कानपुर सेंट्रल से लापता हुई 16 वर्षीय बालिका, जानिए कैसे मात्र 20 मिनट में GRP ने खोज कर किया पिता के हवाले,,,
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर एक 16 वर्षीय बालिका के लापता होने की सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने तत्परता दिखाते हुए उसे सकुशल खोज निकाला। पुलिस टीम ने करीब 20 मिनट की तलाश के बाद बालिका को स्टेशन के वेटिंग हॉल में अकेले पाया। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी कर उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी के सुरक्षित मिलने पर पिता ने राहत की सांस ली और जीआरपी पुलिस की कार्यशैली की सराहना की।
यह कार्रवाई रेलवे पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत की गई। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में भटके हुए लोगों, लापता बच्चों तथा जरूरतमंद यात्रियों की मदद करना है। कानपुर सेंट्रल जीआरपी की इस त्वरित कार्रवाई से एक परिवार को बड़ी राहत मिली।
बेटी के लापता होने की सूचना लेकर थाने पहुंचे पिता
मिली जानकारी के अनुसार, गाजीपुर जिले के सुहवल थाना क्षेत्र के सोनवल निवासी राज कुमार गुप्ता पुत्र हरिचरण गुप्ता अपनी 16 वर्षीय बेटी शिवानी (काल्पनिक नाम) के लापता होने से परेशान थे। काफी खोजबीन के बाद भी जब उन्हें बेटी का पता नहीं चला, तो उन्होंने कानपुर सेंट्रल स्थित जीआरपी थाने पहुंचकर पुलिस को इसकी जानकारी दी।
राज कुमार गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी कहीं गुम हो गई है और काफी तलाश करने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित पिता ने पुलिस से उसे जल्द खोजने में मदद की गुहार लगाई।
सूचना मिलते ही जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल पुलिसकर्मियों को बालिका की तलाश में जुटने के निर्देश दिए।
हुलिया और पहनावे के आधार पर शुरू हुई तलाश
पिता से बालिका के संबंध में जरूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद जीआरपी की टीम ने स्टेशन परिसर में खोजबीन शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों को बालिका के पहनावे और हुलिये के बारे में जानकारी दी गई, ताकि प्लेटफार्म और अन्य स्थानों पर उसकी पहचान आसानी से की जा सके।
इसके बाद प्लेटफार्म ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और क्यूआरटी टीम को भी अलर्ट किया गया। टीम ने स्टेशन के विभिन्न प्लेटफार्मों के साथ-साथ यात्रियों के बैठने और प्रतीक्षा करने वाले स्थानों पर भी निगरानी शुरू की।
इसी क्रम में पुलिसकर्मियों ने स्टेशन के वेटिंग हॉल में एक बालिका को अकेले बैठे देखा। उसके पहनावे और हुलिये का मिलान पिता की ओर से दी गई जानकारी से किया गया। पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल बालिका को अपनी सुरक्षा में लिया।
20 मिनट की तलाश के बाद वेटिंग हॉल में मिली बालिका
जीआरपी पुलिस की सक्रियता के चलते महज 20 मिनट के भीतर लापता बालिका को खोज लिया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित थाने लाया गया और उसके पिता को इसकी जानकारी दी गई।
पिता राज कुमार गुप्ता के थाने पहुंचने पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। फिर बालिका को उनके सुपुर्द कर दिया गया। बेटी को सकुशल सामने देखकर पिता की चिंता दूर हुई और उन्होंने पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त किया।
हालांकि, पुलिस की ओर से बालिका के लापता होने की परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसे स्टेशन के वेटिंग हॉल से सुरक्षित बरामद कर परिवार को सौंप दिया गया।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व कानपुर सेंट्रल जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने किया। उनके निर्देश पर एसआई मोहित कुमार, जितेंद्र मौर्य, संदीप कुमार तिवारी, अभिषेक शुक्ला और क्यूआरटी टीम ने तलाश अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
पुलिस टीम ने सूचना मिलते ही बिना देरी किए स्टेशन परिसर में खोजबीन शुरू की। साथ ही, बालिका के हुलिये और पहनावे के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर तैनात कर्मियों को जानकारी दी गई। इसी समन्वित प्रयास के कारण बालिका को कम समय में खोजने में सफलता मिली।
रेलवे पुलिस महानिदेशक प्रकाश डी. की ओर से दिए गए मार्गदर्शन के क्रम में जीआरपी की ओर से भूले-भटके लोगों और गुमशुदा बच्चों की सहायता के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत मिशन शक्ति और ऑपरेशन मुस्कान के दृष्टिगत स्टेशन पर चेकिंग और निगरानी की जा रही थी।
पिता ने जीआरपी पुलिस का जताया आभार
बेटी के सुरक्षित मिलने के बाद राज कुमार गुप्ता ने कानपुर सेंट्रल जीआरपी पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई के कारण उनकी बेटी उन्हें सुरक्षित मिल सकी।
दरअसल, रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त सार्वजनिक स्थानों पर किसी बच्चे के लापता होने की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में जीआरपी की ओर से स्टेशन परिसर में सक्रिय निगरानी और पुलिसकर्मियों के आपसी समन्वय ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कानपुर सेंट्रल जीआरपी की यह कार्रवाई ऑपरेशन मुस्कान के उद्देश्य को भी दर्शाती है। इस अभियान के माध्यम से रेलवे पुलिस लापता बच्चों को खोजने, उन्हें सुरक्षित रखने और उनके परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास करती है। वहीं, इस घटना के बाद बालिका के परिवार ने राहत महसूस की और पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

