15 दिसंबर से मोटर इंश्योरेंस के नियमों में होगा बड़ा बदलाव, चार हिस्सों में बंटेगा बीमा कवर

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DigitalUPNews

नई दिल्ली। देशभर में मोटर वाहन बीमा से जुड़े नियमों में 15 दिसंबर से बड़ा बदलाव होने की जानकारी सामने आई है। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) के नए प्रावधानों के तहत मोटर इंश्योरेंस को चार अलग-अलग हिस्सों में व्यवस्थित किया जाएगा। इसका उद्देश्य वाहन मालिकों और चालकों को बीमा कवरेज के विकल्पों को बेहतर तरीके से समझाना और बीमा पॉलिसी में पारदर्शिता बढ़ाना है। नए नियमों के तहत अब वाहन चालकों को यह स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि कौन-सा बीमा अनिवार्य है और कौन-सा अपनी जरूरत के अनुसार लिया जा सकता है।

दरअसल, मोटर इंश्योरेंस हर वाहन मालिक के लिए महत्वपूर्ण होता है। सड़क पर वाहन चलाते समय दुर्घटना, तीसरे पक्ष को नुकसान और वाहन चोरी जैसी परिस्थितियों में बीमा आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। हालांकि, कई बार वाहन मालिकों को अपनी पॉलिसी में शामिल अलग-अलग कवर और उनके शुल्क की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसे में नए प्रावधानों से बीमा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

चार हिस्सों में व्यवस्थित होगा मोटर इंश्योरेंस

बताए गए नए प्रावधानों के अनुसार मोटर इंश्योरेंस को चार प्रमुख श्रेणियों में बांटा जाएगा। इनमें चालक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस, अपनी गाड़ी को होने वाले नुकसान का बीमा और वाहन में सवार अन्य यात्रियों का दुर्घटना बीमा शामिल होगा।

इस व्यवस्था के तहत वाहन चालक के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में चालक को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। वहीं, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस भी अनिवार्य रहेगा। यानी सड़क पर वाहन चलाने के लिए वाहन मालिक को थर्ड पार्टी बीमा कराना जरूरी होगा।

इसके अलावा, अपनी गाड़ी को होने वाले नुकसान और चोरी से सुरक्षा देने वाला बीमा वैकल्पिक रखा जाएगा। वाहन मालिक अपनी आर्थिक स्थिति, वाहन की कीमत और जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह अतिरिक्त कवरेज ले सकेंगे।

थर्ड पार्टी बीमा रहेगा अनिवार्य

मोटर वाहन अधिनियम के तहत थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पहले से ही अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में किसी दूसरे व्यक्ति, वाहन या संपत्ति को होने वाले नुकसान की स्थिति में बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

उदाहरण के तौर पर यदि किसी वाहन से दुर्घटना हो जाती है और किसी अन्य व्यक्ति या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो थर्ड पार्टी बीमा निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार मुआवजे की जिम्मेदारी संभालने में मदद करता है।

इसलिए वाहन मालिकों के लिए इस बीमा को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा। बिना वैध थर्ड पार्टी बीमा के वाहन चलाना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।

अपनी गाड़ी का नुकसान और चोरी का बीमा होगा वैकल्पिक

नए बदलावों में अपनी गाड़ी को होने वाले नुकसान और चोरी के बीमा को वैकल्पिक रखने की बात कही गई है। इसे सामान्य तौर पर ओन डैमेज (Own Damage) कवर कहा जाता है।

इस कवरेज के माध्यम से वाहन मालिक अपनी गाड़ी को दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा और चोरी जैसी परिस्थितियों में होने वाले नुकसान से सुरक्षित कर सकते हैं। हालांकि, यह कवरेज अनिवार्य नहीं होगा और वाहन मालिक अपनी जरूरत के अनुसार इसे चुन सकेंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार नई या महंगी गाड़ी रखने वाले लोगों के लिए ओन डैमेज कवर उपयोगी साबित हो सकता है। वहीं, पुराने वाहन के मालिक अपनी जरूरत और बीमा प्रीमियम को ध्यान में रखकर फैसला कर सकते हैं।

पीछे बैठने वाले यात्रियों का बीमा वैकल्पिक

वाहन में चालक के अलावा बैठने वाले अन्य यात्रियों के दुर्घटना बीमा को वैकल्पिक रखने की जानकारी भी दी गई है। इसमें कार में पीछे बैठने वाले यात्रियों सहित अन्य सवारियों को शामिल किया जा सकता है।

इसका मतलब है कि वाहन मालिक अपनी जरूरत के अनुसार यात्रियों के लिए अतिरिक्त दुर्घटना कवरेज का विकल्प चुन सकेंगे। हालांकि, पॉलिसी लेते समय इसके नियम, कवरेज की सीमा और लागू शर्तों को समझना जरूरी होगा।

बीमा कंपनियों को बतानी होगी हर कवर की पूरी जानकारी

नए प्रावधानों का एक महत्वपूर्ण पहलू बीमा कंपनियों की जवाबदेही और पारदर्शिता से जुड़ा है। इसके तहत बीमा कंपनियों को प्रत्येक कवरेज और उसके लिए लिए जाने वाले शुल्क की जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी।

इससे ग्राहकों को यह समझने में आसानी होगी कि वे किस सुविधा के लिए कितना भुगतान कर रहे हैं। साथ ही, बीमा पॉलिसी खरीदते समय अनावश्यक कवरेज या अतिरिक्त शुल्क को लेकर भ्रम की स्थिति कम हो सकती है।

इसके अलावा, ऑनलाइन माध्यम से बीमा खरीदने वाले ग्राहकों को भी सभी जरूरी जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पॉलिसी खरीदने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

अतिरिक्त कवरेज के लिए पॉलिसी रद्द कराने की जरूरत नहीं

बताए गए बदलावों में एक और राहत की बात यह है कि अतिरिक्त कवरेज लेने के लिए वाहन मालिकों को अपनी मौजूदा थर्ड पार्टी पॉलिसी रद्द कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे ग्राहकों को अपनी मौजूदा बीमा व्यवस्था के साथ जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा जोड़ने में सुविधा मिल सकती है।

वाहन मालिकों को क्या करना चाहिए?

कुल मिलाकर, मोटर इंश्योरेंस से जुड़े ये बदलाव वाहन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, पॉलिसी खरीदने या उसका नवीनीकरण कराने से पहले ग्राहकों को बीमा कंपनी से लागू नियमों, प्रीमियम, कवरेज और अपवादों की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।

विशेष रूप से यह समझना जरूरी होगा कि कौन-सा बीमा कानूनी रूप से अनिवार्य है और कौन-सा अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उपलब्ध है। इससे वाहन मालिक अपनी जरूरत के अनुसार सही पॉलिसी चुन सकेंगे और भविष्य में आर्थिक जोखिम को कम कर पाएंगे।

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