नवमी पर सरसैया घाट में मातृशक्तियां करेंगी महा तर्पण, अजन्मी बेटियों और शहीदों के लिए होगा तर्पण

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रिपोर्ट – हरिशंकर शर्मा

कानपुर, 2 अक्टूबर। पितृपक्ष के अवसर पर कानपुर के सरसैया घाट पर आगामी 4 अक्टूबर को एक विशेष महा तर्पण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में मातृशक्तियां धार्मिक परंपरा के अनुसार तर्पण करेंगी। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण गर्भ में ही मारी गई अजन्मी बेटियों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के लिए किया जाने वाला तर्पण एवं पिंडदान होगा। इसके साथ ही देहदानियों और अमर शहीदों के लिए भी जलदान एवं तर्पण किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में महिलाओं की धार्मिक भागीदारी और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास है। कार्यक्रम का आयोजन युग दधीचि संस्थान की ओर से किया जा रहा है। संस्थान की ओर से वर्ष 2011 से पितृपक्ष के दौरान सार्वजनिक रूप से तर्पण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।

महिलाओं की धार्मिक भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास

महा तर्पण कार्यक्रम के संयोजक मनोज सेंगर ने शुक्रवार को विरहाना रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामान्य रूप से महिलाओं के तर्पण करने को लेकर समाज में अलग-अलग मान्यताएं और धारणाएं प्रचलित रही हैं। ऐसे में महिलाओं की ओर से सार्वजनिक रूप से तर्पण का आयोजन वैदिक परंपरा में महिलाओं की भूमिका और अधिकारों की स्मृति को सामने लाने का एक प्रयास है।

उन्होंने बताया कि युग दधीचि संस्थान पिछले कई वर्षों से पितृपक्ष के दौरान इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। संस्थान का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी जोड़ना है। इसी क्रम में इस बार अजन्मी बेटियों, देहदानियों और अमर शहीदों के लिए तर्पण किया जाएगा।

4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे शुरू होगा कार्यक्रम

आयोजकों के मुताबिक महा तर्पण कार्यक्रम 4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे सरसैया घाट पर शुरू होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व महापौर जगतवीर सिंह द्रोण और विधायक नीलिमा कटियार दीप प्रज्ज्वलित करके करेंगे। इसके बाद निर्धारित धार्मिक विधि-विधान के साथ मुख्य पूजन संपन्न कराया जाएगा।

मुख्य पूजन की जिम्मेदारी नंदिता मिश्रा, भावना महाना और डॉ. अलका दीक्षित संभालेंगी। वहीं, देवपूजन महिला आयोग की सदस्य डॉ. अनीता गुप्ता, डॉ. सीमा श्रीवास्तव और साधना महाना द्वारा किया जाएगा।

इसके अलावा कार्यक्रम में शहर की कई विदुषी महिलाएं और गायत्री परिवार से जुड़ी बहनें भी शामिल होंगी। वे सामूहिक रूप से तर्पण कार्यक्रम में भाग लेंगी। आयोजकों का कहना है कि बड़ी संख्या में मातृशक्तियों की भागीदारी इस आयोजन को विशेष बनाएगी।

अजन्मी बेटियों के लिए तर्पण का विशेष आयोजन

कार्यक्रम में गर्भ में ही मारी गई अजन्मी बेटियों के लिए तर्पण और पिंडदान विशेष रूप से किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इसके माध्यम से ऐसी बेटियों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की जाएगी। साथ ही समाज में बेटियों के महत्व और उनके प्रति सम्मान का संदेश भी दिया जाएगा।

वहीं, जिन लोगों ने समाजहित में देहदान किया है, उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए भी जलदान और तर्पण किया जाएगा। इसके अलावा देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले अमर शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

इस प्रकार धार्मिक अनुष्ठान के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय सरोकारों को जोड़ने का प्रयास किया गया है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ उन लोगों को भी स्मरण करना है, जिनके योगदान को समाज हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखता है।

महा आरती में भी शामिल होंगे गणमान्य लोग

महा तर्पण कार्यक्रम के बाद महा आरती का आयोजन किया जाएगा। इसमें गोल्डी मसाले के निदेशक सुरेंद्र कुमार गुप्ता, मनोज अग्रवाल और डॉ. उमेश पालीवाल सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे।

कार्यक्रम में धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों की मौजूदगी रहने की संभावना है। इसके अलावा शहर की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होगी। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, तर्पण के माध्यम से श्रद्धा, स्मरण और सामाजिक संदेश को एक साथ सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

पत्रकार वार्ता में मौजूद रहे कई प्रमुख लोग

महा तर्पण कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए आयोजित पत्रकार वार्ता में विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष राजीव महाना, धर्म संघ के संयोजक पं. शेष नारायण द्विवेदी, पूर्व सीएमओ डॉ. वी.सी. रस्तोगी और अनिल राय मौजूद रहे।

आयोजकों ने शहरवासियों से कार्यक्रम में शामिल होकर धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की है। उनका कहना है कि पितृपक्ष पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और स्मरण का अवसर है। ऐसे में इस अवसर पर अजन्मी बेटियों, देहदानियों और अमर शहीदों के लिए तर्पण का आयोजन समाज में संवेदना, सम्मान और स्मरण की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगा।

कुल मिलाकर, 4 अक्टूबर को सरसैया घाट पर आयोजित होने वाला यह महा तर्पण कार्यक्रम धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक संदेश को जोड़ने वाला आयोजन होगा। मातृशक्तियों की भागीदारी के माध्यम से महिलाओं की धार्मिक भूमिका को सामने लाने के साथ-साथ अजन्मी बेटियों, देहदानियों और अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।