लावारिस और निराश्रित मरीजों को मुफ्त इलाज की मुहिम को मिला समर्थन, मंत्रियों और विधायक ने दिया भरोसा
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा
कानपुर: सड़क पर बेसहारा, निराश्रित, लावारिस और जरूरतमंद अवस्था में मिलने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मुहिम को अब जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिलने लगा है। सरकारी पहचान पत्र से वंचित, घर से बिछड़े, अनाथ, बेघर, बीमार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सरकारी एवं निजी अस्पतालों में निशुल्क चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग को लेकर चलाए जा रहे मानवीय अभियान को प्रदेश के जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिला है।
इस मुहिम का उद्देश्य ऐसे जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, जो किसी कारणवश अपना पहचान पत्र, परिवार या स्थायी निवास संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाते। ऐसे लोगों को अक्सर इलाज के दौरान कई तरह की व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए निशुल्क और व्यवस्थित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई जा रही है।
ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री से समर्थन की अपील
इस मानवीय अभियान को उत्तर प्रदेश सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुहिम से जुड़े लोगों ने प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री से मुलाकात कर समर्थन की अपील की। झांसी जाते समय भौती पुल पर मंत्री का स्वागत किया गया और इस संवेदनशील विषय को मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचाने का अनुरोध किया गया।
इस दौरान मुहिम से जुड़े लोगों ने मंत्री के समक्ष अपनी मांग रखी और बताया कि सड़क पर मिलने वाले निराश्रित तथा लावारिस मरीजों के लिए चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
मंत्री ने इस प्रयास का समर्थन करते हुए मांग से जुड़े दस्तावेजों के साथ लखनऊ कार्यालय आने का निमंत्रण दिया। इस समर्थन को अभियान से जुड़े लोगों ने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
लखनऊ कार्यालय आने का दिया निमंत्रण
ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ने मानवीय मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए मांग पत्र के साथ लखनऊ कार्यालय आने का स्नेहिल निमंत्रण दिया। इससे अभियान से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि इस विषय को शासन स्तर पर गंभीरता से उठाया जा सकेगा।
मुहिम के आयोजकों का कहना है कि यदि सरकार की ओर से ऐसी व्यवस्था तैयार होती है, तो सड़क पर रहने वाले अनेक जरूरतमंद लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा, पहचान संबंधी समस्याओं के कारण इलाज से वंचित रहने वाले लोगों को भी राहत मिल सकेगी।
विधायक नीलिमा कटियार ने भी जताया समर्थन
कल्याणपुर की विधायक नीलिमा कटियार ने भी इस मानवीय अभियान की सराहना की। बताया गया कि उन्होंने लावारिस और निराश्रित सेवा मिशन से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें देखीं।
इसके बाद उन्होंने अभियान से जुड़े लोगों की प्रशंसा करते हुए अपने निजी कार्यालय में मांगपत्र के साथ आने का निमंत्रण दिया। विधायक की ओर से मिले इस समर्थन को मुहिम से जुड़े लोगों ने जनहित के प्रयास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि व्यक्तिगत पहचान न होने के बावजूद विधायक ने इस मानवीय कार्य को महत्व दिया और इसे आगे बढ़ाने के लिए सहयोग का भरोसा दिया।
पहचान पत्र नहीं होने पर सामने आती हैं मुश्किलें
अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार, सड़क पर रहने वाले कई जरूरतमंद मरीज ऐसे होते हैं, जिनके पास कोई सरकारी पहचान पत्र नहीं होता। कुछ लोग परिवार से बिछड़े होते हैं, जबकि कुछ मानसिक या शारीरिक बीमारी के कारण अपना परिचय देने की स्थिति में नहीं होते।
ऐसे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के बाद उनकी पहचान, परिजनों और अन्य जरूरी जानकारी से जुड़े सवाल सामने आते हैं। परिणामस्वरूप, कई बार उनके इलाज की प्रक्रिया में भी कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं।
इसीलिए इस मुहिम के तहत ऐसी व्यवस्था की मांग की जा रही है, जिसमें पहचान पत्र या परिजनों की अनुपस्थिति में भी जरूरतमंद मरीजों को प्राथमिक और आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सके।
