एटा में लगातार जारी है दिव्यांगों का धरना, प्रदर्शन के दौरान बुजुर्ग की बिगड़ी तबीयत, पढ़ें प्रशासन से है यह मांग

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रिपोर्ट – नन्द कुमार 

एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में दिव्यांगजनों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित धरना स्थल पर शिक्षा में समान अवसर, दिव्यांग विद्यार्थियों के अधिकारों और अन्य मांगों को लेकर बड़ी संख्या में दिव्यांगजन शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी दौरान शनिवार देर शाम धरना स्थल पर मौजूद एक बुजुर्ग दिव्यांग की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची तथा एंबुलेंस की सहायता से बुजुर्ग को अस्पताल भेजा गया।

आठवें दिन भी जारी रहा धरना

दिव्यांगजनों का यह धरना पिछले आठ दिनों से लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शिक्षा के क्षेत्र में समान अधिकार, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं और समावेशी शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासन गंभीरता से विचार नहीं करेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरने का नेतृत्व कर रहे अमित यादव ने बताया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य केवल दिव्यांग विद्यार्थियों और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों को मजबूती से उठाना है।

प्रदर्शन के दौरान बुजुर्ग की बिगड़ी तबीयत

धरना स्थल पर शनिवार रात करीब 8:30 बजे 65 वर्षीय रामप्रकाश, निवासी महाराजपुर थाना जसरथपुर, की तबीयत अचानक खराब हो गई। उनकी तबीयत बिगड़ते ही प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।

दिव्यांगजनों ने बुजुर्ग को लकड़ी के तख्त पर लिटाकर अपनी चिंता और नाराजगी व्यक्त की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।

इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर बुजुर्ग को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल उनकी चिकित्सकीय जांच और इलाज जारी है।

शिक्षा में समान अवसर की मांग

धरना दे रहे दिव्यांगजनों की प्रमुख मांग शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया जाए। इसके लिए व्हीलचेयर रैंप, सुगम प्रवेश, दिव्यांग-अनुकूल शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

विशेष शिक्षकों और सहायक संसाधनों की मांग

प्रदर्शनकारियों ने प्रत्येक विद्यालय में प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की भी मांग की है। उनका कहना है कि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सांकेतिक भाषा, ब्रेल, स्क्रीन रीडर और अन्य सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इसके अलावा परीक्षाओं में लेखक (स्क्राइब), अतिरिक्त समय और अन्य वैधानिक सुविधाएं प्रभावी ढंग से लागू करने की भी मांग की गई है।

परीक्षा प्रणाली और छात्रों के हितों पर भी उठाई आवाज

धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की भी मांग रखी। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि छात्रों का विश्वास बना रहे।

साथ ही छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी उचित सहायता व्यवस्था विकसित करने और शैक्षणिक संस्थानों में परामर्श सेवाएं मजबूत करने की मांग की गई।

जिलाधिकारी और एसएसपी से वार्ता की मांग

धरना दे रहे दिव्यांगजन लगातार जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से बातचीत की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं धरना स्थल पर आकर उनकी समस्याएं सुनेंगे, तो समाधान का रास्ता निकल सकता है।

धरना का नेतृत्व कर रहे अमित यादव ने कहा कि आंदोलन कई दिनों से जारी है, लेकिन अब तक वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत नहीं हो सकी है। उन्होंने प्रशासन से सकारात्मक संवाद की अपील की।

सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक की घोषणा

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो सावन के पहले सोमवार को वे कैलाश मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे और उसके बाद भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के दायरे में ही आगे बढ़ाया जाएगा।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की।

प्रशासन की ओर से भी यह सुनिश्चित किया गया कि बीमार व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके। स्थिति सामान्य होने के बाद धरना पुनः शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा।

लोकतांत्रिक तरीके से जारी है आंदोलन

धरना दे रहे दिव्यांगजनों का कहना है कि वे किसी प्रकार का टकराव नहीं चाहते। उनका उद्देश्य केवल अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाना और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही उनकी मांगों पर विचार करेगा और वार्ता के माध्यम से समाधान निकलेगा।

एटा में दिव्यांगजनों का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराई। प्रदर्शनकारी शिक्षा में समान अवसर, दिव्यांग-अनुकूल विद्यालय, विशेष शिक्षकों की नियुक्ति और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हुई है।

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