कानपुर में तूल पकड़ चुका है नगाड़ा नाइट विवाद: अंजली अरोड़ा पर आयोजकों ने लगाए यह आरोप, 20 लाख रुपये के नुकसान का दावा

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: नगाड़ा नाइट कार्यक्रम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कार्यक्रम के आयोजक डिजिटल देशी मीडिया के संचालक आशीष कुमार ने अभिनेत्री एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजली अरोड़ा और उनकी मैनेजर प्रीति दुबे पर तय शर्तों के अनुसार प्रस्तुति नहीं देने का आरोप लगाया है। आयोजकों का दावा है कि तीन लाख रुपये पारिश्रमिक देने के बावजूद कलाकार ने कार्यक्रम में करीब 12 मिनट ही प्रस्तुति दी। इससे कार्यक्रम की रूपरेखा प्रभावित हुई और उन्हें लगभग 18 से 20 लाख रुपये तक का आर्थिक नुकसान हुआ।

इस मामले में आयोजकों की ओर से कानपुर के स्वरूप नगर थाने में प्रार्थना पत्र दिए जाने की बात कही गई है। वहीं, अधिवक्ता कलीम अहमद सिद्दीकी ने अंजली अरोड़ा और उनकी मैनेजर को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी की जानकारी दी है। हालांकि, अभी तक सामने आई जानकारी आयोजकों के आरोपों पर आधारित है। इस संबंध में कलाकार और उनकी मैनेजर का पक्ष सामने आना बाकी है।

15 अक्टूबर को लाजपत भवन लॉन में हुआ था कार्यक्रम

आयोजक आशीष कुमार के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 को कानपुर के लाजपत भवन लॉन में नगाड़ा नाइट कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के लिए अंजली अरोड़ा की मैनेजर प्रीति दुबे से बातचीत की गई थी। आयोजकों का कहना है कि शुरुआत में 30 मिनट की प्रस्तुति के लिए तीन लाख रुपये पारिश्रमिक तय हुआ था।

आयोजकों के अनुसार, बाद में कार्यक्रम से संबंधित कुछ अन्य व्यवस्थाओं पर भी सहमति बनी। इसमें प्रस्तुति का समय बढ़ाकर 45 मिनट करने और प्रायोजकों तथा विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित करने की बात शामिल थी। आयोजकों का आरोप है कि उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कलाकार की प्रस्तुति और अन्य व्यवस्थाओं के अनुरूप तैयारियां की थीं।

हालांकि, समझौते की वास्तविक शर्तें, भुगतान का पूरा विवरण और प्रस्तुति की निर्धारित अवधि से संबंधित दस्तावेज सामने आने के बाद ही इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि हो सकेगी।

तीन लाख रुपये भुगतान और अतिरिक्त खर्च का दावा

आशीष कुमार का कहना है कि कलाकार की प्रस्तुति के लिए तय तीन लाख रुपये का भुगतान 24 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 के बीच क्यूआर कोड के माध्यम से किया गया। इसके अलावा, कलाकार के आने-जाने के लिए हवाई टिकट, होटल और अन्य व्यवस्थाओं पर एक लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए।

आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम की योजना बनाते समय कलाकार की प्रस्तुति को ध्यान में रखते हुए अन्य व्यवस्थाएं भी की गई थीं। ऐसे में यदि निर्धारित समय के अनुसार प्रस्तुति नहीं होती है, तो कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा प्रभावित हो सकती है। उनका दावा है कि इसी वजह से प्रायोजकों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका और उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा।

आयोजकों ने नुकसान की राशि 18 से 20 लाख रुपये के बीच बताई है। हालांकि, नुकसान के इस अनुमान की पुष्टि के लिए कार्यक्रम की आय, खर्च, प्रायोजन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जानकारी आवश्यक होगी।

निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने का आरोप

आयोजकों की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, अंजली अरोड़ा की प्रस्तुति रात नौ बजे से 9:45 बजे तक निर्धारित थी। आरोप है कि वह कार्यक्रम स्थल पर करीब 9:45 बजे पहुंचीं और इसके बाद लगभग 12 मिनट प्रस्तुति देने के बाद कार्यक्रम से चली गईं।

आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम के लिए पहले से समय तय किया गया था और उसी के अनुसार अन्य गतिविधियों की योजना बनाई गई थी। ऐसे में प्रस्तुति कम समय तक चलने से आयोजन प्रभावित हुआ। उनका दावा है कि कार्यक्रम में शामिल दर्शकों, प्रायोजकों और विशिष्ट अतिथियों के लिए निर्धारित रूपरेखा को पूरा करने में परेशानी आई।

हालांकि, कलाकार के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने का समय, प्रस्तुति की वास्तविक अवधि और कार्यक्रम छोड़ने की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। इन तथ्यों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद विवाद की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।

अधिवक्ता ने लीगल नोटिस भेजने की कही बात

मामले में अधिवक्ता कलीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि अंजली अरोड़ा और उनकी मैनेजर प्रीति दुबे को लीगल नोटिस भेजा जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर आयोजकों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को भी बेबुनियाद बताया। साथ ही, मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग किए जाने की जानकारी दी।

इस प्रकरण में कानूनी नोटिस भेजने की प्रक्रिया और पुलिस की ओर से की जाने वाली कार्रवाई आगे की महत्वपूर्ण कड़ी हो सकती है। यदि दोनों पक्षों के बीच तय शर्तों, भुगतान और प्रस्तुति की अवधि को लेकर मतभेद हैं, तो संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य विवाद के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने प्रार्थना पत्र पर क्या कार्रवाई की है या इस मामले में कोई औपचारिक जांच शुरू हुई है या नहीं।

कलाकार और मैनेजर का पक्ष आना बाकी

नगाड़ा नाइट विवाद में आयोजकों ने भुगतान, प्रस्तुति की अवधि और कार्यक्रम से हुए कथित नुकसान को लेकर अपनी शिकायत रखी है। वहीं, अधिवक्ता की ओर से कानूनी नोटिस भेजने की बात कही गई है। दूसरी ओर, अंजली अरोड़ा और उनकी मैनेजर प्रीति दुबे का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

किसी भी विवाद में निष्पक्ष तस्वीर सामने लाने के लिए सभी संबंधित पक्षों का पक्ष जानना जरूरी होता है। इसलिए आयोजकों के आरोपों को फिलहाल दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। भुगतान संबंधी रिकॉर्ड, कार्यक्रम के अनुबंध, प्रस्तुति की अवधि और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

निष्कर्षतः, कानपुर में नगाड़ा नाइट कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। आयोजकों ने 18 से 20 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है और कलाकार तथा उनकी मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब आगे की स्थिति संबंधित पक्षों के जवाब, उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

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