डॉ. संजय कपूर फिर बने यूपी टी-20 लीग के चेयरमैन, UPCA AGM में कई अहम फैसले
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कानपुर: उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) की 21वीं वार्षिक आम सभा यानी एजीएम में उत्तर प्रदेश क्रिकेट से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बुधवार, 30 सितंबर 2026 को कानपुर के होटल लैंडमार्क में आयोजित एजीएम में कानपुर के डॉ. संजय कपूर को लगातार दूसरी बार यूपी टी-20 लीग का चेयरमैन बनाया गया। वहीं गाजीपुर के संजीव कुमार सिंह को भी गवर्निंग काउंसिल में दोबारा सदस्य चुना गया। यूपीसीए की मौजूदा आधिकारिक समिति सूची में डॉ. संजय कपूर को गवर्निंग काउंसिल का चेयरमैन और संजीव कुमार सिंह को निर्वाचित सदस्य दर्ज किया गया है।
एजीएम में इसके अलावा चार निदेशकों को भी उनके कार्यकाल के बाद पुनर्नियुक्त किया गया। इनमें अभिषेक सिंघानिया, अशोक चतुर्वेदी, रियासत अली और प्रदीप कुमार गुप्ता के नाम शामिल हैं। गवर्निंग काउंसिल के दो पदों के लिए दो ही नामांकन प्राप्त होने के कारण दोनों पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
डॉ. संजय कपूर को फिर मिली यूपी टी-20 की जिम्मेदारी
यूपी टी-20 लीग उत्तर प्रदेश में घरेलू क्रिकेट प्रतिभाओं को मंच देने वाली प्रमुख प्रतियोगिता है। लीग की शुरुआत 2023 में हुई थी और 2026 में इसका चौथा सीजन आयोजित किया गया। आधिकारिक लीग वेबसाइट के अनुसार, टूर्नामेंट में प्रदेश की छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा ले रही हैं और डॉ. संजय कपूर इसके चेयरमैन हैं।
एजीएम में डॉ. संजय कपूर को लगातार दूसरी बार चेयरमैन बनाए जाने के बाद अगले सत्र की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने चौथे चरण के सफल आयोजन के लिए डॉ. संजय कपूर को बधाई दी।
इसके साथ ही बताया गया कि यूपी टी-20 लीग के पांचवें चरण में भी दो शहरों के प्रारूप को जारी रखने की योजना है। वहीं अगले सत्र में आठ टीमों को शामिल करने के प्रस्ताव पर गवर्निंग काउंसिल विचार कर सकती है। हालांकि टीमों की संख्या में बदलाव को लेकर अंतिम फैसला आगे की प्रक्रिया के बाद होगा।
चार निदेशकों की भी हुई पुनर्नियुक्ति
एजीएम के दौरान यूपीसीए के चार निदेशकों को दोबारा जिम्मेदारी दी गई। इनमें अभिषेक सिंघानिया, अशोक चतुर्वेदी, रियासत अली और प्रदीप कुमार गुप्ता शामिल हैं। वहीं गवर्निंग काउंसिल के सदस्य के रूप में संजीव कुमार सिंह को भी फिर चुना गया।
गवर्निंग काउंसिल के दो पदों पर दो ही नामांकन होने के कारण चुनाव निर्विरोध हुआ। इसके अलावा विभिन्न कमेटियों को लेकर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार यूपीसीए अध्यक्ष और सचिव को दिया गया है।
यूपीसीए की आधिकारिक समिति सूची में अध्यक्ष के रूप में डॉ. निधिपति सिंघानिया, उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा, मानद सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता और कोषाध्यक्ष सचिन आनंद शुक्ला के नाम दर्ज हैं।
पूर्व न्यायाधीश विनीत शरण बने लोकपाल
एजीएम के बाद बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने संगठन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व न्यायाधीश विनीत शरण को यूपीसीए का लोकपाल और कृष्ण मुरारी को एथिक्स ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
इन नियुक्तियों के जरिए संगठनात्मक व्यवस्था और आंतरिक प्रशासन से जुड़े दायित्वों को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
