बिजनौर में ट्रक से 327 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद, नमक के कट्टों में छिपाकर हो रही थी तस्करी; दो गिरफ्तार
रिपोर्ट – तबिश मिर्जा
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चांदपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ट्रक से 327 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए शराब को नमक के कट्टों के बीच विशेष रूप से बनाए गए बॉक्स में छिपा रखा था। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक और क्लीनर को गिरफ्तार कर लिया है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 25 से 30 लाख रुपये बताई जा रही है।
नमक के कट्टों के बीच छिपाकर ले जाई जा रही थी शराब
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिले में अवैध शराब की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि एक ट्रक के माध्यम से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए संबंधित क्षेत्र में कार्रवाई की और संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिसकर्मी भी उस समय हैरान रह गए, जब ट्रक में रखे नमक के कट्टों के बीच शराब छिपाकर ले जाने का तरीका सामने आया। तस्करी में शामिल लोगों ने नमक के कट्टों के अंदर विशेष बॉक्स तैयार किए थे, जिनमें अंग्रेजी शराब की पेटियां रखी गई थीं। इस तरह सामान्य माल परिवहन की आड़ में अवैध शराब को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
327 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद
पुलिस की तलाशी में ट्रक से कुल 327 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद शराब की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी को जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस ने शराब के साथ ट्रक को भी अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे किन स्थानों पर पहुंचाया जाना था।
चंडीगढ़ से बिहार ले जाई जा रही थी शराब
प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अपने मुख्य व्यक्ति विकास के कहने पर शराब को चंडीगढ़ से बिहार की ओर ले जा रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनिल कुमार पांडे पुत्र चंद्रमा पांडे और शीशपाल कुशवाहा पुत्र छोटे लाल के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, अनिल कुमार पांडे ट्रक चालक के रूप में काम करता था, जबकि शीशपाल कुशवाहा क्लीनर की जिम्मेदारी संभाल रहा था। दोनों कथित तौर पर शराब की खेप को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने के लिए ट्रक में सवार थे। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के चलते उनकी यह कोशिश सफल नहीं हो सकी।
आबकारी से जुड़े आपराधिक इतिहास की जांच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों का पूर्व आपराधिक इतिहास आबकारी से संबंधित बताया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इसी तरह नमक के कट्टों या अन्य सामान की आड़ में अवैध शराब की तस्करी कर चुके हैं।
इसके अलावा, पुलिस मुख्य आरोपी बताए जा रहे विकास की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब की इस खेप को कहां से खरीदा गया था, इसके परिवहन में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा बिहार में इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी।
दोनों आरोपियों को भेजा गया जेल
पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की है। पूछताछ और जांच के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। वहीं, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस संबंध में एसपी ग्रामीण गौतम राय ने बताया कि जिले में अवैध शराब के कारोबार और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि चांदपुर थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान ट्रक से 327 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई है और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र शराब की आपूर्ति करने वाले लोगों, परिवहन के पूरे नेटवर्क और इस कारोबार से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों तक पहुंचना है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

