अमरोहा खेत पर जा रहे दंपति से मारपीट का आरोप, पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट- इकबाल अंसारी
अमरोहा, उत्तर प्रदेश। अमरोहा जनपद के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर इम्मा में खेत पर जा रहे एक दंपति के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित शाहिद ने गांव के ही पांच लोगों पर रास्ते में रोककर उसके और उसकी पत्नी के साथ मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने थाना नौगांवा सादात के प्रभारी निरीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित की शिकायत के अनुसार, घटना 26 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे की है। उस समय शाहिद अपनी पत्नी के साथ घर से खेत की ओर जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में गांव के ही पांच लोगों ने दंपति को रोक लिया। इसके बाद उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर ही हो सकेगी।
रास्ते में रोककर मारपीट करने का आरोप
ग्राम सैदपुर इम्मा निवासी शाहिद पुत्र जुम्मा का कहना है कि वह 26 अक्टूबर की सुबह अपनी पत्नी के साथ रोजमर्रा के काम से खेत पर जा रहा था। इसी दौरान गांव के शौकीन पुत्र खलील, अलवारिस पुत्र सुल्तान, इदरीश पुत्र सुल्तान, खुर्शीदा पत्नी अकरम और मुस्तरिया पुत्र सुल्तान ने कथित तौर पर उन्हें रास्ते में रोक लिया।
शाहिद के मुताबिक, रास्ते में रोकने के बाद आरोपियों ने उसके और उसकी पत्नी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर दोनों के साथ मारपीट की गई। इस घटना से दंपति परेशान हो गया और उसने मदद के लिए शोर मचाया।
पीड़ित के बयान के अनुसार, घटना के दौरान आसपास के लोगों को आवाज सुनाई दी, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर एकत्र होने लगे। आरोप है कि ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख सभी पांचों लोग दंपति को जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए।
ग्रामीणों के पहुंचने पर मौके से जाने का आरोप
शाहिद का आरोप है कि यदि आसपास के ग्रामीण मौके पर नहीं पहुंचते तो स्थिति और बिगड़ सकती थी। हालांकि, घटना के संबंध में अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जानकारी सामने आना बाकी है। इसलिए पूरे मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से संपर्क किया। परिवार का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती है। खेतों की ओर जाने वाले रास्तों पर ग्रामीणों का नियमित आवागमन रहता है। ऐसे में किसी विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित पक्षों की शिकायत की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
थाना प्रभारी निरीक्षक को दिया प्रार्थना पत्र
घटना के बाद शाहिद ने अपनी शिकायत थाना नौगांवा सादात के प्रभारी निरीक्षक को सौंप दी है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से उसने पुलिस से पूरे मामले की जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पीड़ित पक्ष चाहता है कि उसकी शिकायत पर गंभीरता से विचार किया जाए और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर उचित कदम उठाए जाएं। शिकायत में पांच लोगों के नाम का उल्लेख करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभी पुलिस की ओर से इस मामले में की गई कार्रवाई, प्राथमिकी दर्ज होने की स्थिति अथवा जांच के निष्कर्ष के संबंध में कोई आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है। ऐसे में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल मारपीट और धमकी से संबंधित बातें पीड़ित पक्ष के आरोपों पर आधारित हैं। आरोपित लोगों का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी विवाद से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने के बाद तथ्यों की जांच करना आवश्यक होता है। इस मामले में भी पीड़ित परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कदम उठाने की अपील की है। अब शिकायत पर पुलिस की ओर से की जाने वाली कार्रवाई और जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।
फिलहाल शाहिद और उसकी पत्नी ने अपने साथ कथित मारपीट तथा जान से मारने की धमकी दिए जाने के मामले में न्याय की मांग की है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

