योगी सरकार की मुफ्त कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना को मिला शानदार रिस्पॉन्स, जानिए कितने हजार से अधिक युवाओं ने किया आवेदन

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Digital UP News Desk

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से संचालित निःशुल्क ओ-लेवल और सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना को इस वर्ष युवाओं का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत कुल 70,604 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

इस योजना का लाभ मुख्य रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के आर्थिक रूप से कमजोर युवक-युवतियों को दिया जाता है। योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को बिना किसी शुल्क के कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। खास बात यह है कि इस वर्ष प्राप्त आवेदनों की संख्या से स्पष्ट है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं में डिजिटल शिक्षा और कंप्यूटर कौशल हासिल करने को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है।

ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए सबसे अधिक आवेदन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष ओ-लेवल कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। कुल 58,984 अभ्यर्थियों ने ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए आवेदन किया है। वहीं, 11,620 अभ्यर्थियों ने सीसीसी कोर्स के लिए आवेदन किया है।

इस तरह दोनों पाठ्यक्रमों के लिए कुल 70,604 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विभाग के अनुसार, यह आंकड़ा युवाओं के बीच योजना की लोकप्रियता को दर्शाता है।

ओ-लेवल और सीसीसी जैसे कंप्यूटर पाठ्यक्रम युवाओं को डिजिटल तकनीक से जुड़ी बुनियादी और व्यावसायिक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके परिणामस्वरूप, प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को आगे चलकर रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी लाभ मिल सकता है।

आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी युवाओं के लिए योजना

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी वर्ग के युवक-युवतियों को कंप्यूटर शिक्षा का अवसर देना है। योजना के लिए पात्रता के तहत अभ्यर्थी का इंटरमीडिएट या उससे अधिक शिक्षित होना आवश्यक है।

इसके अलावा, अभ्यर्थी के अभिभावक की वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। इस आय सीमा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के युवाओं तक पहुंचे।

इस प्रकार, जिन परिवारों के लिए निजी संस्थानों में कंप्यूटर प्रशिक्षण की फीस वहन करना मुश्किल होता है, उनके बच्चों को सरकार की इस योजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है।

1 अगस्त 2026 से शुरू होगा प्रशिक्षण

योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण 1 अगस्त 2026 से शुरू किया जाएगा। प्रशिक्षण शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को संबंधित पाठ्यक्रम के अनुसार कंप्यूटर शिक्षा प्रदान की जाएगी।

ओ-लेवल प्रशिक्षण के माध्यम से अभ्यर्थियों को कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाती है। वहीं, सीसीसी कोर्स के जरिए कंप्यूटर की बुनियादी समझ और डिजिटल कार्यप्रणाली से परिचित कराया जाता है।

वर्तमान समय में सरकारी सेवाओं, निजी नौकरियों और स्वरोजगार के लिए कंप्यूटर ज्ञान तेजी से आवश्यक होता जा रहा है। इसलिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

नाइलिट से मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्रशिक्षण

इस योजना के तहत प्रशिक्षण भारत सरकार के नाइलिट (NIELIT) से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से कराया जाता है। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और पाठ्यक्रम की मान्यता को लेकर अभ्यर्थियों को भरोसा मिलता है।

उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में 338 प्रशिक्षण संस्थान इस योजना से जुड़े हुए हैं। इनमें 63 संस्थान केवल ओ-लेवल प्रशिक्षण संचालित करते हैं, जबकि 39 संस्थान केवल सीसीसी पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं।

इसके अलावा, 236 संस्थानों में ओ-लेवल और सीसीसी दोनों पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इस व्यापक नेटवर्क के कारण प्रदेश के कई जिलों में युवाओं को अपने नजदीकी संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

सरकार की ओर से प्रशिक्षण खर्च का भुगतान

योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। सरकार की ओर से प्रशिक्षण के लिए निर्धारित राशि का भुगतान किया जाता है।

ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 15 हजार रुपये तक और सीसीसी प्रशिक्षण के लिए 3,500 रुपये तक का भुगतान सरकार की ओर से किया जाता है।

इस व्यवस्था से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं पर प्रशिक्षण शुल्क का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। साथ ही, उन्हें डिजिटल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलता है।

डिजिटल कौशल से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद

आज के दौर में कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। सरकारी कार्यालयों से लेकर निजी कंपनियों और छोटे व्यवसायों तक, कंप्यूटर का उपयोग लगभग हर क्षेत्र में किया जा रहा है।

ऐसे में ओ-लेवल और सीसीसी जैसे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम युवाओं को डिजिटल कार्यों की बुनियादी समझ प्रदान कर सकते हैं। इसके अलावा, प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा विभिन्न रोजगार अवसरों की तैयारी कर सकते हैं।

वहीं, कुछ युवा कंप्यूटर ज्ञान का उपयोग स्वरोजगार और ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कार्यों में भी कर सकते हैं। इसलिए सरकार की यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए कौशल विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।

70 हजार से अधिक आवेदन योजना की सफलता का संकेत

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश के युवा डिजिटल कौशल हासिल करने के लिए उत्साहित हैं।

उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिक से अधिक युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कंप्यूटर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। इसके माध्यम से युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बदलते समय में डिजिटल कौशल युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। इसलिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जरूरतमंद युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

युवाओं में बढ़ रहा डिजिटल शिक्षा का रुझान

इस योजना के लिए प्राप्त आवेदनों की संख्या से यह भी संकेत मिलता है कि युवाओं में डिजिटल शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवक-युवतियां अब कंप्यूटर प्रशिक्षण को अपने भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

पहले जहां कई परिवार आर्थिक कारणों से कंप्यूटर शिक्षा का खर्च वहन नहीं कर पाते थे, वहीं निःशुल्क प्रशिक्षण योजनाओं के माध्यम से उन्हें राहत मिल रही है।

इसके अलावा, सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्रशिक्षण मिलने से अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम और प्रमाणपत्र की उपयोगिता को लेकर भी बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

योजना से युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार की निःशुल्क ओ-लेवल और सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना को इस वर्ष युवाओं का शानदार समर्थन मिला है। 70,604 आवेदन प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा डिजिटल कौशल हासिल करने को लेकर गंभीर हैं।

अब चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण 1 अगस्त 2026 से शुरू होगा। नाइलिट से मान्यता प्राप्त 338 संस्थानों के माध्यम से संचालित होने वाला यह प्रशिक्षण युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटल कौशल हासिल करने का अवसर देगा।

सरकार की ओर से प्रशिक्षण शुल्क का भुगतान किए जाने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ के प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका मिलेगा। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि यह योजना आने वाले समय में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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