कानपुर में सपा युवजन सभा अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी की 24 घंटे की भूख हड़ताल हुई समाप्त, पढ़िए ज्ञापन में क्या रखी मांग?
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा
कानपुर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई, सांसदों की गिरफ्तारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर समाजवादी युवजन सभा कानपुर महानगर के अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी द्वारा किया जा रहा 24 घंटे का सांकेतिक भूख हड़ताल कार्यक्रम समाप्त हो गया। नजरबंद किए जाने के बाद अर्पित त्रिवेदी ने अपने आवास पर ही भूख हड़ताल शुरू की थी।
भूख हड़ताल के समापन के बाद समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हनुमंत विहार थाना प्रभारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
जूस पिलाकर कराया भूख हड़ताल का समापन
अर्पित त्रिवेदी की 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल का समापन समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष, कानपुर देहात वीरसेन यादव ने कराया। उन्होंने अर्पित त्रिवेदी को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में छात्रों और सांसदों के साथ हुई कथित कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि छात्रों और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
हनुमंत विहार थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन
भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद सपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हनुमंत विहार थाना प्रभारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।
सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी ज्ञापन में प्रमुखता से रखा। उनका कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए।
नजरबंद किए जाने के बाद आवास पर शुरू की थी भूख हड़ताल
समाजवादी युवजन सभा कानपुर महानगर के अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर उन्हें नजरबंद किया गया था। इसके बाद उन्होंने अपने आवास पर ही 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए उन्होंने अपने घर पर रहकर ही सांकेतिक आंदोलन किया।
अर्पित त्रिवेदी के अनुसार, भूख हड़ताल का उद्देश्य छात्रों और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाना था।
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध अधिकार: अर्पित त्रिवेदी
भूख हड़ताल के दौरान अर्पित त्रिवेदी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर असहमति व्यक्त करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की बात सुनी जानी चाहिए।
अर्पित त्रिवेदी ने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाती रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखेगी।
असहमति की आवाज को दबाना उचित नहीं: सपा नेता
सपा युवजन सभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को बलपूर्वक दबाना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने संबंधित घटनाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की।
उनका कहना था कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सपा का प्रदर्शन
समाजवादी पार्टी की ओर से छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
इसी क्रम में कानपुर में भी सपा युवजन सभा की ओर से सांकेतिक भूख हड़ताल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से दिल्ली में छात्रों से जुड़े घटनाक्रम और सांसदों की गिरफ्तारी का विरोध दर्ज कराया गया।
सपा नेताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए किया जाना चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने दिखाई एकजुटता
अर्पित त्रिवेदी की भूख हड़ताल के दौरान सपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और छात्रों के मुद्दों को लेकर पार्टी अपनी आवाज उठाती रहेगी। इसके साथ ही, उन्होंने पार्टी नेतृत्व के कार्यक्रमों को सफल बनाने का संकल्प लिया।
भूख हड़ताल के समापन के बाद ज्ञापन सौंपने के दौरान भी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को दोहराया।
कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में विनोद यादव, अभिजीत गुप्ता, रामा यादव, सत्यम पांडे, केशव यादव, हिमांशु तिवारी, संजय यादव, संतोष पांडे, प्रवीन मिश्रा, भानु प्रताप, रमेश यादव, केके मिश्रा, शिवम जायसवाल, सूरज चौहान, रोहित दीक्षित, अनिल सोनकर, शिव सिंह, सत्यम त्रिवेदी, अनुराग पांडे, आशीष तिवारी, संदीप पांडे, सौरभ यादव, कमलाकांत पांडे, सनी सागर, शिवम खन्ना, अजय प्रजापति, दक्ष यादव और रोहित निगम समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के दौरान अर्पित त्रिवेदी के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया।
आगे भी जारी रहेगा लोकतांत्रिक संघर्ष: सपा
सपा नेताओं ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
अर्पित त्रिवेदी ने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के अधिकारों, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन और संवाद के माध्यम से जनता की समस्याओं को सामने लाने का प्रयास जारी रहेगा।
कुल मिलाकर, कानपुर में समाजवादी युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी की 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल समाप्त हो गई। नजरबंद किए जाने के बाद उन्होंने अपने आवास पर यह कार्यक्रम आयोजित किया था। समापन के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने हनुमंत विहार थाना प्रभारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। सपा नेताओं ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

