कानपुर में बिजली के तार चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गैंग का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट – डिजिटल उप्रन्यूज़
कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में विद्युत उपकरणों की चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गैंग का चौबेपुर पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के सात सदस्यों को जादेपुर गांव के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बिजली के पोलों से चोरी किए गए तार, भारी मात्रा में कॉपर, नकदी, चोरी की वारदातों में इस्तेमाल होने वाली स्कॉर्पियो और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गैंग लंबे समय से विद्युत उपकरणों की चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
पुलिस की इस कार्रवाई को बिजली के तार और अन्य विद्युत उपकरणों की चोरी से जुड़े मामलों की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। मामले में बर्रा निवासी एक कबाड़ी रंजीत का नाम भी सामने आया है, जिस पर गैंग संचालित करने का आरोप है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
जादेपुर गांव के पास से सात आरोपी गिरफ्तार
चौबेपुर थाना पुलिस को विद्युत उपकरणों की चोरी करने वाले गिरोह के संबंध में जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जादेपुर गांव के पास दबिश दी और सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह बिजली के पोलों से तार चोरी करने समेत विद्युत उपकरणों को निशाना बनाता था।
विद्युत तारों की चोरी से बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसके अलावा, ऐसे मामलों में बिजली विभाग को मरम्मत और क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पड़ सकती है। इसी वजह से इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाना पुलिस और संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण है।
हालांकि, बरामद सामान और गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी जांच के आगे बढ़ने के साथ सामने आ सकती है।
17 बिजली के पोलों का तार और 164 किलो कॉपर बरामद
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है। इसमें 17 बिजली के पोलों का तार और एक कुंतल 64 किलोग्राम कॉपर शामिल है। इसके अलावा, पुलिस ने आरोपियों के पास से 68 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
पुलिस ने चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल की जाने वाली एक स्कॉर्पियो भी बरामद की है। इसके साथ ही, वारदातों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले भारी मात्रा में औजार भी मिले हैं। बरामद सामग्री की जांच के जरिए पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि चोरी का सामान किन स्थानों से लाया गया था और इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था।
इतनी बड़ी मात्रा में कॉपर और बिजली के तार बरामद होने के बाद मामले में चोरी की अन्य घटनाओं से संभावित संबंधों की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस बरामद सामग्री के स्रोत और उससे जुड़े लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
बर्रा निवासी कबाड़ी रंजीत पर गैंग चलाने का आरोप
इस मामले में बर्रा निवासी कबाड़ी रंजीत का नाम सामने आया है। उस पर गैंग संचालित करने का आरोप है। पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, गिरोह लंबे समय से विद्युत उपकरणों की चोरी की वारदातों में शामिल था।
कबाड़ के कारोबार में चोरी के धातु उत्पादों की खरीद-बिक्री की आशंका वाले मामलों की जांच के दौरान सामान के स्रोत और लेन-देन से जुड़े तथ्यों का सत्यापन जरूरी होता है। ऐसे में पुलिस की जांच का एक अहम पहलू यह भी हो सकता है कि बरामद कॉपर और तारों का किसी कबाड़ी या अन्य व्यक्ति से कोई संबंध है या नहीं।
फिलहाल, रंजीत के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच के आधार पर ही परखा जाएगा। किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि का निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है।
आधा दर्जन थानों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े मामलों में करीब आधा दर्जन थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इससे पुलिस के सामने चोरी की अन्य घटनाओं और उनके संभावित आपसी संबंधों की पड़ताल करने का अवसर भी है।
इसके लिए संबंधित थानों में दर्ज मामलों के रिकॉर्ड, चोरी की घटनाओं के तरीके, बरामद सामग्री और आरोपियों की कथित भूमिका का मिलान किया जा सकता है। यदि जांच में अन्य घटनाओं से संबंध सामने आते हैं, तो पुलिस उन मामलों के संबंध में भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
हालांकि, फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की संख्या, धाराओं और घटनाओं की तारीखों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए इन मामलों से जुड़ी अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम ने दी कार्रवाई की जानकारी
चौबेपुर पुलिस की इस कार्रवाई के संबंध में पुलिस उपायुक्त पश्चिम, कानपुर नगर श्री एस.एम. कासिम आबिदी का बयान सामने आया है। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई में सात आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी से संबंधित सामान की बरामदगी प्रमुख बिंदु हैं।
पुलिस के लिए अब बरामद विद्युत तारों और कॉपर के स्रोत का पता लगाना, दर्ज मुकदमों से आरोपियों के संबंधों की पुष्टि करना और चोरी की अन्य घटनाओं में उनकी संभावित भूमिका की जांच करना महत्वपूर्ण होगा।
कुल मिलाकर, चौबेपुर पुलिस की कार्रवाई से विद्युत उपकरणों की चोरी से जुड़े एक कथित गिरोह का पता चला है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट हो सकेगा कि गैंग किन-किन स्थानों पर सक्रिय था और बरामद सामग्री का किन घटनाओं से संबंध है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों के आधार पर मामले में अतिरिक्त तथ्य सामने आने की संभावना है