वाराणसी के नए स्टेडियम में जल्द हो सकते हैं घरेलू मैच
एजीएम के बाद वाराणसी में तैयार हो रहे यूपीसीए के नए स्टेडियम को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। राजीव शुक्ला ने बताया कि स्टेडियम में जल्द ही घरेलू क्रिकेट मुकाबले आयोजित किए जाने की योजना है।
हालांकि, इससे पहले स्थानीय स्तर के मुकाबले कराकर पिच और मैदान की स्थिति को परखा जाएगा। इसके बाद बड़े स्तर के घरेलू मुकाबलों के आयोजन को लेकर आगे की योजना बनाई जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अगले वर्ष होने वाली बीसीसीआई की महिला प्रीमियर लीग यानी WPL की मेजबानी के लिए वाराणसी के काशी स्टेडियम को बड़ौदा के साथ एक विकल्प के रूप में रखा गया है। यदि स्टेडियम समय पर पूरी तरह तैयार हो जाता है, तो वहां डब्ल्यूपीएल के मुकाबले आयोजित किए जाने की संभावना बन सकती है।
कानपुर विश्वविद्यालय के नए स्टेडियम से करार की तैयारी
कानपुर में क्रिकेट के लिए नए मैदान की जरूरत को देखते हुए यूपीसीए कानपुर विश्वविद्यालय में बन रहे नए स्टेडियम के साथ एमओयू करने की तैयारी में है। राजीव शुक्ला ने बताया कि कमला क्लब की लीज समाप्त होने और ग्रीन पार्क स्टेडियम में कायाकल्प का काम शुरू होने के कारण शहर में एक स्तरीय क्रिकेट मैदान की आवश्यकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) से बातचीत चल रही है। करार होने के बाद वहां यूपीसीए की गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। इससे कानपुर में क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों के लिए एक अतिरिक्त आधारभूत सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
यूपी टी-20 लीग के अगले सीजन पर नजर
यूपी टी-20 लीग के चौथे सीजन के बाद अब पांचवें चरण को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। 2026 का चौथा सीजन 14 अगस्त से शुरू हुआ था और लीग में प्रदेश की छह फ्रेंचाइजी टीमों ने हिस्सा लिया। आधिकारिक लीग रिकॉर्ड के अनुसार चौथे सीजन का आयोजन उत्तर प्रदेश क्रिकेट की प्रमुख टीमों और उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रतिस्पर्धी मंच के रूप में किया गया।
अब पांचवें चरण में दो शहरों का प्रारूप बरकरार रखने और टीमों की संख्या आठ तक बढ़ाने के विकल्प पर चर्चा हो रही है। हालांकि अंतिम निर्णय गवर्निंग काउंसिल की आगामी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
एजीएम में यूपीसीए के पदाधिकारी रहे मौजूद
एजीएम में यूपीसीए अध्यक्ष निधिपति सिंघानिया, सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता, कोषाध्यक्ष सचिन आनंद शुक्ला, उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा, संयुक्त सचिव डॉ. उमेर हसन, सीईओ अंकित चटर्जी, मीडिया कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद फहीम, अहमद अली खान तालिब समेत यूपीसीए के सदस्य मौजूद रहे। वहीं कानपुर के अनूप सिंह भदौरिया ने बुके देकर बधाई दी।
कुल मिलाकर यूपीसीए की 21वीं एजीएम में संगठनात्मक नियुक्तियों के साथ-साथ यूपी टी-20 लीग, वाराणसी के नए स्टेडियम और कानपुर में नए क्रिकेट मैदान को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय और चर्चा हुई। अब इन फैसलों के बाद उत्तर प्रदेश क्रिकेट के घरेलू ढांचे में आने वाले महीनों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रहेगी।

