कानपुर केंद्रीय विद्यालय में छात्र से मारपीट मामले में पढ़िए नया अपडेट, स्पोर्ट्स टीचर पर दर्ज हुई थी शिकायत

f0d52f11-c96d-4eaa-bf51-d9387a7d088f

रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा 

कानपुर: केंद्रीय विद्यालय नंबर-2, चकेरी कानपुर में कक्षा 12 के छात्र के साथ कथित मारपीट, धमकी और मानसिक उत्पीड़न का मामला सामने आया है। छात्र की मां ने स्कूल के एक स्पोर्ट्स टीचर और डिसिप्लिन इंचार्ज समेत कुछ छात्रों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के बाद मामले में जांच कमेटी गठित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

छात्र की मां मीनाक्षी भारती ने इस संबंध में कमिश्नर, केंद्रीय विद्यालय संगठन, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग तथा पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर शिकायत की है। शिकायत में उन्होंने अपने बेटे तविष के साथ कथित तौर पर लंबे समय से हो रही परेशानी, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न की जांच कराने की मांग की है।

कक्षा 10 के बाद से परेशान करने का आरोप

शिकायतकर्ता मां का आरोप है कि उनके बेटे को कक्षा 10 के बाद से ही स्कूल के कुछ प्रभावशाली शिक्षकों द्वारा कथित रूप से निशाना बनाया जा रहा था। उनका कहना है कि छात्र को लगातार मानसिक रूप से परेशान किया गया और कई मौकों पर उसे छात्रों के एक समूह द्वारा कथित तौर पर पीटा गया।

परिजन के अनुसार, यह घटना केवल स्कूल परिसर तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्कूल के बाहर भी छात्र को परेशान किए जाने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि करीब 20 छात्रों के समूह द्वारा छात्र के साथ कथित मारपीट की गई।

हालांकि, इन सभी आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

वॉशरूम में ले जाकर मारपीट का आरोप

छात्र की मां ने शिकायत में आरोप लगाया है कि एक बार उनके बेटे को कक्षा से बुलाकर वॉशरूम ले जाया गया, जहां कुछ छात्रों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की।

परिजन का दावा है कि इस घटना का वीडियो बनाए जाने और उसे वायरल करने की धमकी भी दी गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले की जानकारी स्कूल प्रशासन को दी गई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की शिकायत है।

मां का आरोप है कि जब उन्होंने स्कूल के प्रधानाचार्य से शिकायत की, तो मामले को कथित रूप से दबाने का प्रयास किया गया। उनका दावा है कि घटना से संबंधित वीडियो को स्पोर्ट्स टीचर, जो स्कूल में डिसिप्लिन इंचार्ज की जिम्मेदारी भी संभालते हैं, द्वारा डिलीट कर दिया गया।

शिक्षक पर मामले को नकारने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्पोर्ट्स टीचर और क्लास टीचर की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं।

छात्र की मां का कहना है कि उनके बेटे के साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी स्कूल प्रशासन को कई बार दी गई। इसके बावजूद, उनके अनुसार, मामले में केवल कुछ छात्रों को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया, जबकि संबंधित शिक्षक के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।

हालांकि, स्कूल प्रशासन या संबंधित शिक्षक का विस्तृत पक्ष इस मामले में सामने आना अभी बाकी है। इसलिए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

छात्रों को आगे कर प्रताड़ित करने का आरोप

शिकायत में छात्र की मां ने स्पोर्ट्स टीचर और डिसिप्लिन इंचार्ज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिक्षक कथित तौर पर कुछ छात्रों को प्रभावित कर उनके माध्यम से उनके बेटे को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करवा रहे हैं।

परिजन का आरोप है कि छात्र को स्कूल से बाहर करने या उसका भविष्य प्रभावित करने के उद्देश्य से उसके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया है कि कुछ छात्रों को कथित तौर पर भ्रमित कर या आगे कर छात्र के साथ दुर्व्यवहार कराया गया।

इन आरोपों को लेकर अब जांच कमेटी की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित छात्रों के बयान और स्कूल के रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।

सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराने की शिकायत

छात्र की मां ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि मामले से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई।

परिजन का कहना है कि यदि स्कूल परिसर में घटना हुई है, तो उससे संबंधित सीसीटीवी फुटेज जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए उन्होंने संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और निष्पक्ष जांच के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है।

इसके अलावा, शिकायतकर्ता ने कथित रूप से निलंबित किए गए छात्रों के निलंबन आदेश की प्रति भी उपलब्ध नहीं कराए जाने का आरोप लगाया है।

स्कूल की अनुशासन व्यवस्था पर उठे सवाल

शिकायत में स्कूल की अनुशासन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। छात्र की मां का कहना है कि यदि किसी छात्र के साथ लगातार मारपीट या मानसिक उत्पीड़न की शिकायत की जाती है, तो स्कूल प्रशासन को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्कूल में पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है। इसलिए किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

विशेषकर कक्षा 12 के छात्र के लिए पढ़ाई का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यदि कोई छात्र लंबे समय तक मानसिक दबाव या कथित उत्पीड़न का सामना करता है, तो उसका असर उसकी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ सकता है।

कई अधिकारियों को भेजा गया शिकायत पत्र

छात्र की मां ने मामले को लेकर कई स्तरों पर शिकायत की है। उन्होंने कमिश्नर, केंद्रीय विद्यालय संगठन, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग और डीजीपी को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि स्थानीय स्तर पर की गई शिकायतों के बावजूद उन्हें पूरी तरह संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली। इसलिए उन्होंने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की।

उनका कहना है कि जांच किसी एक पक्ष के प्रभाव में नहीं होनी चाहिए और सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाने चाहिए।

जांच कमेटी के सामने कई बिंदु महत्वपूर्ण

मामले में गठित जांच कमेटी के सामने कई बिंदु महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इनमें छात्र के साथ कथित मारपीट की घटनाएं, संबंधित छात्रों की भूमिका, स्कूल प्रशासन को दी गई शिकायतें, सीसीटीवी फुटेज और कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।

इसके अलावा, यह भी जांच का विषय हो सकता है कि छात्र की शिकायत पर स्कूल प्रशासन ने कब-कब क्या कार्रवाई की।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है, तो जांच रिपोर्ट के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अभिभावक ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

छात्र की मां ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि अपने बेटे को न्याय और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण दिलाना है।

परिजन का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र को भयमुक्त और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। यदि किसी छात्र के साथ कोई घटना होती है, तो उसकी शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होना आवश्यक है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल, मामला जांच के दौर में है और जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इस मामले में छात्र की मां की ओर से लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा की जा रही है। वहीं, स्कूल प्रशासन और संबंधित शिक्षक का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

कुल मिलाकर, कानपुर के केंद्रीय विद्यालय नंबर-2, चकेरी में कक्षा 12 के छात्र के साथ कथित मारपीट और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत ने स्कूल की अनुशासन व्यवस्था और छात्र सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। छात्र की मां ने कई उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर स्पोर्ट्स टीचर और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है। मामले में जांच कमेटी गठित की गई है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

You may have missed