कानपुर में नजरबंदी के विरोध में कांग्रेस नेता विकास अवस्थी ने खुद को जंजीर से बांधा – चीख चीख कर बोल रखी ये मांग

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रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा 

कानपुर: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कानपुर में कांग्रेस नेता विकास अवस्थी ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा पिछले 48 घंटे से नजरबंद किए जाने के विरोध में कांग्रेस नेता ने अपने घर के बाहर खुद को जंजीर से बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जताई।

विकास अवस्थी का कहना है कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोकने के लिए नजरबंद किया गया है। इसी के विरोध में उन्होंने खुद को जंजीर से बांधकर प्रतीकात्मक कैद का संदेश दिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार हर नागरिक को है, लेकिन विपक्षी नेताओं को प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है।

48 घंटे से नजरबंद होने का दावा

कांग्रेस नेता विकास अवस्थी के अनुसार, वह पिछले 48 घंटे से पुलिस की निगरानी में नजरबंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें घर से बाहर निकलकर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

विकास अवस्थी का कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित था। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बाद वह घर से बाहर जाकर प्रदर्शन नहीं कर सके।

इसके बाद उन्होंने अपने घर के बाहर ही विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया। उन्होंने खुद को जंजीर से बांधकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि विपक्षी नेताओं को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने से रोका जा रहा है।

जंजीर से बांधकर दिया प्रतीकात्मक कैद का संदेश

विकास अवस्थी ने कहा कि जंजीर से खुद को बांधना किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर किया गया है। उनका कहना है कि नजरबंदी के माध्यम से विपक्षी आवाजों को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता को अपनी बात रखने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और सरकार से सवाल पूछने की अनुमति नहीं होगी, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज कैसे सामने आएगी।

कांग्रेस नेता ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि क्या शांतिपूर्ण विरोध करना भी अब अपराध माना जाएगा।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस नेता विकास अवस्थी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।

उनका कहना है कि विद्यार्थियों के हितों से जुड़े मामलों में सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। साथ ही, छात्रों की आवाज को सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।

इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कानपुर में भी कांग्रेस नेता ने इसी क्रम में विरोध दर्ज कराया।

विकास अवस्थी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान विकास अवस्थी ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस कानपुर में किसी भी विपक्षी नेता को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को पहले ही नजरबंद कर दिया जाता है, ताकि वे सरकार के खिलाफ अपनी आवाज न उठा सकें।

हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन और पुलिस की ओर से अलग से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

विपक्ष ने उठाया लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा

कांग्रेस नेता के प्रदर्शन के बाद विपक्षी दलों ने भी लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सरकार से सवाल करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।

विपक्षी नेताओं के अनुसार, किसी भी मुद्दे पर असहमति जताने का अधिकार संविधान द्वारा नागरिकों को दिया गया है। इसलिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले प्रशासन को स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

दूसरी ओर, प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना होती है। ऐसे में किसी भी प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।

घर के बाहर ही किया विरोध प्रदर्शन

नजरबंदी के कारण कांग्रेस नेता विकास अवस्थी ने घर से बाहर किसी बड़े प्रदर्शन में शामिल होने के बजाय अपने आवास के बाहर ही विरोध दर्ज कराया।

उन्होंने जंजीर से खुद को बांधकर प्रतीकात्मक रूप से यह दिखाने का प्रयास किया कि उन्हें अपने ही घर में सीमित कर दिया गया है। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।

विकास अवस्थी ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर है। उन्होंने कहा कि सरकार को विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।

पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले 48 घंटे से नजरबंद किए जाने के कारण वह अपने राजनीतिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई नेता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहता है, तो उसे पहले ही नजरबंद करना कितना उचित है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को विरोध की आवाज को रोकने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

विकास अवस्थी ने आरोप लगाया कि कानपुर में विपक्षी नेताओं के साथ लगातार ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना विपक्ष की जिम्मेदारी है।

छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर जारी है विरोध

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हाल के दिनों में विपक्षी दलों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। इसी क्रम में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता प्रदर्शन, धरना और ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें उठा रहे हैं।

कानपुर में भी कांग्रेस नेता विकास अवस्थी का जंजीर से बंधकर किया गया प्रदर्शन इसी राजनीतिक विरोध का हिस्सा माना जा रहा है।

प्रशासन की भूमिका पर भी नजर

विकास अवस्थी की नजरबंदी और उनके विरोध प्रदर्शन के बाद अब प्रशासन की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है। विपक्षी नेता जहां इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बता रहे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से कार्रवाई किए जाने की संभावना रहती है।

फिलहाल, कांग्रेस नेता ने अपना विरोध जारी रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी पार्टी आगे भी आवाज उठाती रहेगी।

कांग्रेस नेता बोले- शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा

विकास अवस्थी ने कहा कि उन्हें नजरबंद करने से उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती। उन्होंने कहा कि वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाते रहेंगे।

उन्होंने केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। साथ ही, उन्होंने सरकार से छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद करने की अपील की।

कुल मिलाकर, कानपुर में कांग्रेस नेता विकास अवस्थी का जंजीर से खुद को बांधकर किया गया प्रदर्शन राजनीतिक रूप से चर्चा में है। पिछले 48 घंटे से नजरबंद होने का दावा करते हुए उन्होंने घर के बाहर ही प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। विकास अवस्थी ने इस प्रदर्शन के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई और आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को शांतिपूर्ण प्रदर्शन से रोका जा रहा है। अब इस मामले में प्रशासन और कांग्रेस की आगे की प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है।

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