घाटमपुर में पुश्तैनी मकान पर कब्जे की कोशिश का आरोप, विधवा महिला ने एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार
रिपोर्ट – शुभम साहू
घाटमपुर : घाटमपुर कस्बे के शिवपुरी पूर्वी मोहल्ले में पुश्तैनी मकान को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। एक विधवा महिला ने कुछ लोगों पर मकान की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से अवैध रूप से निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि जब उसने निर्माण कार्य का विरोध किया तो आरोपितों ने उसके साथ गाली-गलौज की और मारपीट करने पर आमादा हो गए। इतना ही नहीं, महिला ने जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़िता ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) घाटमपुर को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
महिला ने प्रशासन से संबंधित निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। वहीं, शिकायत सामने आने के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर पीड़िता की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
पुश्तैनी मकान को लेकर सामने आया विवाद
शिकायती प्रार्थना पत्र के मुताबिक, शिवपुरी पूर्वी मोहल्ला निवासी मीनू गुप्ता पत्नी स्वर्गीय कुंज बिहारी गुप्ता ने बताया कि वह विधवा हैं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखती हैं। उनका कहना है कि जिस मकान को लेकर विवाद चल रहा है, वह उनके परिवार का पुराना पुश्तैनी मकान है। इस मकान से उनके परिवार का लंबे समय से जुड़ाव रहा है।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में मकान से जुड़े पुराने घटनाक्रम का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, उनके ससुर के समय संतो पत्नी नानालुम को रहने के लिए मकान में कुछ जगह दी गई थी। उस समय आपसी सहमति से यह तय हुआ था कि संतो को केवल उनके जीवित रहने तक ही वहां रहने की अनुमति रहेगी। इसके बाद उनकी मृत्यु होने पर संबंधित जगह खाली कर दी जाएगी।
मीनू गुप्ता का आरोप है कि उस समय की सहमति के बावजूद अब मकान की जमीन को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। उनका कहना है कि कुछ लोग पुश्तैनी मकान की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से निर्माण कार्य करा रहे हैं।
विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, जब उन्होंने संबंधित निर्माण कार्य का विरोध करते हुए अपनी आपत्ति जताई तो विपक्षी पक्ष के लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और मारपीट करने पर आमादा हो गए। इसके साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
महिला का कहना है कि वह पहले से ही आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों से जूझ रही हैं। ऐसे में मकान को लेकर उत्पन्न विवाद ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं। उन्हें आशंका है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य नहीं रुकवाया गया तो उनके परिवार को अपने पुश्तैनी मकान की जमीन से संबंधित अधिकारों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
एसडीएम से निर्माण कार्य रुकवाने की मांग
मामले में पीड़िता मीनू गुप्ता ने उपजिलाधिकारी घाटमपुर को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि विवादित स्थल पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया जाए और जमीन से जुड़े दस्तावेजों एवं पुराने समझौते की जांच कराई जाए।
इसके अलावा महिला ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप करे, ताकि विवाद आगे न बढ़े और किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
प्रशासनिक जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
पुश्तैनी संपत्ति को लेकर सामने आया यह मामला अब प्रशासन के समक्ष पहुंच गया है। ऐसे मामलों में संबंधित जमीन के स्वामित्व दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों और पूर्व में हुए किसी समझौते की जांच महत्वपूर्ण होती है। इसलिए शिकायत के आधार पर निष्पक्ष जांच कराकर दोनों पक्षों का पक्ष सुनना आवश्यक है।
फिलहाल, पीड़िता की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि एसडीएम घाटमपुर इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित महिला को कब तक राहत मिलती है।

