अमरोहा: 15 नवंबर से शुरू होगा ऐतिहासिक तिगरी गंगा मेला, 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

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रिपोर्ट – इकबाल अंसारी

अमरोहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध ऐतिहासिक तिगरी गंगा मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 15 नवंबर से शुरू होने वाले इस धार्मिक मेले में इस बार 35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य और यातायात समेत तमाम व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने मेला स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।

डीएम और एसपी ने लिया तैयारियों का जायजा

तिगरी गंगा मेले को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार सक्रिय हैं। गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने मेला क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से अब तक हुए कार्यों की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले से जुड़े सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। साथ ही, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी कार्य में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

24 सेक्टर और 22 स्नान घाट बनाए जा रहे

इस बार तिगरी गंगा मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। मेला क्षेत्र को व्यवस्थित रखने के लिए कुल 24 सेक्टर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए 22 स्नान घाट तैयार किए जा रहे हैं।

प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए घाटों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। वहीं, मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की जरूरतों को देखते हुए स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

करीब चार हजार शौचालय और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम

मेले में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करीब चार हजार अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही महिलाओं की सुविधा और निजता को ध्यान में रखते हुए चेंजिंग रूम भी बनाए जा रहे हैं।

इसके अलावा अग्निशमन केंद्र और मेला कोतवाली की स्थापना की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी तैयारियां की जा रही हैं। इन इंतजामों का उद्देश्य मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

मेले में शुरू हुई झूले और मनोरंजन की तैयारियां

धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ तिगरी गंगा मेला अपने पारंपरिक स्वरूप और मनोरंजन की गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। इस बार भी मेले में मनोरंजन के लिए झूले लगाने का काम शुरू हो गया है। धीरे-धीरे मेला स्थल पर दुकानें, मनोरंजन के साधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं आकार लेने लगी हैं।

इससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक गतिविधियों के साथ पारंपरिक मेले का आनंद भी मिल सकेगा। हालांकि, प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मनोरंजन और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

समय से काम पूरा कराने के निर्देश

जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। मेला शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, जिससे अंतिम समय में किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। वहीं, पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने भी मेले के दौरान सुरक्षा संबंधी इंतजामों का जायजा लिया।

गौरतलब है कि तिगरी गंगा मेला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस वर्ष 35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन के अनुमान को देखते हुए प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है।

फिलहाल, जिला प्रशासन का लक्ष्य 15 नवंबर से शुरू होने वाले मेले से पहले सभी तैयारियां पूरी करना है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में गंगा स्नान कर सकें और धार्मिक मेले का आनंद उठा सकें।

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