सरकारी और निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज की मांग
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी और निजी चिकित्सालयों में ऐसे जरूरतमंद लोगों के लिए निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
मुहिम से जुड़े लोगों का कहना है कि मानव जीवन की रक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, पहचान या पारिवारिक स्थिति के आधार पर उसे आवश्यक इलाज से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
इसके लिए सरकार की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश और एक व्यवस्थित व्यवस्था बनाई जा सकती है। ऐसी व्यवस्था के तहत प्रशासन, अस्पतालों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय स्थापित किया जा सकता है।
मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने की पहल
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि मानवीय संवेदनाएं समाज के हर वर्ग और हर प्राणी के प्रति होनी चाहिए। सड़क पर पड़े किसी बीमार, असहाय या निराश्रित व्यक्ति को देखकर उसकी मदद करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इसी सोच के साथ लावारिस और निराश्रित सेवा मिशन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की मदद की जा रही है। अभियान के तहत ऐसे लोगों को चिकित्सा सहायता, देखभाल और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
हालांकि, इस कार्य को व्यापक स्तर पर संचालित करने के लिए सरकारी सहयोग आवश्यक है। इसलिए अब इस मुहिम को शासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा नेता डॉ. शैलेन्द्र दीक्षित ने बढ़ाया उत्साह
इस मानवीय प्रयास को भाजपा नेता डॉ. शैलेन्द्र दीक्षित का भी समर्थन और उत्साहवर्धन मिला। अभियान से जुड़े लोगों ने उन्हें अपना बड़ा भाई बताते हुए उनके सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
उनका कहना है कि डॉ. शैलेन्द्र दीक्षित ने मानवता और इंसानियत से जुड़े इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरणा दी। उनके प्रोत्साहन से अभियान से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ा है।
अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग आवश्यक है।
जनप्रतिनिधियों के समर्थन से बढ़ी उम्मीदें
ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री तथा कल्याणपुर विधायक की ओर से मिले समर्थन के बाद अभियान से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि उनकी मांग शासन स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।
अब मांगपत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष भी यह विषय उठाने की तैयारी की जा रही है। अभियान का उद्देश्य ऐसी नीति और व्यवस्था तैयार कराना है, जिसके माध्यम से जरूरतमंद और निराश्रित मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।
यदि इस दिशा में कोई ठोस व्यवस्था तैयार होती है, तो इससे सड़क पर रहने वाले अनेक असहाय लोगों को लाभ मिल सकता है।
मुहिम से जुड़े लोगों ने जताया आभार
अभियान से जुड़े लोगों ने सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संरक्षकों के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत पहचान से अधिक महत्वपूर्ण जनहित का कार्य होता है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मानवीय मुहिम को दिया गया समर्थन भावुक करने वाला है। इससे यह संदेश भी जाता है कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए चलाए जा रहे प्रयासों को यदि सामूहिक सहयोग मिले, तो उन्हें व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, लावारिस, निराश्रित, बेघर और पहचान पत्र से वंचित जरूरतमंद मरीजों के लिए निशुल्क चिकित्सा व्यवस्था की मांग को लेकर चल रही मुहिम को जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिला है। ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ने मांग पत्रों के साथ लखनऊ कार्यालय आने का निमंत्रण दिया है, जबकि कल्याणपुर विधायक नीलिमा कटियार ने भी अभियान की सराहना करते हुए सहयोग का भरोसा दिया है। अब इस मानवीय पहल को शासन स्तर तक पहुंचाने और जरूरतमंद लोगों के लिए व्यवस्थित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित कराने की दिशा में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

