कानपुर के रतन प्लेनेट में दशहरा उत्सव ने लिया मेले का रूप, रावण दहन के साथ नवरात्रि का समापन
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह
कानपुर: जीटी रोड स्थित रतन प्लेनेट सोसायटी, नारामऊ में दशहरा उत्सव बड़े उत्साह, भक्ति और भव्यता के साथ मनाया गया। सोसायटी के निवासियों की भारी भागीदारी के चलते यह आयोजन देखते ही देखते मेले में बदल गया। श्रीराम के जयकारों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, जादुई करतबों और आकर्षक आतिशबाजी ने उत्सव को यादगार बना दिया। वहीं, विशाल रावण के पुतले के दहन के साथ नौ दिनों से चल रहे नवरात्रि कार्यक्रमों का भी भव्य समापन हुआ।
दशहरा उत्सव के दौरान सोसायटी परिसर में सुबह से ही उत्साह का माहौल देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके अलावा, खानपान के स्टॉल, बच्चों के लिए मनोरंजन की व्यवस्था और विभिन्न प्रस्तुतियों ने आयोजन को मेले जैसा स्वरूप प्रदान किया।
श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी की आरती से हुआ शुभारंभ
रतन प्लेनेट सोसायटी में आयोजित दशहरा कार्यक्रम का शुभारंभ सोसायटी के अध्यक्ष अजय अनमोल ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूपों की आरती करके किया। आरती के दौरान पूरा परिसर सियाराम के जयकारों से गूंज उठा। भक्तिमय वातावरण में उपस्थित लोगों ने भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इसके बाद कार्यक्रम में शामिल लोगों ने धार्मिक उत्साह के साथ दशहरा उत्सव का आनंद लिया। सोसायटी परिसर में बड़ी संख्या में निवासियों की मौजूदगी ने आयोजन की रौनक बढ़ा दी। वहीं, परिवारों के साथ पहुंचे लोगों के लिए यह अवसर धार्मिक आस्था के साथ मेल-मिलाप का भी माध्यम बना।
आरती के बाद कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रावण दहन रहा। सोसायटी के मैदान में स्थापित विशाल रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान लोगों ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। रावण दहन के साथ हुई आतिशबाजी ने उत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया।
जादूगर के. शंकर गोगा ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
दशहरा मेले में बच्चों और बड़ों के मनोरंजन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। मशहूर जादूगर के. शंकर गोगा ने अपने हैरतअंगेज जादुई करतबों से दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया। उनके प्रदर्शन को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही और दर्शकों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।
इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का मन मोह लिया। धार्मिक उत्सव के बीच मनोरंजन की इन गतिविधियों ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया। खास तौर पर बच्चों में जादू के कार्यक्रम को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
आयोजकों की ओर से बच्चों के मनोरंजन का विशेष ध्यान रखा गया। सोसायटी पदाधिकारियों ने बच्चों को खिलौने और गुब्बारे वितरित किए। इससे नन्हे-मुन्नों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। इस प्रकार दशहरा उत्सव में धार्मिक परंपराओं के साथ बच्चों के मनोरंजन को भी प्रमुखता दी गई।
चाट, दही-जलेबी और पूड़ी-सब्जी के स्टॉल बने आकर्षण
रतन प्लेनेट सोसायटी में आयोजित दशहरा मेले में खानपान की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। निवासियों के लिए चाट, दही-जलेबी, पान, पूड़ी-सब्जी और चावल-छोले के नि:शुल्क स्टॉल लगाए गए। बड़ी संख्या में लोगों ने इन स्टॉलों पर पहुंचकर विभिन्न व्यंजनों का आनंद लिया।
खानपान की व्यवस्था ने मेले के माहौल को और जीवंत बना दिया। परिवारों और बच्चों ने मनोरंजन के साथ-साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनंद लिया। वहीं, सोसायटी परिसर में लोगों की आवाजाही और उत्साह के कारण पूरे आयोजन स्थल पर मेले जैसा दृश्य दिखाई दिया।
इस आयोजन ने सोसायटी के निवासियों को एक साथ आने और त्योहार की खुशियां साझा करने का अवसर दिया। धार्मिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामूहिक सहभागिता के मेल ने दशहरा उत्सव को विशेष बना दिया।
अध्यक्ष अजय अनमोल ने पदाधिकारियों का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सोसायटी के अध्यक्ष अजय अनमोल ने कमेटी के पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों को फूलमालाएं पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजन में सहयोग देने वाले लोगों की सहभागिता को महत्व दिया गया।
अपने संबोधन में अजय अनमोल ने दशहरा पर्व के धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दशहरा सत्य की असत्य पर, धर्म की अधर्म पर और अच्छाई की बुराई पर विजय का संदेश देता है। यह पर्व लोगों को सदाचार, सत्य और सकारात्मक विचारों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने सोसायटी के सभी निवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं। साथ ही, सामूहिक सहभागिता और आपसी सहयोग से ऐसे आयोजनों को सफल बनाने के महत्व को भी रेखांकित किया।
नौ दिवसीय नवरात्रि कार्यक्रमों का हुआ समापन
दशहरा उत्सव के साथ ही रतन प्लेनेट सोसायटी में नौ दिनों से चल रहे नवरात्रि कार्यक्रमों का भी समापन हो गया। इन नौ दिनों के दौरान पूरा परिसर आकर्षक रोशनी से सजाया गया था, जिससे उत्सव का वातावरण और सुंदर हो गया।
नवरात्रि के दौरान सोसायटी में माता की चौकी, डांडिया कार्यक्रम, मंदिर में हवन-पूजन और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सामूहिक रूप से पर्व की खुशियां मनाईं।
इसके बाद दशहरा मेले के आयोजन ने नौ दिवसीय कार्यक्रमों को यादगार समापन दिया। धार्मिक आस्था, मनोरंजन और सांस्कृतिक सहभागिता से भरपूर इन आयोजनों ने सोसायटी के लोगों को एक-दूसरे के करीब आने का अवसर प्रदान किया।
भक्ति और सांस्कृतिक एकता का संदेश दे गया दशहरा मेला
रतन प्लेनेट सोसायटी, नारामऊ में आयोजित दशहरा उत्सव केवल रावण दहन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामूहिक उत्साह, सामाजिक मेल-मिलाप और सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव भी बना। भगवान श्रीराम की आरती से लेकर रावण दहन, जादू के प्रदर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नि:शुल्क खानपान व्यवस्था तक हर गतिविधि ने आयोजन को खास बनाया।
कुल मिलाकर, सोसायटी के निवासियों की भागीदारी और आयोजकों के प्रयासों से दशहरा उत्सव ने मेले का रूप ले लिया। नौ दिनों तक चले नवरात्रि कार्यक्रमों का समापन भी उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ। इस आयोजन ने सत्य और अच्छाई की विजय का संदेश देने के साथ आपसी सद्भाव, सहयोग और सामुदायिक एकता की भावना को भी मजबूत किया।

