मुरादाबाद जिला जेल में जले उम्मीदों के दीप, बंदियों को जेल अधीक्षक ने दिया नई जिंदगी शुरू करने का संदेश

WhatsApp Image 2026-11-05 at 3.53.55 PM

 रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद

मुरादाबाद। दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और बुराई से अच्छाई की ओर बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। इसी संदेश को सार्थक करते हुए मुरादाबाद जिला कारागार में दीपावली का पर्व विशेष रूप से मनाया गया। इस अवसर पर जेल परिसर में दीपों के साथ उम्मीदों की नई रोशनी भी दिखाई दी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक बिजेंद्र सिंह यादव ने बंदियों के बीच पहुंचकर उन्हें सकारात्मक सोच अपनाने, अपने जीवन में सुधार लाने और समाज में नई पहचान बनाने का संदेश दिया।

जेल की चारदीवारी में गूंजा नई शुरुआत का संदेश

मुरादाबाद जिला कारागार में आयोजित दीपावली कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को त्योहार की खुशियों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें जीवन में सुधार और बदलाव के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ जेल अधीक्षक बिजेंद्र सिंह यादव ने बंदियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने दीपावली के आध्यात्मिक, सामाजिक और नैतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व हमें अपने भीतर की नकारात्मकता को समाप्त कर अच्छाई के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि दीपावली केवल घरों में दीये जलाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह अपने मन के अंधकार को दूर करने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी पर्व है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।

जेल जीवन को सुधार का अवसर बनाने की अपील

वरिष्ठ जेल अधीक्षक बिजेंद्र सिंह यादव ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जेल की चारदीवारी किसी व्यक्ति के जीवन का अंत नहीं है। बल्कि यह समय आत्मचिंतन करने, अपनी गलतियों को समझने और भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर भी हो सकता है।

उन्होंने बंदियों से अपील की कि वे यहां से बाहर निकलने के बाद प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के साथ जीवन व्यतीत करने का संकल्प लें। इसके साथ ही समाज में लौटकर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सुधार की संभावना बनी रहती है। जरूरत केवल सही दिशा में प्रयास करने और सकारात्मक सोच अपनाने की है।

बंदियों के बीच दिखा उत्साह और अपनापन

कार्यक्रम के दौरान जेल प्रशासन की मानवीय पहल से बंदियों के बीच उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने सभी को आपसी सौहार्द, सहयोग और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने के लिए प्रेरित किया।

इसके अलावा उन्होंने बंदियों को समझाया कि समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए अच्छे विचारों और व्यवहार को अपनाना बेहद जरूरी है। व्यक्ति की पहचान उसके वर्तमान आचरण और भविष्य में किए जाने वाले अच्छे कार्यों से भी बनती है। इसलिए सभी बंदियों को अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।

सुधार और पुनर्वास की दिशा में मानवीय पहल

दरअसल, जेल प्रशासन की जिम्मेदारी केवल कारागार की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि बंदियों को सुधार की दिशा में प्रेरित करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने और बेहतर भविष्य की उम्मीद बनाए रखने का अवसर मिलता है।

विशेष रूप से त्योहारों के अवसर पर आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रम बंदियों को यह एहसास कराते हैं कि वे भी समाज का हिस्सा हैं और उनके जीवन में बदलाव की संभावनाएं समाप्त नहीं हुई हैं। सही मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और मानवीय व्यवहार किसी भी व्यक्ति के जीवन में नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मुरादाबाद जिला कारागार में दीपावली के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी सोच का उदाहरण बना। वरिष्ठ जेल अधीक्षक बिजेंद्र सिंह यादव ने अपने संदेश के माध्यम से बंदियों को यह समझाने का प्रयास किया कि अतीत की गलतियों से सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, मुरादाबाद जिला कारागार में दीपावली का यह आयोजन केवल एक त्योहार का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि उम्मीद, आत्मचिंतन और सकारात्मक बदलाव का संदेश देने वाला अवसर बना। जेल की चारदीवारी के भीतर जले दीपों ने बंदियों को नई शुरुआत और जिम्मेदार जीवन की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

You may have missed