मथुरा के पत्रकारों ने दिखाई मानवता की मिसाल: दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार अरुण ‘अनु’ के परिवार को दी आर्थिक सहायता
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: पत्रकारिता केवल समाचारों के संकलन और प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाओं और आपसी सहयोग की भी एक मजबूत मिसाल है। इसी भावना को साकार करते हुए मथुरा जनपद के पत्रकारों ने एक सराहनीय पहल की। जिले के दो प्रमुख पत्रकार संगठनों तथा अनेक स्वतंत्र पत्रकारों ने एकजुट होकर दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार अरुण ‘अनु’ के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की।
इस अवसर पर कुल 68 पत्रकारों के सहयोग से एकत्रित 1,11,556 की राशि का डिमांड ड्राफ्ट दिवंगत पत्रकार की धर्मपत्नी पुष्पा ठाकुर को सौंपा गया। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने परिवार को यह भरोसा भी दिलाया कि भविष्य में भी वे हर सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहेंगे।
पत्रकारों ने दिखाई एकजुटता की मिसाल
इस पहल में उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन और वृंदावन प्रेस क्लब सहित जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों के सदस्य शामिल हुए। सभी ने स्वैच्छिक योगदान देकर यह संदेश दिया कि पत्रकार समाज अपने साथियों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशील है।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद पत्रकारों ने कहा कि यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि दिवंगत साथी के प्रति सम्मान और उनके परिवार के प्रति आत्मीयता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का दायित्व केवल समाज की आवाज उठाना नहीं, बल्कि अपने साथियों के कठिन समय में उनके साथ खड़ा होना भी है।
1,11,556 का डिमांड ड्राफ्ट किया भेंट
कार्यक्रम में दिवंगत पत्रकार अरुण ‘अनु’ की पत्नी पुष्पा ठाकुर को 1,11,556 का डिमांड ड्राफ्ट सौंपा गया। इस दौरान उपस्थित सभी पत्रकारों ने दिवंगत पत्रकार को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें याद किया।
पत्रकारों ने कहा कि आर्थिक सहयोग से किसी अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन यह सहायता परिवार को यह विश्वास दिलाती है कि पूरा पत्रकार समाज उनके साथ खड़ा है।
भावुक हुईं पुष्पा ठाकुर
आर्थिक सहायता प्राप्त करने के बाद दिवंगत पत्रकार अरुण ‘अनु’ की धर्मपत्नी पुष्पा ठाकुर भावुक हो गईं। उन्होंने सभी पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार मथुरा के पत्रकारों ने उनके परिवार का साथ दिया है, उसे वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगी।
उन्होंने कहा कि कठिन समय में मिला यह सहयोग केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक संबल भी है। उन्होंने सभी सहयोगी पत्रकारों को परिवार की ओर से धन्यवाद दिया।
पत्रकार समाज की संवेदनशीलता का उदाहरण
उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि यह सहायता राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि पत्रकार समाज की एकजुटता, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार दिन-रात समाज के लिए कार्य करते हैं। ऐसे में यदि किसी पत्रकार के परिवार पर संकट आता है तो पूरे पत्रकार समाज का दायित्व बनता है कि वह उनके साथ खड़ा रहे।
उन्होंने सभी सहयोगी पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी किसी साथी पत्रकार या उसके परिवार को आवश्यकता पड़ने पर इसी प्रकार सहयोग किया जाएगा।
दिवंगत पत्रकार को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पत्रकारों ने दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार अरुण ‘अनु’ के व्यक्तित्व और उनके पत्रकारिता जीवन को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता को प्राथमिकता दी।
पत्रकारों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
बड़ी संख्या में पत्रकार रहे मौजूद
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज, वरिष्ठ पत्रकार उमर कुरैशी, अजय शर्मा, परवेज अहमद, अनेक सिंह, संजय गौड़, रमेश चंद, आरती शर्मा, पिंटू, दिनेश भारती, गौरव शर्मा, सुमित गोस्वामी, मोहन मीणा, आर.के. धनगर, नीरज चतुर्वेदी, रिंकू शर्मा, रवनीत मैसी, राहुल कुमार, ब्रजेश सेन सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि पत्रकार समाज अपने साथियों के परिवारों के प्रति हमेशा जिम्मेदारी निभाता रहेगा और भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग जारी रहेगा।
समाज के लिए सकारात्मक संदेश
इस पहल ने यह संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में सामूहिक सहयोग सबसे बड़ी ताकत बनता है। जब समाज के विभिन्न वर्ग एक-दूसरे की सहायता के लिए आगे आते हैं, तो विश्वास और सामाजिक एकता दोनों मजबूत होती हैं।
पत्रकारों की इस पहल की स्थानीय स्तर पर भी सराहना की जा रही है। लोगों का मानना है कि यह कदम समाज में सहयोग और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाला है।
पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी
पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ मानी जाती है। पत्रकार केवल सूचना देने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। ऐसे में जब पत्रकार स्वयं अपने साथियों के परिवारों के लिए आगे आते हैं, तो यह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन जाता है।
मथुरा के पत्रकारों द्वारा दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार अरुण ‘अनु’ के परिवार को 1,11,556 की आर्थिक सहायता प्रदान करना पत्रकार समाज की एकजुटता, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस पहल ने यह साबित किया कि कठिन समय में सामूहिक सहयोग किसी भी परिवार के लिए बड़ी ताकत बन सकता है। पत्रकारों ने न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि यह भरोसा भी दिलाया कि भविष्य में भी वे दिवंगत साथी के परिवार के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहेंगे।

