संत कबीर नगर में न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों को POCSO एक्ट और अधिकारों के प्रति किया जागरूक

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रिपोर्ट – शैलेंद्र मणि  त्रिपाठी 

संत कबीर नगर: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संत कबीर नगर के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के नेतृत्व में गांधी जयंती के अवसर पर जिले के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को POCSO एक्ट, उनके कानूनी अधिकारों और सहायता के उपलब्ध माध्यमों के बारे में जानकारी देना रहा।

कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों और विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को सरल भाषा में कानून की जानकारी दी। साथ ही बच्चों को यह समझाया गया कि किसी भी असहज या अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी देना जरूरी है। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि कानून बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए कई प्रावधान उपलब्ध कराता है।

राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में POCSO एक्ट की जानकारी

खलीलाबाद स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में अपर जिला जज प्रथम गजेंद्र ने विद्यार्थियों को POCSO एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को कानून के उद्देश्य और बाल सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के बारे में बताया।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ शिक्षा और व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित किया। न्यायिक अधिकारी ने बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया कि अपने अधिकारों की जानकारी होने से वे जरूरत पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने कानून से संबंधित जानकारी सुनी और बाल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को समझा। इसके साथ ही उन्हें जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।

भरोसेमंद व्यक्ति को बताने की दी सलाह

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनन्या साह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसी छात्र या छात्रा के साथ ऐसा कोई व्यवहार होता है, जिससे वह असहज महसूस करे, तो उसे डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी अपने माता-पिता, शिक्षक, अभिभावक या किसी अन्य भरोसेमंद व्यक्ति को दी जानी चाहिए। समय पर जानकारी साझा करने से संबंधित मामले में कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने बच्चों को यह भी बताया कि किसी परेशानी को छिपाने या अकेले उसका सामना करने के बजाय उचित सहायता लेना अधिक महत्वपूर्ण है। इस दौरान विद्यार्थियों को उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई।

NALSA और चाइल्ड हेल्पलाइन की जानकारी

विधिक जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों को NALSA हेल्पलाइन 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि जरूरत पड़ने पर संबंधित हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता और मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।

इस दौरान बच्चों को यह समझाया गया कि किसी भी कानूनी या सुरक्षा संबंधी परेशानी में उचित माध्यम से मदद मांगना उनके अधिकारों का हिस्सा है। इसके साथ ही उन्हें अपने आसपास के बच्चों और मित्रों की सुरक्षा के प्रति भी जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।

मेंहदावल के डीएवी इंटर कॉलेज में भी शिविर

इसी क्रम में डीएवी इंटर कॉलेज, मेंहदावल में भी विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यहां सिविल जज जूनियर डिवीजन अशोक कुमार कसौधन और प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड नरेंद्र कुमार यादव ने विद्यार्थियों को POCSO कानून के बारे में जानकारी दी।

न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को POCSO एक्ट के प्रमुख प्रावधानों और कानून के अंतर्गत आने वाले अपराधों के बारे में सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून में विशेष प्रावधान किए गए हैं और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार दंड का प्रावधान है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कानून और जिम्मेदारियों की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बच्चों से कहा कि वे किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उचित व्यक्ति या संबंधित सहायता व्यवस्था से संपर्क करें।

विभिन्न विद्यालयों में भी पहुंचा विधिक जागरूकता अभियान

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिले के विभिन्न विद्यालयों में भी POCSO एक्ट और विधिक जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों तक कानून की बुनियादी जानकारी पहुंचाना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना रहा।

इस अभियान में चीफ एलएडीसीएस अंजय श्रीवास्तव, प्रज्ञा श्रीवास्तव, मीडिएटर नासरीन खान, भानुप्रकाश यादव सहित पराविधिक स्वयंसेवकों ने अलग-अलग विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लिया।

पराविधिक स्वयंसेवकों में अरविंद राय, संध्या रानी, अफराक अहमद, मंजूरानी शर्मा, अमित त्रिपाठी और लल्लन सहित अन्य लोग शामिल रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को कानूनी सहायता और उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी दी।

बच्चों के अधिकारों की जानकारी को बताया जरूरी

विधिक जागरूकता शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी होना जरूरी है। वहीं, स्कूल स्तर पर ऐसे कार्यक्रम बच्चों को कानून की बुनियादी समझ देने में मदद करते हैं।

POCSO एक्ट से संबंधित जागरूकता के साथ विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी असहज स्थिति में चुप रहने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति से बातचीत करना और जरूरत पड़ने पर सहायता लेना जरूरी है।

गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में कानून, बाल सुरक्षा और विधिक सहायता को लेकर विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के इस अभियान के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने के साथ-साथ सुरक्षित वातावरण के महत्व की जानकारी दी गई।

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