औरैया में पानी में डूबने से तीन बच्चों की मौत, दो अलग-अलग घटनाओं से गांवों में शोक
रिपोर्ट – अंजुमन तिवारी
औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में मंगलवार का दिन तीन परिवारों के लिए बेहद दुखद रहा। जिले के ऐरवाकटरा थाना क्षेत्र में अलग-अलग घटनाओं के दौरान पानी में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। पहली घटना देईपुर गांव में हुई, जहां खेत में पानी से भरे गड्ढे में नहाने गए दो बच्चों की डूबने से जान चली गई। वहीं, दूसरी घटना राजाराम नगरिया गांव में हुई, जहां 13 वर्षीय बालक नाले में डूब गया।
एक ही थाना क्षेत्र में हुई इन दोनों घटनाओं की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनाओं की जानकारी जुटाते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद संबंधित परिवारों और गांवों में शोक का माहौल है।
देईपुर गांव में दो बच्चों की डूबने से मौत
पहली घटना ऐरवाकटरा थाना क्षेत्र के देईपुर गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कृष्णा और आर्यन अपने कुछ दोस्तों के साथ छिबरामऊ रोड की ओर गए थे। इसी दौरान दोनों बच्चे राजू यादव के खेत में मौजूद पानी से भरे गड्ढे के पास पहुंचे।
बताया गया कि दोनों बच्चे गड्ढे में नहाने लगे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। कुछ समय बाद जब बच्चों के परिजनों को उनके वापस नहीं आने की जानकारी हुई तो उनकी तलाश शुरू की गई।
तलाश के दौरान गड्ढे के पास बच्चों के कपड़े मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने पानी में बच्चों की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया। इसके बाद डायल 112 पुलिस की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कृष्णा और आर्यन की मौत से परिवार में शोक
मृत बच्चों की पहचान अनिल कुमार के 8 वर्षीय बेटे कृष्णा और राजीव कुमार के 9 वर्षीय बेटे आर्यन के रूप में हुई है। दोनों बच्चे कन्नौज जिले के चपुन्ना स्थित सेंट विजन विद्यालय में कक्षा तीन में पढ़ते थे।
बच्चों की मौत की जानकारी जैसे ही उनके परिवारों तक पहुंची, वहां शोक का माहौल बन गया। परिजनों के लिए यह घटना बेहद दुखद रही। वहीं, गांव के लोगों ने भी परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
स्थानीय स्तर पर घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
राजाराम नगरिया में 13 वर्षीय बालक की मौत
इसी थाना क्षेत्र की दूसरी घटना राजाराम नगरिया गांव में हुई। यहां 13 वर्षीय बालक हरी के नाले में डूबने की सूचना मिली। बताया गया कि हरी पढ़ने के लिए गया था और बाद में नाले की ओर पहुंच गया।
इसके बाद उसके पानी में डूबने की जानकारी सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। काफी प्रयास के बाद देर शाम बालक का शव बरामद किया गया।
इस घटना की जानकारी मिलते ही गांव में भी शोक का माहौल बन गया। परिजनों और ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर दुख व्याप्त रहा। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी
एक ही दिन में तीन बच्चों की पानी में डूबने से मौत की सूचना मिलने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ। क्षेत्राधिकारी बिधूना पुनीत मिश्रा, उपजिलाधिकारी कमल कुमार सिंह और पुलिस बल मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने दोनों घटनाओं से संबंधित स्थानों का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की। पुलिस की ओर से घटनाओं की परिस्थितियों को समझने के लिए आवश्यक जानकारी जुटाई गई।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में संबंधित मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
बारिश के मौसम में जलभराव वाले स्थानों को लेकर सावधानी जरूरी
औरैया में सामने आई इन घटनाओं के बाद पानी से भरे गड्ढों, नालों और अन्य जलभराव वाले स्थानों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत भी सामने आती है। बारिश के दौरान खेतों, खाली स्थानों और सड़क किनारे बने गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है।
ऐसे में बच्चों को जलभराव वाले स्थानों से दूर रखना और अभिभावकों द्वारा उनकी गतिविधियों पर ध्यान देना जरूरी है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में खुले गड्ढों, नालों और जलभराव वाले स्थानों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
एक दिन में तीन परिवारों पर टूटा दुख
ऐरवाकटरा क्षेत्र में एक ही दिन हुई दो अलग-अलग घटनाओं में तीन बच्चों की मौत से क्षेत्र के लोगों में शोक है। देईपुर गांव में कृष्णा और आर्यन की मौत ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। वहीं, राजाराम नगरिया में हरी की मौत से उसके परिवार में भी दुख का माहौल है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थलों पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली है। फिलहाल संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और खुले जलस्रोतों के आसपास सावधानी की आवश्यकता को सामने रखा है। खासकर बारिश के मौसम में अभिभावकों और स्थानीय लोगों की सतर्कता ऐसे जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

