सोनभद्र में वामदलों का धरना, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की उठी मांग
रिपोर्ट – ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी
सोनभद्र। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को सोनभद्र में संयुक्त वामदल के बैनर तले धरना प्रदर्शन किया गया। वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने स्वर्ण जयंती चौक स्थित पार्क में एकत्र होकर निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति व्यवस्था को लेकर अपनी मांगें उठाईं। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी (सदर) को सौंपा गया।
गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।
गांधी जयंती पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुआ धरना
धरना कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद वामदलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक व्यवस्था, मताधिकार तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
वामदलों के नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं का विश्वास बेहद महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनकी ओर से इस्तीफा दिए जाने की मांग रखी।
हालांकि, ये आरोप और मांगें धरने में शामिल वामदलों की ओर से रखी गईं। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी में आयोग स्वयं स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की अपनी संवैधानिक भूमिका पर जोर देता है। फरवरी 2026 में आयोग ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों को भी कानून और आयोग के निर्देशों के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की जिम्मेदारी पर बल दिया था।
SIR प्रक्रिया को लेकर जताई चिंता
धरने के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। वामदलों के नेताओं ने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के मताधिकार पर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि जिन मतदाताओं का नाम या अधिकार प्रक्रिया के दौरान प्रभावित हुआ है, उनके मताधिकार को बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
वर्तमान में निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर SIR-2026 से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं। पोर्टल पर मतदाता पिछले SIR की सूची में अपना नाम खोजने और आवश्यक स्थिति में दस्तावेज उपलब्ध कराने जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।
वामदलों का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी पुनरीक्षण में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न हों। साथ ही उन्होंने निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता और निष्पक्षता को बनाए रखने की मांग की।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति व्यवस्था बदलने की मांग
धरने के बाद शाम चार बजे राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी (सदर) को सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग के साथ-साथ चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की मांग भी रखी गई।
वामदलों ने प्रस्तावित नई व्यवस्था में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल किए जाने की मांग की। नेताओं ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में व्यापक संस्थागत भागीदारी से निर्वाचन आयोग के प्रति विश्वास को मजबूत किया जा सकता है।
इसके अलावा, ज्ञापन में SIR प्रक्रिया के कारण मताधिकार से वंचित होने वाले मतदाताओं के अधिकार बहाल करने की मांग भी शामिल रही। वामदलों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए।
सोनभद्र में प्रतिमाएं स्थापित करने की भी मांग
धरने के दौरान स्थानीय स्तर से जुड़ी मांगें भी उठाई गईं। प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से स्वर्ण जयंती चौक पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई।
इसके साथ ही कचहरी स्थित चौराहे पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी रखी गई। वामदलों के नेताओं ने कहा कि इन महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित किए जाने से नई पीढ़ी को उनके विचारों और योगदान से परिचित कराने में मदद मिलेगी।
कई नेताओं ने धरने को किया संबोधित
धरने को माकपा जिला मंत्री नंदलाल आर्य, भाकपा जिला सह सचिव देव कुमार विश्वकर्मा, माले राज्य सचिव सुधाकर यादव, चंदन प्रसाद पासवान और प्रेमनाथ समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
नेताओं ने अपने संबोधन में लोकतांत्रिक संस्थाओं की पारदर्शिता, मतदाता अधिकार और चुनाव प्रक्रिया में जनता के विश्वास से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार हैं, इसलिए मतदाता सूची से लेकर मतदान तक प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और नियमों का पालन जरूरी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पकड़ूं सिंह कुशवाहा ने की, जबकि संचालन ईश्वर दयाल ने किया। धरने में संयुक्त वामदल से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस प्रकार सोनभद्र में आयोजित यह धरना मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ SIR प्रक्रिया, मतदाता अधिकार और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति व्यवस्था में बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर वामदलों के विरोध का स्थानीय स्वरूप रहा। वहीं, निर्वाचन आयोग की ओर से SIR-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं और नाम खोजने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

