इटावा के सैफई पहुंचीं अपर्णा यादव, कुलदेवी के दर्शन किए; चुनाव और राज्यसभा को लेकर भी दिया बयान
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव बुधवार को इटावा के सैफई पहुंचीं। यहां उन्होंने अपनी कुलदेवी और कुलदेवता को प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने सनातन परंपराओं, आगामी विधानसभा चुनाव, चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों और राज्यसभा नामांकन से जुड़े सवालों पर भी अपनी बात रखी।
अपर्णा यादव ने कहा कि सनातन धर्म को मानने वाले लोगों को अपनी कुलदेवी और कुलदेवता की पूजा करनी चाहिए। उन्होंने इसे सनातन धर्म की परंपरा बताते हुए कहा कि अपनी धार्मिक और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ना महत्वपूर्ण है।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार अपर्णा यादव वर्तमान में आयोग की उपाध्यक्ष हैं।
कुलदेवी और कुलदेवता का लिया आशीर्वाद
सैफई पहुंचने के दौरान अपर्णा यादव ने अपनी कुलदेवी और कुलदेवता के दर्शन किए। उन्होंने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में कुलदेवी और कुलदेवता का विशेष महत्व माना जाता है।
उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन धर्म को मानते हैं, उन्हें अपनी कुलदेवी और कुलदेवता की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। उनके मुताबिक यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और इससे लोग अपनी पारिवारिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहते हैं।
सैफई में उनके इस दौरे को धार्मिक यात्रा के साथ-साथ आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच उनके सार्वजनिक कार्यक्रम के रूप में भी देखा गया। हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी विशेष विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं की।
पार्टी जहां से चुनाव लड़ाएगी, वहीं से लड़ूंगी
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर अपर्णा यादव ने कहा कि प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं और पार्टी जहां से उन्हें चुनाव लड़वाएगी, वह वहीं से चुनाव लड़ेंगी।
उनके इस बयान से यह स्पष्ट है कि फिलहाल उन्होंने किसी विशेष सीट का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है। उन्होंने चुनाव लड़ने के संबंध में पार्टी के निर्णय को प्राथमिकता देने की बात कही।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की गतिविधियां लगातार सामने आ रही हैं। हाल के दिनों में सपा समेत कई दलों ने चुनावी तैयारियों से जुड़ी गतिविधियां तेज की हैं। ऐसे में नेताओं के बयानों को आगामी चुनावी तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
चुनाव आयोग पर आरोपों को लेकर क्या बोलीं अपर्णा यादव?
चुनाव आयोग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में पूछे गए सवाल पर अपर्णा यादव ने कहा कि यह चुनावी दौर है और इस दौरान इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि इन आरोपों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने सभी लोगों से राष्ट्र के लिए काम करने की बात कही।
चुनाव आयोग को लेकर इस समय राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच अलग-अलग मुद्दों पर बहस चल रही है। हालिया राजनीतिक चर्चाओं में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियां भी सामने आई हैं। ऐसे में अपर्णा यादव की टिप्पणी इसी व्यापक चुनावी बहस के बीच सामने आई है।
सपा के राज्यसभा नामांकन पर बोलीं- जानकारी नहीं
समाजवादी पार्टी की ओर से राज्यसभा के लिए दो लोगों के नामांकन को लेकर भी अपर्णा यादव से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
गौरतलब है कि 2026 के राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर चुनाव होना है। उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के अनुसार समाजवादी पार्टी ने प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार घोषित किया है। दोनों के नामांकन की प्रक्रिया 30 सितंबर को बताई गई है।
हालांकि, अपर्णा यादव से जब इस विषय पर सवाल किया गया तो उन्होंने इससे संबंधित जानकारी होने से इनकार किया। इसलिए उनके बयान को उनके व्यक्तिगत जवाब के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सैफई दौरे के दौरान कई मुद्दों पर हुई बातचीत
अपर्णा यादव के सैफई दौरे के दौरान धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़े सवाल भी चर्चा में रहे। उन्होंने कुलदेवी और कुलदेवता की पूजा को सनातन परंपरा से जोड़ते हुए लोगों को अपनी पारिवारिक आस्था से जुड़े रहने की बात कही।
इसके बाद चुनाव से संबंधित सवालों पर उन्होंने पार्टी के निर्णय के अनुसार चुनाव लड़ने की बात कही। वहीं चुनाव आयोग को लेकर उन्होंने आरोप-प्रत्यारोप को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए सभी से राष्ट्रहित में काम करने की अपील की।
इस तरह सैफई में अपर्णा यादव के बयान में धार्मिक परंपरा, आगामी विधानसभा चुनाव और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। वहीं राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है।
कुल मिलाकर, अपर्णा यादव का सैफई दौरा धार्मिक आस्था और राजनीतिक सवालों को लेकर चर्चा में रहा। उन्होंने किसी विशेष विधानसभा सीट से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की, बल्कि पार्टी के निर्णय के अनुसार चुनाव लड़ने की बात कही। ऐसे में आगामी समय में पार्टी स्तर पर होने वाले निर्णयों के बाद ही उनकी चुनावी भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

