राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ओडिशा दौरा, कटक में विश्वविद्यालय का उद्घाटन और मंदिरों में करेंगी दर्शन
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 3 से 5 अगस्त 2026 तक ओडिशा के दौरे पर रहेंगी। राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर राज्य प्रशासन और संबंधित विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी और विभिन्न धार्मिक एवं शैक्षणिक स्थलों का दौरा करेंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ओडिशा से विशेष जुड़ाव रहा है। वह स्वयं ओडिशा से आती हैं, इसलिए उनके राज्य दौरे को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
इस यात्रा का उद्देश्य शिक्षा, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े कार्यक्रमों में सहभागिता करना है।
3 अगस्त को कटक में विश्वविद्यालय का करेंगी उद्घाटन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने दौरे के पहले दिन यानी 3 अगस्त 2026 को कटक पहुंचेंगी। यहां वह जगदगुरु कृपालु विश्वविद्यालय का औपचारिक उद्घाटन करेंगी।
यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, शोध और कौशल विकास के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति के हाथों विश्वविद्यालय का उद्घाटन राज्य में शिक्षा के विस्तार और ज्ञान आधारित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
इसके अलावा, कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति शिक्षा के महत्व, युवाओं की भूमिका और देश के विकास में उच्च शिक्षण संस्थानों के योगदान पर अपने विचार भी रख सकती हैं।
शिक्षा क्षेत्र को मिलेगा नया प्रोत्साहन
भारत में उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे समय में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती है।
जगदगुरु कृपालु विश्वविद्यालय का उद्घाटन भी इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। विश्वविद्यालय के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में अध्ययन और शोध के अवसर मिलेंगे।
इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु लगातार शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं व्यक्त करती रही हैं। ऐसे में यह कार्यक्रम उनके दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
4 अगस्त को रेल मार्ग से बरहमपुर पहुंचेंगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति अपने ओडिशा दौरे के दूसरे दिन 4 अगस्त 2026 को रेल मार्ग से यात्रा करेंगी। वह भुवनेश्वर से बरहमपुर पहुंचेंगी।
यह यात्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि राष्ट्रपति द्वारा रेल मार्ग से किया जाने वाला यह दौरा आम लोगों और क्षेत्रीय विकास से जुड़ाव को भी दर्शाता है।
बरहमपुर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति तप्तपानी क्षेत्र जाएंगी। यहां वह धार्मिक स्थलों पर दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी।
मां कंधुनी देवी मंदिर और शिव मंदिर में करेंगी दर्शन
ओडिशा दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तप्तपानी स्थित मां कंधुनी देवी मंदिर और शिव मंदिर में दर्शन करेंगी। इस दौरान वह पूजा-अर्चना और आरती में शामिल होंगी।
धार्मिक स्थलों पर राष्ट्रपति का जाना ओडिशा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से उनके जुड़ाव को दर्शाता है।
ओडिशा अपनी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। यहां कई प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जिनका ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है।
राष्ट्रपति के मंदिर दर्शन कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारियां की जा रही हैं।
ओडिशा से राष्ट्रपति का गहरा संबंध
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ओडिशा से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। राष्ट्रपति बनने के बाद भी वह कई अवसरों पर राज्य का दौरा कर चुकी हैं।
उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का उदाहरण माना जाता है। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर लोगों और संस्थानों से संवाद किया है।
ओडिशा दौरे के दौरान भी उनका कार्यक्रम शिक्षा, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए ओडिशा सरकार और स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, जिन स्थानों पर राष्ट्रपति का कार्यक्रम प्रस्तावित है, वहां व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जा रही है।
राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के दौरे के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा जाता है।
संस्कृति और विकास को जोड़ने वाली यात्रा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह ओडिशा दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की शिक्षा, संस्कृति और धार्मिक विरासत से जुड़ा हुआ है।
एक ओर जहां वह नए विश्वविद्यालय का उद्घाटन कर शिक्षा के क्षेत्र को प्रोत्साहन देंगी, वहीं दूसरी ओर धार्मिक स्थलों पर जाकर राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ेंगी।
इस प्रकार यह यात्रा विकास और विरासत दोनों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण यात्रा के रूप में देखी जा रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 3 से 5 अगस्त 2026 तक होने वाला ओडिशा दौरा राज्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान वह कटक में जगदगुरु कृपालु विश्वविद्यालय का उद्घाटन करेंगी और बरहमपुर व तप्तपानी क्षेत्र में धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगी।
शिक्षा, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े इस दौरे से ओडिशा में सकारात्मक संदेश जाने की उम्मीद है। वहीं, राष्ट्रपति की यात्रा राज्य के विकास और विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने में भी सहायक होगी।

