कानपुर देहात: नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार

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रिपोर्ट- विशाल मिश्रा

कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में महिला एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रसूलाबाद थाना पुलिस ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान सत्यम कुमार के रूप में हुई है। उसे 27 अक्टूबर 2026 को थाना क्षेत्र के ग्राम कसमड़ा बंबी के पास से गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह मामला 12 अक्टूबर 2026 को सामने आया था। शिकायत मिलने के बाद रसूलाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया और विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों तथा पीड़िता के बयानों के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई।

शिकायत के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस के अनुसार, थाना रसूलाबाद क्षेत्र के ग्राम रामपुर कसमड़ा निवासी एक परिवार की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने अपनी नाबालिग पौत्री को सत्यम नामक युवक द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। शिकायत में यह भी कहा गया कि जब परिवार की ओर से आरोपी के घर जाकर इस संबंध में उलाहना दिया गया, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और मारपीट पर आमादा हो गए।

इस शिकायत के आधार पर रसूलाबाद थाने में मुकदमा अपराध संख्या 394/2026 दर्ज किया गया। प्रारंभिक मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 137(2), 115(2), 352, 351(2) और 61(2) के तहत नामजद आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस ने इस मामले में सत्यम, चरन सिंह, संजय, कर्मवीर उर्फ करन सिंह, पुष्पेन्द्र उर्फ कल्लू और जबरसिंह उर्फ अरुण कुमार के नाम दर्ज किए थे। ये सभी आरोपी पुलिस की ओर से जारी विवरण के अनुसार ग्राम रामपुर कसमड़ा और आसपास के संबंधित पते के निवासी बताए गए हैं।

पीड़िता की बरामदगी के बाद विवेचना में बढ़ीं धाराएं

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना रसूलाबाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान संबंधित बालिका को बरामद कर लिया गया था। इसके बाद विवेचना के क्रम में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए और अन्य साक्ष्य संकलित किए गए।

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जांच में प्राप्त तथ्यों और बयानों के आधार पर मुकदमे से भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) को हटाया गया। वहीं, भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 और 64(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 को मुकदमे में शामिल किया गया।

इन धाराओं के जुड़ने के बाद मामला नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ कथित दुष्कर्म के आरोपों से संबंधित हो गया। हालांकि, किसी भी आरोपी के दोषी होने का अंतिम निर्धारण न्यायालय में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।

27 अक्टूबर को कसमड़ा बंबी के पास हुई गिरफ्तारी

रसूलाबाद थाना पुलिस के अनुसार, मामले में वांछित आरोपी सत्यम कुमार की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे ग्राम कसमड़ा बंबी के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्यम कुमार, उम्र लगभग 19 वर्ष, पुत्र चरन सिंह, निवासी ग्राम रामपुर कसमड़ा, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात के रूप में की है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया बताई गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में शेष नामजद आरोपियों के विरुद्ध भी नियमानुसार विधिक कार्रवाई प्रचलित है।

महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों पर कार्रवाई

कानपुर देहात पुलिस की ओर से महिला एवं बालिकाओं से संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रसूलाबाद थाना क्षेत्र के इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद पीड़िता की बरामदगी, विवेचना और आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर समयबद्ध जांच, पीड़ित की सुरक्षा और संबंधित साक्ष्यों का संकलन महत्वपूर्ण होता है। साथ ही, नाबालिग से जुड़े मामलों में उसकी पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना भी आवश्यक है।

पुलिस की ओर से जारी विवरण में गिरफ्तार आरोपी का एक आपराधिक इतिहास भी उल्लेखित किया गया है। हालांकि, इस संबंध में जारी प्रेस नोट में मुकदमा संख्या और वर्ष के विवरण में अंतर दिखाई देता है। इसलिए इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि किए बिना इसे अलग से तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

फिलहाल, रसूलाबाद पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। मामले में अन्य नामजद आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई भी विवेचना और कानून के प्रावधानों के अनुसार की जा रही है। अब मामले की आगे की सुनवाई और तथ्यों का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।