कानपुर में घाटमपुर के आनूपुर में जलभराव से ग्रामीण परेशान, तालाब का गंदा पानी रास्ते और घरों तक पहुंचा
रिपोर्ट – शुभम साहू
कानपुर/घाटमपुर: कानपुर के घाटमपुर तहसील क्षेत्र के सजेती थाना अंतर्गत आनूपुर गांव में बारिश के बाद जलभराव की समस्या ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या एक-दो साल पुरानी नहीं, बल्कि कई दशकों से चली आ रही है। बारिश के दौरान गांव के तालाब में पानी भरने के बाद समुचित जल निकासी नहीं होने से तालाब का पानी आम रास्ते पर पहुंच जाता है। कई बार यही पानी ग्रामीणों के घरों तक भी पहुंच जाता है।
हाल ही में दो दिनों तक हुई बारिश के बाद गांव में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई। कई घरों में पानी पहुंचने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, बाद में घरों में जमा पानी को बाहर निकाल दिया गया, लेकिन गांव के मुख्य रास्ते पर अब भी गंदा पानी जमा रहने से आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
दो दिन की बारिश के बाद बिगड़े हालात
आनूपुर गांव में बारिश के बाद तालाब का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी आसपास के इलाकों में फैल गया। ग्रामीणों के अनुसार, इस बार लगातार दो दिन हुई बारिश के बाद स्थिति अधिक खराब हो गई। तालाब का पानी रास्ते से होते हुए कुछ ग्रामीणों के घरों तक पहुंच गया।
घर में पानी भरने से लोगों को घरेलू सामान और दैनिक गतिविधियों को लेकर परेशानी उठानी पड़ी। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान को जलभराव की समस्या का निस्तारण कराने की जिम्मेदारी दी गई।
इसके बाद ग्रामीणों के घरों में जमा पानी को निकालने की व्यवस्था की गई, लेकिन आम रास्ते पर जमा पानी की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि केवल घरों से पानी निकालने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
गांव के महत्वपूर्ण रास्ते पर जमा है पानी
ग्रामीण विकास, दिवाकर, दीनू सिंह प्रजापति समेत अन्य लोगों ने बताया कि जिस रास्ते पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वह गांव के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गांव के आधे से अधिक लोग रोजमर्रा के कामों के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
रास्ते पर गंदा पानी जमा होने के कारण लोगों को उसी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी रास्ते से होकर निकलना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक, पानी और कीचड़ के कारण बच्चों के कपड़े और जूते खराब हो जाते हैं।
वहीं, बुजुर्गों के लिए पानी से भरे रास्ते पर चलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि लंबे समय तक जलभराव रहने से रास्ते की स्थिति और खराब हो सकती है।
गंदे पानी से बढ़ी दुर्गंध और मच्छरों की समस्या
ग्रामीणों के अनुसार, तालाब से निकलकर रास्ते पर जमा पानी साफ नहीं है। पानी लंबे समय तक जमा रहने के कारण आसपास दुर्गंध फैल रही है। इसके साथ ही मच्छरों की संख्या बढ़ने की भी शिकायत ग्रामीणों ने की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलभराव लंबे समय तक बना रहता है तो साफ-सफाई और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, किसी बीमारी के फैलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव वाले स्थान की सफाई और पानी की निकासी जल्द कराने की मांग की है।
बारिश के बाद भी कई दिनों तक रहती है समस्या
आनूपुर के ग्रामीणों का कहना है कि बारिश रुकने के बाद भी रास्ते से पानी जल्दी नहीं निकलता। कई बार कई दिनों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इसका सीधा असर ग्रामीणों के आवागमन पर पड़ता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, हर साल बारिश के मौसम में प्रशासनिक स्तर पर स्थिति का निरीक्षण किया जाता है और तत्काल पानी निकालने की व्यवस्था भी की जाती है। हालांकि, बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद स्थायी जल निकासी की दिशा में काम नहीं होने से अगले वर्ष फिर वही समस्या सामने आ जाती है।
इसी वजह से ग्रामीण अब अस्थायी राहत के बजाय स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान ने सचिव पर लगाया लापरवाही का आरोप
मामले में ग्राम प्रधान अनामिका प्रजापति ने कहा कि गांव में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या पहले भी सामने आती रही है। उनका कहना है कि पूर्व में पानी की निकासी अपेक्षाकृत आसानी से करा दी जाती थी, लेकिन इस बार आम रास्ते से पानी निकलने में समस्या बनी हुई है।
ग्राम प्रधान ने सचिव पर अपेक्षित ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया है। हालांकि, सचिव की ओर से इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस संबंध में अंतिम स्थिति संबंधित विभाग की जांच या आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ग्राम प्रधान के अनुसार, उप जिलाधिकारी घाटमपुर अविचल प्रताप सिंह की ओर से भी समस्या का जल्द निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों ने स्थायी जल निकासी की मांग की
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश में जलभराव की समस्या सामने आने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। इसलिए इस बार प्रशासन से तालाब की सफाई, जल निकासी की उचित व्यवस्था और रास्ते के सुधार की मांग की जा रही है।
ग्रामीण चाहते हैं कि तालाब के पानी की निकासी के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे बारिश के दौरान पानी आम रास्ते और घरों की ओर न पहुंचे। इसके साथ ही रास्ते को आवश्यकतानुसार ऊंचा कराने और जल निकासी के लिए नाली या अन्य स्थायी व्यवस्था विकसित करने की मांग भी उठाई गई है।
फिलहाल आनूपुर में जलभराव ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा की परेशानी बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मौके का दोबारा निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि हर बारिश में उन्हें इसी समस्या का सामना न करना पड़े।

