फतेहपुर में वैदिक मंत्रों की गूंज से पांच वर्षीय आर्या ने बनाई खास पहचान, लाइव कार्यक्रम के लिए हुआ चयन

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रिपोर्ट- अशोक सिंह 

किशनपुर/फतेहपुर। महज पांच वर्ष की उम्र में वैदिक मंत्रों और संस्कृत श्लोकों का प्रभावशाली उच्चारण कर अपनी प्रतिभा से लोगों का ध्यान आकर्षित करने वाली किशनपुर कस्बे की नन्हीं प्रतिभा आर्या अग्रवाल ने जिले का नाम रोशन किया है। आर्या की संस्कृत और वैदिक मंत्रों से जुड़ी प्रतिभा को देखते हुए उनका चयन भारतीय संस्कृति फाउंडेशन के तहत आयोजित होने वाले ‘संस्कृति कलारंग’ कार्यक्रम के लिए किया गया है। इसके अलावा, दिव्या टीवी चैनल ने भी आर्या को अपने लाइव कार्यक्रम के लिए चयनित किया है।

आर्या के परिवार और स्थानीय लोगों के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि इतनी कम उम्र में वह जिस आत्मविश्वास के साथ वैदिक मंत्रों और संस्कृत श्लोकों का उच्चारण करती हैं, वह लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए अब उनका नाम उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान के लिए भेजे जाने की तैयारी भी की जा रही है।

वैदिक मंत्रों और संस्कृत श्लोकों का करती हैं प्रभावशाली उच्चारण

किशनपुर की रहने वाली आर्या अग्रवाल को बचपन से ही संस्कृत, वैदिक मंत्रों और भारतीय संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों में विशेष रुचि है। मात्र पांच वर्ष की आयु में वह कई वैदिक मंत्रों के साथ गणेश स्तुति, शिव तांडव और विभिन्न संस्कृत श्लोकों का आत्मविश्वास के साथ उच्चारण करती हैं।

विशेष बात यह है कि आर्या मंत्रों और श्लोकों का उच्चारण स्पष्टता तथा लय के साथ करती हैं। मंच पर प्रस्तुति देते समय उनका आत्मविश्वास भी लोगों को प्रभावित करता है। यही कारण है कि स्थानीय स्तर पर उनकी प्रतिभा की चर्चा होने के साथ-साथ अब उन्हें बड़े मंचों पर अपनी कला प्रस्तुत करने के अवसर मिलने लगे हैं।

आर्या की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं, किशनपुर कस्बे के लोग भी नन्हीं प्रतिभा की सफलता पर उत्साहित हैं। लोगों का कहना है कि आर्या ने बेहद कम उम्र में भारतीय संस्कृति और संस्कृत परंपरा से जुड़ी अपनी प्रतिभा का परिचय देकर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

‘संस्कृति कलारंग’ कार्यक्रम में दिखाएंगी प्रतिभा

भारतीय संस्कृति फाउंडेशन के तहत आयोजित होने वाले संस्कृति कलारंग कार्यक्रम में आर्या को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, संगीत, नृत्य, भक्ति और कला से जुड़ी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।

आर्या का चयन इस कार्यक्रम के लिए होना उनके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। साथ ही, उनके वैदिक मंत्रों और संस्कृत श्लोकों के उच्चारण को अधिक लोगों तक पहुंचाने का अवसर भी मिलेगा।

इसके अलावा, दिव्या टीवी चैनल की ओर से आर्या का लाइव कार्यक्रम के लिए चयन किया जाना भी उनकी प्रतिभा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे आर्या को अपनी कला और संस्कृत से जुड़ी प्रस्तुतियों को बड़े दर्शक वर्ग के सामने रखने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान के लिए भेजा जाएगा नाम

आर्या की प्रतिभा को देखते हुए उनका नाम उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान के लिए भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। यदि उनका नाम इस सम्मान के लिए विचाराधीन प्रक्रिया में शामिल होता है, तो यह उनके परिवार और पूरे फतेहपुर जिले के लिए गर्व का विषय होगा।

हालांकि, सम्मान की अंतिम प्रक्रिया और चयन संबंधित संस्थाओं के स्तर पर तय किया जाएगा। फिलहाल आर्या की प्रतिभा को लेकर परिवार और क्षेत्र के लोगों में उत्साह है।

जिलाधिकारी ने गोद में लेकर बढ़ाया नन्हीं प्रतिभा का हौसला

शुक्रवार को फतेहपुर की जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स ने भी आर्या अग्रवाल की प्रतिभा की सराहना की। इस दौरान जिलाधिकारी ने नन्हीं आर्या को गोद में लेकर उनका उत्साह बढ़ाया और शुभकामनाएं दीं।

जिलाधिकारी ने आर्या की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें जनपद की प्रतिभा बताया। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में आर्या द्वारा संस्कृत और वैदिक मंत्रों की प्रस्तुति करना सराहनीय है। उन्होंने आर्या के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया।

जिलाधिकारी से प्रोत्साहन मिलने के बाद आर्या और उनके परिवार का उत्साह और बढ़ गया है। परिवार का कहना है कि बेटी को बचपन से ही संस्कृत और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों में रुचि रही है और वह लगातार अभ्यास करती रही हैं।

परिवार को बेटी की उपलब्धि पर गर्व

आर्या के परिवार के अनुसार, बेटी की रुचि को देखते हुए उसे कम उम्र से ही संस्कृत श्लोकों और वैदिक मंत्रों का अभ्यास कराया गया। धीरे-धीरे आर्या ने इन मंत्रों और श्लोकों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करना शुरू किया। परिवार का प्रयास है कि आर्या को आगे भी ऐसे मंच मिलें, जहां वह अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित कर सके।

वर्तमान में आर्या का चयन लाइव कार्यक्रम के लिए होने के साथ-साथ संस्कृति कलारंग जैसे मंच पर प्रस्तुति का अवसर मिलना परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान के लिए नाम भेजे जाने की तैयारी ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया है।

नन्हीं प्रतिभा के लिए बड़ी उपलब्धि

आर्या अग्रवाल की कहानी यह दर्शाती है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। यदि बच्चों की रुचि को पहचाना जाए और उन्हें उचित मार्गदर्शन तथा मंच मिले, तो वे कम उम्र में भी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।

आर्या की वैदिक मंत्रों और संस्कृत श्लोकों से जुड़ी प्रतिभा न केवल उनके परिवार के लिए खुशी का विषय है, बल्कि किशनपुर और फतेहपुर के लोगों के लिए भी गौरव की बात है। अब सभी की निगाहें उनके आगामी लाइव कार्यक्रम और संस्कृति कलारंग में होने वाली प्रस्तुति पर टिकी हैं। उम्मीद है कि आर्या आने वाले समय में भी अपनी प्रतिभा से भारतीय संस्कृति और संस्कृत परंपरा को मंचों तक पहुंचाने का काम जारी रखेंगी।

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