहां उन्होंने उन्हें भी निष्पक्षता के साथ उजागर किया। इससे पुलिस विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने का अवसर मिलता था।

दिवंगत पत्रकार की बेटी को नौकरी दिलाने का दिया भरोसा

मुलाकात के दौरान दिवंगत पत्रकार की पुत्री ने परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी विभाग में नौकरी दिलाने की मांग रखी। इस पर पुलिस अधीक्षक ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी से बातचीत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस संबंध में जल्द ही उचित पहल की जाएगी।

इसके अलावा एसपी ने दिवंगत पत्रकार की बेटी को आश्वस्त किया कि उन्हें अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग और प्रेरणा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि परिवार को अकेला महसूस करने की जरूरत नहीं है। पुलिस प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा।

पत्रकार संगठनों ने पुलिस की मानवीय पहल को सराहा

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा की इस पहल की पत्रकार संगठनों और स्थानीय लोगों ने सराहना की। पत्रकार समुदाय ने कहा कि किसी पत्रकार के निधन के बाद उसके परिवार की जिम्मेदारी और जरूरतों को समझते हुए पुलिस विभाग की ओर से की गई यह पहल सराहनीय है। इससे पुलिस और पत्रकारिता जगत के बीच आपसी सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश भी गया है।

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता केडी यादव भी दिवंगत पत्रकार के पैतृक आवास पहुंचे। उन्होंने शोभित पांडेय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिजनों को सांत्वना प्रदान की। साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता देते हुए हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।

कई पुलिस अधिकारी और वरिष्ठ पत्रकार रहे मौजूद

श्रद्धांजलि सभा के दौरान क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा, इंस्पेक्टर महुली हरेंद्र पाठक, इंस्पेक्टर खलीलाबाद जय प्रकाश दुबे सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार विजय मिश्रा, अरुण शाही, राजेश कुमार, उज्ज्वल तिवारी, धनुषधर पांडेय, आनंद पांडेय, अकरम खान, नियाज अहमद, विनोद दुबे, खगेन्द्र मिश्रा, लालचंद दुसाध सहित तमाम पत्रकारों ने भी दिवंगत पत्रकार को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस दौरान सभी ने स्वर्गीय शोभित पांडेय के पत्रकारिता जीवन और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया। साथ ही शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया।

निश्चित रूप से पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा की ओर से दी गई आर्थिक सहायता और परिवार को सहयोग का भरोसा पुलिस विभाग की मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह पहल इस बात का संदेश भी देती है कि समाज के लिए समर्पित रहने वाले लोगों के परिवारों के साथ दुख की घड़ी में खड़ा होना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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