DPS मेरठ में आयोजित किया गया रजत जयंती समारोह: राज्यपाल आचार्य देवव्रत की मौजूदगी में विद्यार्थियों ने बिखेरे प्रतिभा के रंग,,,
रिपोर्ट – मनीष पाराशर
मेरठ: दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) मेरठ ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती समारोह बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाया। इस विशेष अवसर पर विद्यालय परिसर में शिक्षा, संस्कृति, कला और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला। समारोह में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद मंगलाचरण के साथ समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई।
कार्यक्रम की मुख्य थीम ‘कहानियां जीवंत हो उठती हैं’ रखी गई थी। इस विषय के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी अभिनय क्षमता, नृत्य, संगीत और संवाद कला का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि कहानियों के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण संदेश भी दिए। इस दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
‘कहानियां जीवंत हो उठती हैं’ थीम पर विद्यार्थियों की आकर्षक प्रस्तुतियां
रजत जयंती समारोह का सबसे खास आकर्षण विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। विद्यालय के बच्चों ने विभिन्न प्रसिद्ध कहानियों और लोकप्रिय पात्रों को मंच पर जीवंत कर दिया। इसके लिए उन्होंने अभिनय, नृत्य, संगीत, संवाद और नाट्य-अभिव्यक्ति का सहारा लिया।
कार्यक्रम में प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। अलग-अलग कहानियों के पात्रों को जिस आत्मविश्वास और कलात्मक अंदाज में मंच पर प्रस्तुत किया गया, उसने दर्शकों को काफी प्रभावित किया।
वहीं, मंच की साज-सज्जा, संगीत और विद्यार्थियों की सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। अभिभावकों और अतिथियों ने बच्चों की मेहनत तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने विद्यार्थियों को दिया संस्कारों का संदेश
समारोह के मुख्य अतिथि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं है, बल्कि बच्चों के भीतर अच्छे संस्कार, अनुशासन और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही प्रकृति के प्रति प्रेम और पर्यावरण के संरक्षण के महत्व पर भी विशेष बल दिया।
राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उनके अनुसार, एक अच्छे विद्यार्थी की पहचान केवल उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि उसके व्यवहार, विचारों और सामाजिक जिम्मेदारियों से भी होती है।
उन्होंने बच्चों को जीवन में निरंतर सीखने, अनुशासन बनाए रखने और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
प्रधानाचार्य मनीष सेकसरिया ने साझा किया 25 वर्षों का सफर
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मनीष सेकसरिया ने दिल्ली पब्लिक स्कूल मेरठ की 25 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि विद्यालय ने अपनी स्थापना से लेकर अब तक शिक्षा के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। इस पूरी यात्रा में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को हमेशा प्राथमिकता दी गई है।
प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और मानवीय मूल्यों से भी जोड़ना रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक, रचनात्मक और सह-पाठ्यक्रमीय उपलब्धियां विद्यालय की प्रगति का महत्वपूर्ण प्रमाण हैं। विद्यालय में पढ़ाई के साथ खेल, कला, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों को भी प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि बच्चे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें।
उन्होंने इस विशेष अवसर पर विद्यालय की प्रगति में योगदान देने वाले शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और प्रबंधन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक विकास पर जोर
DPS मेरठ का रजत जयंती समारोह इस बात का उदाहरण रहा कि विद्यालयों में शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
दरअसल, मंच पर प्रस्तुति देने से बच्चों में आत्मविश्वास, संवाद कौशल, सामूहिक सहयोग और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। इसके अलावा, कहानियों और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थी सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए समारोह की थीम को रचनात्मक स्वरूप दिया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह दिखाया कि कहानियां केवल पढ़ने और सुनने तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि उन्हें अभिनय और कला के माध्यम से जीवंत भी किया जा सकता है।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस भव्य आयोजन में विद्यालय प्रबंधन समिति और शैक्षणिक टीम के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। इनमें प्रबंधन समिति की सदस्या डॉ. सुदीप्ता घोष, सह-उपाध्यक्षा शशि सिंह, प्रबंधक अतुल कुमार सिंह, स्काउट निर्देशिका अनुमेहा सिंह, सुवेता सिंह और उप-प्रधानाचार्य डॉ. वर्षा भारद्वाज शामिल रहीं।
इसके अलावा विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक, सहयोगी स्टाफ और अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
सभी के सामूहिक सहयोग और विद्यार्थियों की मेहनत से रजत जयंती समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने विद्यालय की 25 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा को यादगार बनाने के साथ-साथ भविष्य में शिक्षा, संस्कार और रचनात्मकता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संदेश भी दिया।
इस प्रकार DPS मेरठ का रजत जयंती समारोह केवल एक वार्षिकोत्सव नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, भारतीय संस्कृति, शिक्षा और मानवीय मूल्यों को समर्पित एक यादगार आयोजन बन गया।

