एशियन गेम्स 2026: भारत के लिए आज अहम दिन, बॉक्सिंग और हॉकी में गोल्ड मेडल पर नजर
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एशियन गेम्स 2026: एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के लिए शुक्रवार, 2 अक्टूबर का दिन पदकों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। प्रतियोगिता के अंतिम दौर में पहुंच चुके भारत के सामने बॉक्सिंग, हॉकी, कुश्ती, तीरंदाजी और साइकिलिंग सहित कई खेलों में पदक जीतने के मौके हैं। खास तौर पर महिला हॉकी टीम का चीन के खिलाफ फाइनल और बॉक्सिंग में परवीन तथा अंकुश के गोल्ड मेडल मुकाबले पर भारतीय खेल प्रेमियों की नजर रहेगी। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार 2 अक्टूबर को भारत के कई खिलाड़ी पदक मुकाबलों में उतरेंगे।
बॉक्सिंग में तीन भारतीयों के पास गोल्ड का मौका
भारत के लिए बॉक्सिंग में शुक्रवार का दिन खास रहने वाला है। तीन भारतीय मुक्केबाज गोल्ड मेडल के मुकाबले में उतरेंगे। इनमें लवलीना बोरगोहेन, परवीन और अंकुश शामिल हैं।
सबसे पहले सुबह 10 बजे महिला 75 किलोग्राम वर्ग का फाइनल खेला जाना है, जिसमें लवलीना बोरगोहेन का सामना चीन की बाओ जियी से होगा। इसके बाद दोपहर 2:15 बजे महिला 65 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में परवीन चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन के खिलाफ रिंग में उतरेंगी।
वहीं, दोपहर 2:45 बजे पुरुष 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अंकुश का मुकाबला दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग से होगा। यानी कुछ ही घंटों के भीतर भारत के पास बॉक्सिंग से कई स्वर्ण पदक हासिल करने के अवसर होंगे।
महिला हॉकी टीम का चीन से गोल्ड मेडल मुकाबला
भारतीय महिला हॉकी टीम भी शुक्रवार को स्वर्ण पदक के लिए मैदान पर उतरेगी। भारत और चीन के बीच महिला हॉकी का गोल्ड मेडल मुकाबला दोपहर 3:30 बजे निर्धारित है।
भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। दूसरी ओर चीन ने सेमीफाइनल में जापान को शूटआउट के जरिए हराया। अब दोनों टीमों के बीच स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला होगा।
इस मुकाबले को लेकर भारतीय प्रशंसकों की विशेष नजर रहेगी, क्योंकि हॉकी में स्वर्ण पदक भारत के कुल पदक अभियान को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।
साइकिलिंग में भी पदक की उम्मीद
ट्रैक साइकिलिंग में भी भारतीय खिलाड़ी पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार पुरुषों की मैडिसन स्पर्धा का फाइनल दोपहर 12:16 बजे निर्धारित है। इसके अलावा पुरुष कीरिन में भी भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी रहेगी और अगले दौर में पहुंचने की स्थिति में स्वर्ण पदक मुकाबले तक जाने का अवसर होगा।
वहीं, महिला ओम्नियम में हरशिता जाखड़ भी भारतीय चुनौती पेश करेंगी। इस तरह साइकिलिंग में भी भारत के पास पदक तालिका में इजाफा करने के अवसर मौजूद हैं।
कुश्ती में भी कई मुकाबले
कुश्ती में भी भारतीय पहलवान शुक्रवार को अलग-अलग वर्गों में उतरेंगे। सुजीत, राजत रूहल, प्रिय और दिपांशी अपने-अपने वर्गों में चुनौती पेश करेंगे। इनके मुकाबले आगे बढ़ने की स्थिति में दिन के दूसरे हिस्से में पदक मुकाबलों तक पहुंच सकते हैं।
पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल और 125 किलोग्राम वर्ग के साथ महिलाओं के 50 किलोग्राम और 76 किलोग्राम वर्ग में भी पदक मुकाबले निर्धारित हैं। इसलिए कुश्ती से भी भारत को पदक मिलने की उम्मीद बनी हुई है।
तीरंदाजी में भी भारतीय खिलाड़ी मैदान में
शुक्रवार को तीरंदाजी में भी भारत की मौजूदगी रहेगी। महिला रिकर्व टीम सेमीफाइनल में भारत का सामना चीन से होना है। इसके अलावा मिश्रित टीम और पुरुष रिकर्व टीम में भी भारतीय खिलाड़ी सेमीफाइनल मुकाबलों में उतरेंगे।
यदि भारतीय टीमें अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतती हैं, तो उनके लिए उसी दिन पदक मुकाबले भी होंगे। इस लिहाज से तीरंदाजी भी भारत के पदक अभियान के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
पदक तालिका में भारत की स्थिति
एशियन गेम्स 2026 के 1 अक्टूबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत ने 10 स्वर्ण, 23 रजत और 33 कांस्य समेत कुल 66 पदक हासिल किए थे और पदक तालिका में आठवें स्थान पर था।
ऐसे में प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारतीय खिलाड़ियों के पास स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़ाने का अवसर है। हालांकि, अंतिम पदक तालिका में भारत किस स्थान पर रहेगा, यह शुक्रवार और शनिवार को होने वाले मुकाबलों के परिणामों पर निर्भर करेगा। इसलिए मौजूदा स्थिति के आधार पर किसी अंतिम रैंक का दावा करना जल्दबाजी होगी।
अंतिम दौर में भारत की नजर पदक बढ़ाने पर
एशियन गेम्स के अंतिम दौर में भारत के सामने कई महत्वपूर्ण मुकाबले हैं। बॉक्सिंग में तीन फाइनल, महिला हॉकी में गोल्ड मेडल मुकाबला और कुश्ती, तीरंदाजी तथा साइकिलिंग में पदक के अवसर भारतीय अभियान को मजबूती दे सकते हैं।
विशेष रूप से महिला हॉकी का चीन के खिलाफ फाइनल और बॉक्सिंग के मुकाबले भारतीय खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके अलावा यदि कुश्ती और तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ी अगले दौर में पहुंचते हैं, तो पदकों की संख्या और बढ़ सकती है।
इस प्रकार 2 अक्टूबर का दिन भारत के लिए कई खेलों में पदक जीतने की संभावनाओं से भरा है। प्रतियोगिता अपने अंतिम चरण में है और भारतीय दल की कोशिश होगी कि आखिरी मुकाबलों में अधिक से अधिक पदक हासिल किए जाएं।

