बिठूर में सीएम योगी का सियासी हमला, बोले- गद्दी विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं

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रिपोर्टर – हनुमंत सिंह पिंटू

कानपुर नगर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कानपुर के बिठूर में आयोजित जनसभा के दौरान विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। महर्षि वाल्मीकि आश्रम में दर्शन-पूजन करने के बाद मुख्यमंत्री नानाराव पेशवा पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने 411 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए विरासत की राजनीति, विकास और सामाजिक मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी।

जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब विरासत के आधार पर राजनीति करने वालों को स्वीकार करने के बजाय काम और विकास को महत्व दे रही है। वहीं, कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने बिठूर के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए क्षेत्र के लिए आगे भी विशेष प्रयास किए जाने की अपेक्षा जताई।

‘गद्दी विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें एक बार विरासत के आधार पर सत्ता मिल गई थी, लेकिन अब दोबारा सत्ता में लौटने का सपना पूरा नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि जनता उनके कार्यकाल को देख चुकी है और अब प्रदेश की जनता ने अपना निर्णय सुना दिया है।

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा, “विरासत में एक बार गद्दी मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलती।” उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी व्यक्ति को अपनी क्षमता साबित करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है और जनता के बीच जाकर काम करना होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में केवल पारिवारिक विरासत के सहारे लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ा जा सकता। इसके लिए जनसेवा, जिम्मेदारी और विकास के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक है। उनके इस बयान को सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा राजनीतिक प्रहार माना गया।

‘छोटे-बड़े मियां’ कहकर विपक्ष को घेरा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी कटाक्ष किया। दोनों नेताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में दो मियां हैं, एक छोटे और एक बड़े मियां। उन्होंने विपक्ष पर घुसपैठियों के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्षी नेताओं को बांग्लादेशी घुसपैठियों से सहानुभूति है, जबकि दलितों, वंचितों, गरीबों और युवाओं के हितों की अनदेखी की जाती है। उन्होंने अपने संबोधन में सामाजिक न्याय और आम लोगों के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष की राजनीति पर सवाल खड़े किए।

हालांकि, ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक संबोधन का हिस्सा थे। जनसभा में उन्होंने अपने विचारों के समर्थन में विपक्ष की नीतियों और राजनीतिक दृष्टिकोण को लेकर आलोचना की।

विरासत और धार्मिक स्थलों के विकास का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश को अपनी परंपराओं और ऐतिहासिक पहचान पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में जिलों के नाम बदलने के मुद्दे को भी उठाया।

योगी ने कहा कि वर्ष 2012 में सपा सरकार बनने के बाद संत रविदास नगर का नाम बदलने का फैसला किया गया था। उन्होंने इस मुद्दे को विरासत और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए अपनी सरकार के दृष्टिकोण को सामने रखा।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने काशी, अयोध्या और मां विंध्यवासिनी धाम में हुए विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक स्थलों की पहचान और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम किया गया है। अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर बने हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के योगदान और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के महत्व को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, धार्मिक स्थलों का विकास पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा दे सकता है। इसी क्रम में उन्होंने बिठूर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए क्षेत्र के विकास को महत्वपूर्ण बताया।

411 करोड़ की 48 परियोजनाओं से विकास को गति देने का दावा

बिठूर में आयोजित जनसभा का एक प्रमुख आकर्षण 411 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं की सौगात रहा। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को क्षेत्र के विकास से जोड़ते हुए जनता के सामने सरकार की उपलब्धियां रखीं।

हालांकि, उपलब्ध कार्यक्रम विवरण में सभी 48 परियोजनाओं के नाम, विभागवार बजट और अलग-अलग लागत का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया। इसलिए परियोजनाओं से संबंधित विशिष्ट कार्यों और उनके लाभार्थियों की जानकारी आधिकारिक विवरण जारी होने के बाद स्पष्ट हो सकेगी।

फिर भी, इस आयोजन को बिठूर और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया। स्थानीय स्तर पर सड़क, बिजली, बुनियादी सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों की अपेक्षाएं भी सामने आईं।

विधायक अभिजीत सिंह सांगा बोले- बिठूर के विकास के लिए मांगता रहता हूं

कार्यक्रम के दौरान बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास को गति मिली है और बिठूर को भी इसका लाभ मिला है।

विधायक ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सपा सरकार के समय की परिस्थितियों का जिक्र किया। उन्होंने बिठूर क्षेत्र में हुए एक पुराने विवाद और ग्रामीण इलाकों में सड़क तथा बिजली की समस्याओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले क्षेत्र के कई गांवों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं थी।

सांगा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र में विकास कार्य हुए हैं, लेकिन बिठूर की जरूरतों को देखते हुए अभी और प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “मैं सीएम के सामने यहां के विकास के लिए हमेशा झोली फैलाकर मांगता रहता हूं।”

विधायक के इस बयान से स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधि सरकार से आगे भी सहयोग और संसाधनों की अपेक्षा कर रहे हैं।

जनसभा में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मंत्री राहुल बच्चा सोनकर ने उनका स्वागत किया। इसके अलावा सांसद रमेश अवस्थी, कानपुर की महापौर प्रमिला पाण्डेय और बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

जनसभा के दौरान विकास परियोजनाओं के साथ-साथ राजनीतिक मुद्दे भी प्रमुखता से उठे। मुख्यमंत्री ने जहां विपक्ष की राजनीति पर सवाल खड़े किए, वहीं धार्मिक विरासत और विकास कार्यों को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में प्रस्तुत किया।

कुल मिलाकर, बिठूर की इस जनसभा में विकास परियोजनाओं की घोषणा और विपक्ष पर राजनीतिक हमले, दोनों प्रमुख विषय रहे। अब इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन और उनसे स्थानीय नागरिकों को मिलने वाले लाभ पर लोगों की नजर रहेगी।

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