बिजनौर के राजकीय इंटर कॉलेज में POCSO पर आयोजित किया गया जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों को बताए बच्चों के अधिकार
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बिजनौर के राजकीय इंटर कॉलेज में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को POCSO Act, बाल सुरक्षा और बच्चों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण के महत्व के साथ-साथ यह भी समझाया कि किसी भी असहज या संदिग्ध स्थिति में उन्हें चुप रहने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति से सहायता लेनी चाहिए। वहीं, बच्चों को उनके अधिकारों और कानून की मदद लेने से संबंधित जरूरी जानकारी भी दी गई।
POCSO कानून को लेकर छात्रों को किया जागरूक
कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की।
अधिकारियों ने बताया कि POCSO Act यानी Protection of Children from Sexual Offences Act बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया महत्वपूर्ण कानून है। इसका उद्देश्य बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों के मामलों में कानूनी संरक्षण और न्याय की प्रक्रिया को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कानून के बारे में सरल भाषा में जानकारी देने का प्रयास किया गया, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और जरूरत पड़ने पर उचित माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकें।
बच्चों के अधिकारों की दी गई जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना रहा। अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में रहने तथा शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि यदि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी या असुरक्षा महसूस होती है, तो वे अपने माता-पिता, शिक्षक, अभिभावक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात कर सकते हैं। समय पर जानकारी साझा करने से किसी संभावित समस्या का समाधान खोजने में मदद मिल सकती है।
वहीं, स्कूल और कॉलेज जैसे शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि विद्यालय, प्रशासन और समाज की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।
सुरक्षित वातावरण बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण के महत्व के बारे में बताया गया। स्कूल में ऐसा माहौल होना जरूरी है, जहां बच्चे बिना डर के अपनी बात रख सकें और किसी समस्या की स्थिति में सहायता मांग सकें।
इसके अलावा, विद्यार्थियों को अपने आसपास होने वाली गतिविधियों के प्रति सजग रहने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता बच्चों को अपने अधिकारों को समझने और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाने में मदद करती है।
इसी क्रम में, शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी चर्चा हुई। शिक्षकों से अपेक्षा की गई कि वे विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग या अभिभावकों तक जानकारी पहुंचाएं।
विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से समय-समय पर आम लोगों और विद्यार्थियों को कानून से संबंधित जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी देना है।
बिजनौर के राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम भी इसी पहल का हिस्सा रहा। विद्यार्थियों को बताया गया कि कानूनी जानकारी केवल न्यायालय या कानूनी प्रक्रिया तक सीमित विषय नहीं है। बल्कि दैनिक जीवन में अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझना भी जरूरी है।
इसके अलावा, कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि किसी भी गंभीर समस्या की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता लेना जरूरी है।
न्यायिक और पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश एवं DLSA अध्यक्ष संजय कुमार और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के अलावा कई अधिकारी मौजूद रहे। इनमें ACJM प्रथम नरेन्द्र कुमार, स्पेशल जज EC Act लोकेश नागर और DLSA से स्वाति चंद्रा शामिल रहीं।
राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और शिक्षक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। विद्यालय स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने कानून और बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
अधिकारियों और शिक्षकों की मौजूदगी में विद्यार्थियों को जागरूकता का संदेश दिया गया और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया गया।
जागरूकता से मजबूत होगी बाल सुरक्षा
बच्चों को कानून और अपने अधिकारों की जानकारी देना उनकी सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। जब विद्यार्थी अपने अधिकारों और सहायता के उपलब्ध माध्यमों से परिचित होते हैं, तो वे जरूरत के समय सही व्यक्ति तक अपनी बात पहुंचाने में अधिक सक्षम हो सकते हैं।
वहीं, शिक्षण संस्थानों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बच्चों और शिक्षकों के बीच संवाद को भी मजबूत कर सकते हैं। POCSO जैसे कानूनों की जानकारी विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी उपयोगी है।
कुल मिलाकर, बिजनौर के राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित POCSO जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में न्यायिक और पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को सुरक्षित वातावरण के महत्व की जानकारी दी और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

