एटा: निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 22 वर्षीय युवक की मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

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रिपोर्ट – नंद कुमार

एटा, उत्तर प्रदेश। एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित अरुणानगर के श्री जगदीश सिंह मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल में उपचार के दौरान 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक सड़क हादसे में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस घटना के बाद अस्पताल परिसर के बाहर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। वहीं, युवक की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

सड़क हादसे में घायल हुआ था युवक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान गोविंद पुत्र सरदार सिंह, उम्र 22 वर्ष, निवासी गांव सादुल्लापुरा, थाना निधौली कलां, जिला एटा के रूप में हुई है। बताया गया है कि गोविंद बीते शनिवार को सड़क हादसे में घायल हो गया था। यह हादसा एटा तहसील के सामने हुआ था। दुर्घटना के बाद युवक को उपचार की आवश्यकता थी, जिसके चलते परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

परिजनों के मुताबिक, गोविंद सब्जी मंडी से लौट रहा था, तभी वह सड़क हादसे का शिकार हो गया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग उसकी देखभाल और उपचार की व्यवस्था में जुट गए। इसके बाद उसे अरुणानगर स्थित श्री जगदीश सिंह मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हालांकि, उपचार के दौरान युवक की हालत बिगड़ती चली गई और रविवार रात करीब नौ बजे उसकी मौत हो गई। युवक की मृत्यु की खबर मिलते ही परिवार के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने अस्पताल में उपचार के तरीके पर सवाल उठाए और मामले में लापरवाही की आशंका जताई।

मृतक के भाई ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोप

मृतक के भाई यशवंत ने बताया कि गोविंद सड़क हादसे के बाद घायल हो गया था। उनके अनुसार, उनके बहनोई ने रविवार सुबह गोविंद को अस्पताल में भर्ती कराया था। यशवंत का आरोप है कि अस्पताल में शुरुआत में आवश्यक जांच नहीं कराई गई और केवल एक्स-रे कराया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कही।

यशवंत के मुताबिक, बाद में जांच कराने पर लीवर से संबंधित परेशानी सहित अन्य दिक्कतों की जानकारी दी गई। परिवार के सदस्यों ने युवक की स्थिति को देखते हुए उसे किसी दूसरे अस्पताल में रेफर करने की बात कही थी। हालांकि, उनके आरोप के अनुसार, अस्पताल के दो डॉक्टरों ने भरोसा दिलाया कि वे युवक को ठीक कर देंगे।

परिजनों का कहना है कि इसके बाद गोविंद की तबीयत और बिगड़ने लगी। उसे उल्टियां होने लगीं और सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते उचित उपचार और आवश्यक कदम उठाए जाते, तो स्थिति अलग हो सकती थी।

हालांकि, ये सभी आरोप मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। अस्पताल प्रशासन का पक्ष और उपचार से संबंधित चिकित्सकीय रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।

रात में पुलिस को दी गई सूचना, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों की नाराजगी के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब नौ बजे युवक ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद रात लगभग 12 बजे परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दी।

सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की गई। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया।

परिजनों ने पुलिस को लिखित शिकायत भी दी है। शिकायत में उन्होंने अस्पताल में उपचार के दौरान कथित लापरवाही की जांच कराने की मांग की है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह

इस घटना ने एक बार फिर सड़क हादसे में घायल मरीजों को समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराने और अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच आवश्यक है।

पुलिस की जांच में युवक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने का समय, उसकी चिकित्सकीय स्थिति, उपलब्ध उपचार रिकॉर्ड और परिजनों की शिकायत जैसे पहलुओं का महत्व रहेगा। इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी मौत के कारणों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

फिलहाल, गोविंद की मौत से परिवार सदमे में है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और अस्पताल में उपचार के दौरान कथित लापरवाही के आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं।

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