मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद गिरफ्तार, नाबालिग के यौन शोषण के आरोपों की जांच
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मालदीव: हिंद महासागर के द्वीपीय देश मालदीव से एक बड़ी खबर सामने आई है। देश के पूर्व विदेश मंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 76वें सत्र के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद को नाबालिग के कथित यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार किया गया है। मालदीव पुलिस ने 2 नवंबर 2026 की रात अदालत के वारंट पर उन्हें हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई 18 वर्ष से कम उम्र के एक बच्चे के कथित यौन शोषण से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में की गई है।
इस गिरफ्तारी के बाद मालदीव की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, अब्दुल्ला शाहिद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ राजनीतिक उद्देश्य से झूठे दावे फैलाए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।
अदालत के वारंट पर हुई गिरफ्तारी
मालदीव पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, अब्दुल्ला शाहिद को 2 नवंबर की रात करीब 9 बजकर 59 मिनट पर अदालत से जारी वारंट के तहत गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिग के कथित यौन शोषण को लेकर जांच चल रही है।
इसके साथ ही पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले की आगे की जांच जारी है। हालांकि, जांच से संबंधित अन्य विस्तृत जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं। स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उन्हें पुलिस हिरासत केंद्र में रखा गया। 3 नवंबर को अदालत ने उन्हें 30 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
अब्दुल्ला शाहिद ने आरोपों को बताया निराधार
गिरफ्तारी से कुछ समय पहले अब्दुल्ला शाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की थी। उन्होंने अपने खिलाफ फैलाए जा रहे दावों को पूरी तरह निराधार बताया और लोगों से अपुष्ट खबरों को आगे साझा नहीं करने की अपील की।
शाहिद का कहना है कि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से राजनीतिक तरीके से ऐसी बातें फैलाई जा रही हैं। इस प्रकार, जहां पुलिस आरोपों की जांच कर रही है, वहीं शाहिद ने अपनी ओर से इन आरोपों को खारिज किया है।
गौरतलब है कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या उसके खिलाफ लगाए गए आरोप अपने आप में अपराध साबित नहीं करते। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही सामने आएगा।
कौन हैं अब्दुल्ला शाहिद?
अब्दुल्ला शाहिद मालदीव के जाने-माने राजनेता और पूर्व राजनयिक हैं। उनका राजनीतिक और प्रशासनिक करियर चार दशक से अधिक पुराना रहा है। उन्होंने मालदीव की विदेश नीति, संसदीय व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
उनके राजनीतिक सफर की कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
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2009 से 2014: मालदीव की संसद पीपुल्स मजलिस के अध्यक्ष रहे।
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2018 से 2023: पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की सरकार में विदेश मंत्री का दायित्व संभाला।
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2021 से 2022: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष चुने गए।
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फरवरी 2024: मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के अध्यक्ष बने।
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अगस्त 2026: पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी की उम्मीदवारी की प्रक्रिया में शामिल हुए।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र का अध्यक्ष चुना जाना उनके राजनीतिक करियर की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में शामिल है। वह इस पद पर पहुंचने वाले मालदीव के पहले राजनेता बने थे।
2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी के बीच गिरफ्तारी
अब्दुल्ला शाहिद की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब वह मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के आगामी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय थे। वह वर्ष 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी का उम्मीदवार बनने की तैयारी कर रहे हैं।
ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को मालदीव की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, इस मामले को राजनीतिक विवाद से जोड़ने के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी उचित नहीं होगा। जांच एजेंसियों की ओर से मामले के तथ्यों को सामने लाया जाना बाकी है।
पुलिस जांच और अदालत की कार्रवाई पर टिकी नजरें
फिलहाल इस मामले में मालदीव पुलिस की जांच जारी है। पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए नाबालिग से जुड़े कथित यौन शोषण के आरोपों का उल्लेख किया है, लेकिन जांच से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
वहीं, अब्दुल्ला शाहिद ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और अदालत की आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले एक पूर्व विदेश मंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासभा के पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी ने मालदीव को चर्चा में ला दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और अदालत इस मामले में आगे क्या निर्णय लेती है।

