कानपुर देहात में मतदेय स्थलों का संभाजन: 11 का समायोजन, 4 नए केंद्र प्रस्तावित

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रिपोर्ट- विशाल मिश्रा

कानपुर देहात। जनपद में आगामी निर्वाचन प्रक्रियाओं को सुचारु, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से मतदेय स्थलों के संभाजन एवं विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में संपन्न हुई। बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) ने भाग लिया। इस दौरान मतदेय स्थलों की प्रस्तावित सूची, प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

कानपुर देहात में 1,659 मतदेय स्थल निर्धारित करने का प्रस्ताव

बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, जनपद में मतदेय स्थलों के संभाजन से पहले कुल 1,666 मतदेय स्थल निर्धारित थे। अब संभाजन प्रक्रिया के तहत कुल 1,659 मतदेय स्थल निर्धारित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अंतर्गत 11 मतदेय स्थलों का समायोजन किया गया है, जबकि चार नए मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य निर्वाचन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और मतदाताओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मतदेय स्थलों का उचित निर्धारण करना है। हालांकि, प्रस्तावित संख्या और अंतिम सूची के संबंध में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जानी है।

चार विधानसभा क्षेत्रों में हुआ मतदेय स्थलों का समायोजन

मतदेय स्थलों के संभाजन की प्रक्रिया जनपद के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पूरी की गई। बैठक में अधिकारियों ने विधानसभा क्षेत्रवार समायोजन का विवरण प्रस्तुत किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र में तीन मतदेय स्थलों का समायोजन किया गया है। वहीं, अकबरपुर-रनियां विधानसभा क्षेत्र में एक तथा सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र में भी एक मतदेय स्थल का समायोजन किया गया है।

इसके अतिरिक्त, भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र में छह मतदेय स्थलों का समायोजन किया गया। इस प्रकार चार विधानसभा क्षेत्रों में कुल 11 मतदेय स्थलों के समायोजन की जानकारी बैठक में दी गई।

दूसरी ओर, नए मतदेय स्थलों के प्रस्ताव में अकबरपुर-रनियां विधानसभा क्षेत्र में तीन और सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र में एक नया मतदेय स्थल शामिल है। इस तरह जनपद में कुल चार नए मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं।

दावा-आपत्तियों के निस्तारण के बाद सूची को अंतिम रूप देने की तैयारी

निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में मतदेय स्थलों के संभाजन की प्रक्रिया संचालित की गई। इसके तहत मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद वर्ष 2026 में मतदेय स्थलों की आलेख सूची प्रकाशित की गई थी।

आलेख सूची प्रकाशित होने के बाद संबंधित प्रक्रिया के अंतर्गत प्राप्त दावे और आपत्तियां दर्ज की गईं। अधिकारियों ने इनका निस्तारण करने के बाद अंतिम सूची को अंतिम रूप देने के संबंध में विचार-विमर्श किया।

बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी कपिल सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदेय स्थलों के निर्धारण और समायोजन से जुड़ी सभी कार्यवाहियां निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की जाएं। साथ ही, प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और प्राप्त सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण में राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की निर्धारित समय-सारिणी के संबंध में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जानकारी देना भी था। जिला निर्वाचन अधिकारी ने उपस्थित प्रतिनिधियों को पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रिया और उनकी सहभागिता के महत्व से अवगत कराया।

उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए वे सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसके साथ ही, मतदाता सूची में संभावित त्रुटियों की पहचान करने और आवश्यक सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने का भी आग्रह किया गया।

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से मतदाता सूची को अद्यतन करने और पात्र मतदाताओं से संबंधित विवरणों को निर्धारित नियमों के अनुसार दुरुस्त करने का अवसर मिलता है। इसलिए इस कार्य में प्रशासन के साथ-साथ राजनीतिक दलों और संबंधित पक्षों का सहयोग भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

पारदर्शी निर्वाचन व्यवस्था पर प्रशासन का जोर

जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने निर्वाचन संबंधी कार्यों में निर्धारित समय-सारिणी का पालन करने और आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

इसके अलावा, मतदेय स्थलों के संभाजन से संबंधित अभिलेखों और प्रक्रियाओं में स्पष्टता बनाए रखना भी आवश्यक है, ताकि निर्वाचन व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की अनावश्यक असुविधा न हो। बैठक में अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

बैठक में ये अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, जनपद के संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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