बिजनौर में 60 लाख की अवैध शराब बरामद, 650 पेटियों से भरा ट्रक पकड़ा; ड्राइवर गिरफ्तार
रिपोर्ट- ताबिश मिर्ज़ा
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने करीब 650 पेटी अवैध शराब बरामद की है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत 55 से 60 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार किया है। वहीं, शराब की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध शराब की तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, बिजनौर पुलिस को मुखबिर के माध्यम से अवैध शराब की बड़ी खेप के संबंध में सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की। जांच के दौरान करीब 650 पेटी शराब से भरे ट्रक को पकड़ा गया। बरामद शराब की कीमत लगभग 55 से 60 लाख रुपये आंकी गई है।
इस कार्रवाई में ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस अब चालक से मिली जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। हालांकि, शराब की बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
चंडीगढ़ से हापुड़ पहुंचाया जाना था ट्रक
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार ट्रक चालक ने बताया कि उसे चंडीगढ़ में एक ट्रक लावारिस हालत में खड़ा मिला था। चालक के मुताबिक, उसे ट्रक लेकर हापुड़ पहुंचना था। इस काम के लिए उसे 20 हजार रुपये एडवांस दिए जाने और गंतव्य पर पहुंचने के बाद 30 हजार रुपये अतिरिक्त मिलने की बात कही गई थी।
इस बयान के आधार पर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रक चालक को किसने जिम्मेदारी सौंपी थी और शराब की खेप को हापुड़ तक पहुंचाने की योजना किसने बनाई थी। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि ट्रक में लदी शराब कहां से आई और इसकी आपूर्ति के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
हालांकि, चालक के बयान को जांच का एक हिस्सा माना जा रहा है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और उनकी संलिप्तता का निर्धारण पुलिस जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
VPN कोड के जरिए निर्देश देने का मामला आया सामने
जांच के दौरान राहुल नाम के एक व्यक्ति का नाम सामने आने की जानकारी दी गई है। बताया जा रहा है कि वह VPN कोड के माध्यम से निर्देश देता था। इसके अलावा, तस्करी के नेटवर्क में गाड़ियों को बदल-बदलकर इस्तेमाल करने का तरीका अपनाए जाने की बात भी सामने आई है।
बताए गए तरीके के अनुसार, एक वाहन से दूसरे वाहन तक खेप पहुंचाने की प्रक्रिया रिले रेस की तरह संचालित की जाती थी। इससे पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में एक से अधिक वाहन और कई लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस कथित नेटवर्क की वास्तविक संरचना और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि राहुल नाम के व्यक्ति की इस मामले में क्या भूमिका थी, निर्देश किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे और शराब की खेप को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
एसओजी और सर्विलांस टीम को 10 हजार रुपये का इनाम
इस बड़ी बरामदगी के बाद बिजनौर के पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने कार्रवाई में शामिल एसओजी और सर्विलांस टीम के लिए 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। पुलिस टीम की भूमिका को इस कार्रवाई की सफलता के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया है।
एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस अवैध शराब की सप्लाई से जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही, ट्रक की आवाजाही, चालक को दिए गए निर्देशों और कथित भुगतान व्यवस्था से संबंधित जानकारियों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का उद्देश्य केवल बरामद शराब के मामले का खुलासा करना ही नहीं, बल्कि इसके पीछे सक्रिय लोगों और पूरे आपूर्ति नेटवर्क की जानकारी जुटाना भी है।
सप्लाई चेन की जांच में जुटी पुलिस
बिजनौर पुलिस अब इस मामले की सप्लाई चेन की बारीकी से जांच कर रही है। जांच के तहत शराब के स्रोत, परिवहन के रास्ते, ट्रक की उपलब्धता, भुगतान की व्यवस्था और संभावित गंतव्य से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है। इसके अलावा, यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध अन्य जिलों में सक्रिय अवैध शराब तस्करी से है।
पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी है। वहीं, जांच एजेंसियां बरामदगी से जुड़े साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आई जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
फिलहाल, करीब 650 पेटी अवैध शराब की बरामदगी ने पुलिस के सामने एक बड़े नेटवर्क की जांच का रास्ता खोला है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका और शराब की खेप के वास्तविक स्रोत को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

