दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़: कोलकाता से एयरलिफ्ट कर भेजी गईं CRPF की अतिरिक्त कंपनियां, पढ़िए भेजे गए जवानों की संख्या
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती का निर्णय लिया है।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 20 अतिरिक्त कंपनियों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली भेजा गया है। इन कंपनियों में लगभग 2,000 जवान शामिल हैं, जिन्हें राजधानी के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि संसद के मानसून सत्र के दौरान तथा राजधानी में संभावित भीड़भाड़, विरोध-प्रदर्शनों और अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।
गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात की समीक्षा कर रही हैं तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम भी किए जा रहे हैं।
संसद के मानसून सत्र को देखते हुए बढ़ाई गई सुरक्षा
राष्ट्रीय राजधानी में संसद का मानसून सत्र चल रहा है। इस दौरान संसद भवन और उसके आसपास बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विभिन्न संगठनों की आवाजाही रहती है।
कई बार अलग-अलग संगठनों द्वारा प्रदर्शन या धरना-प्रदर्शन की घोषणाएं भी की जाती हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि संसद सत्र के दौरान राजधानी में सतर्कता बढ़ाना आवश्यक होता है। इसी कारण दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों का समन्वय भी मजबूत किया गया है।
कोलकाता से एयरलिफ्ट कर पहुंचे जवान
गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल के कोलकाता से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियों को विशेष व्यवस्था के तहत एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया। अधिकारियों के अनुसार जवानों को कम समय में राजधानी पहुंचाने के लिए हवाई मार्ग का उपयोग किया गया, ताकि आवश्यकता के अनुरूप उनकी तैनाती शीघ्र की जा सके।
लगभग 2,000 जवानों के राजधानी पहुंचने के बाद संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जरूरत के अनुसार उन्हें विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाया जाएगा।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता
गृह मंत्रालय के अनुसार राजधानी में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली भेजा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त बलों की तैनाती का उद्देश्य किसी विशेष घटना से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे सुरक्षा तैयारियों के सामान्य और एहतियाती उपाय के रूप में समझा जाना चाहिए। ऐसी व्यवस्थाएं समय-समय पर परिस्थितियों के अनुसार की जाती हैं।
संवेदनशील स्थानों पर रहेगी विशेष निगरानी
सुरक्षा एजेंसियां राजधानी के विभिन्न संवेदनशील इलाकों, सरकारी प्रतिष्ठानों, प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी बनाए हुए हैं। अतिरिक्त जवानों की तैनाती से गश्त, सुरक्षा जांच और भीड़ प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा।
इसके साथ ही दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पहले से भी तैनात हैं केंद्रीय सुरक्षा बल
यह पहली बार नहीं है जब राजधानी में अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की गई हो। इससे पहले भी विभिन्न अवसरों पर CRPF और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कई कंपनियां दिल्ली में तैनात की जा चुकी हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े आयोजनों, संसद सत्र, राष्ट्रीय पर्वों अथवा विशेष परिस्थितियों के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा होती है। इससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय पुलिस को भी सहायता मिलती है।
गृह मंत्रालय लगातार कर रहा स्थिति की समीक्षा
सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा कर रहा है। वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से नियमित फीडबैक ले रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और सुरक्षा बल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी रखी गई है।
इसके अलावा सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय बनाए रखने और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने पर विशेष जोर दिया गया है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि सुरक्षा जांच के दौरान अतिरिक्त समय लगे या किसी स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था अधिक दिखाई दे, तो इसे नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम समझा जाए।
साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को दें और अफवाहों पर ध्यान न दें। आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह भी दी गई है।
सुरक्षा तैयारियों का अहम हिस्सा
विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी जैसे संवेदनशील शहर में समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और अतिरिक्त बलों की तैनाती एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है। इससे न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलती है, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत होता है।
दिल्ली में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय ने कोलकाता से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियों के लगभग 2,000 जवानों को एयरलिफ्ट कर राजधानी भेजा है।
संसद के मानसून सत्र, संभावित विरोध-प्रदर्शनों और सुरक्षा तैयारियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। केंद्रीय सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस के बीच समन्वय के साथ राजधानी के संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

