औरैया में छत से गिरकर 16 वर्षीय किशोर की मौत, लखनऊ के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। बेला थाना क्षेत्र के पुरवा भोल गांव निवासी 16 वर्षीय किशोर पवन पाल की छत से गिरकर मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए लखनऊ के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां कई दिनों तक चले उपचार के बावजूद चिकित्सक उसकी जान नहीं बचा सके। मंगलवार को जब किशोर का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बेटे का शव देखकर मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने गया था पवन
जानकारी के अनुसार, पुरवा भोल गांव निवासी प्रदीप पाल का 16 वर्षीय बेटा पवन पाल बिधूना स्थित रैपिड स्कूल में पढ़ाई करता था। परिवार के लोगों के मुताबिक, पवन अपने चाचा के यहां आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने गया था। परिवार में मांगलिक कार्यक्रम होने के कारण घर में खुशी का माहौल था। हालांकि, किसी को अंदाजा नहीं था कि यह खुशी कुछ ही पलों में गहरे दुख में बदल जाएगी।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान पवन एक मंजिला मकान की छत पर मौजूद था। इसी बीच अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे गिर पड़ा। गिरने के कारण उसके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद परिजन और अन्य लोग घबरा गए। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
लखनऊ के अपोलो अस्पताल में चल रहा था उपचार
किशोर की हालत गंभीर होने के चलते परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ लेकर पहुंचे। यहां उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार शुरू हुआ। परिजनों को उम्मीद थी कि पवन जल्द स्वस्थ होकर घर लौट आएगा। इसके लिए परिवार के लोग लगातार उसकी सलामती की दुआ कर रहे थे।
हालांकि, कई दिनों तक चले उपचार के बाद भी उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। आखिरकार उपचार के दौरान पवन ने दम तोड़ दिया। किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस बेटे के स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद लगाई जा रही थी, उसकी मौत की खबर ने परिजनों को पूरी तरह तोड़ दिया।
गांव पहुंचा पार्थिव शरीर, परिवार में मचा कोहराम
मंगलवार को जब पवन का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव पुरवा भोल पहुंचा तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। परिवार के सदस्यों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। मां अनुपम और बहन शीतल अपने लाडले को खोने के गम में बेसुध नजर आईं। परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा।
वहीं, पवन की असमय मौत की जानकारी मिलने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिचित और ग्रामीण शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। हर कोई इस घटना से स्तब्ध नजर आया। महज 16 वर्ष की उम्र में किशोर की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।
राजनीतिक और सामाजिक लोगों ने जताया दुख
बताया गया कि पवन पाल समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव अनुज पाल के भतीजे थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद कई राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी शोकाकुल परिवार से मिलने पहुंचे। सपा नेत्री रंजना पाल समेत अन्य लोगों ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और दिवंगत किशोर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान लोगों ने परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए इस दुख की घड़ी में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। वहीं, ग्रामीणों ने भी पवन के निधन पर गहरा दुख जताया।
परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दुख
पवन की मौत ने परिवार को ऐसा गम दिया है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। जिस उम्र में बच्चे अपने सपनों को पूरा करने और पढ़ाई के जरिए भविष्य बनाने की तैयारी करते हैं, उस उम्र में पवन का दुनिया से चले जाना सभी को भावुक कर गया।
फिलहाल, इस घटना के बाद पुरवा भोल गांव में शोक का माहौल है। परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों के बीच पवन की यादें ही शेष रह गई हैं।

