अमरोहा के रजाकपुर में दिनदहाड़े मिट्टी खनन का वीडियो हुआ वायरल, कार्रवाई पर उठे सवाल – पढ़िए क्यों?
अमरोहा: जनपद अमरोहा के नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के रजाकपुर गांव में कथित तौर पर दिनदहाड़े मिट्टी के अवैध खनन का मामला सामने आया है। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लोडर मशीन की मदद से मिट्टी की खुदाई किए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो एक दिन पुराना है और बुधवार को सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ।
वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में मिट्टी खनन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि क्षेत्र में खुले तौर पर मिट्टी की खुदाई और उसके बाद परिवहन किया जा रहा है, तो संबंधित विभागों की ओर से इस पर प्रभावी निगरानी क्यों नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि और उससे जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रजाकपुर में मिट्टी खनन का वीडियो वायरल
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक लोडर मशीन से जमीन से मिट्टी निकाली जा रही है। वीडियो के आधार पर स्थानीय स्तर पर इसे मिट्टी के कथित अवैध खनन से जोड़कर देखा जा रहा है।
वायरल वीडियो कब और किस स्थान पर रिकॉर्ड किया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों का ध्यान इस ओर गया है और मामले में कार्रवाई की मांग भी उठने लगी है।
दरअसल, किसी भी क्षेत्र में खनन या मिट्टी की खुदाई से संबंधित गतिविधियों के लिए निर्धारित नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन आवश्यक होता है। ऐसे में यदि बिना अनुमति खनन किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकते हैं।
रात में ट्रैक्टर-ट्रालियों से परिवहन का दावा
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि रजाकपुर और आसपास के क्षेत्र में मिट्टी की खुदाई के बाद उसे ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए दूसरी जगहों पर ले जाया जाता है। ग्रामीणों का दावा है कि मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां रात के समय अमरोहा नगर की ओर जाती हुई दिखाई देती हैं।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि अधिकारियों की जांच में बिना अनुमति मिट्टी के खनन और परिवहन की पुष्टि होती है, तो नियमों के अनुसार संबंधित लोगों पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय मशीनों के जरिए मिट्टी की खुदाई किए जाने की गतिविधियां सामने आने के बाद प्रशासन को मामले की जांच करनी चाहिए।
वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई पर सवाल
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक निगरानी को लेकर उठ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में लंबे समय से मिट्टी की खुदाई और परिवहन की गतिविधियां चल रही हैं, तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।
हालांकि, यह भी जरूरी है कि किसी वायरल वीडियो को कार्रवाई का अंतिम आधार मानने से पहले उसकी सत्यता, स्थान और समय की पुष्टि की जाए। संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर जांच किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिखाई गई गतिविधि वास्तव में रजाकपुर की है या नहीं और वहां खनन के लिए आवश्यक अनुमति मौजूद थी या नहीं।
ग्रामीणों ने पर्यावरण को लेकर जताई चिंता
ग्रामीणों के मुताबिक, अनियंत्रित तरीके से मिट्टी की खुदाई किए जाने से क्षेत्र की जमीन पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, यदि बड़े स्तर पर खुदाई होती है तो आसपास के खेतों और प्राकृतिक संरचना पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन से जुड़े नियमों का पालन होना चाहिए, ताकि विकास और निर्माण की जरूरतों के साथ-साथ जमीन और पर्यावरण की सुरक्षा भी बनी रहे।
इसी वजह से ग्रामीण अब प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि खनन गतिविधि नियमों के अनुरूप है तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
खनन विभाग और प्रशासन की जांच अहम
इस मामले में अब खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। अधिकारियों द्वारा यदि मौके का निरीक्षण किया जाता है तो यह पता लगाया जा सकता है कि संबंधित स्थान पर मिट्टी की खुदाई की अनुमति थी या नहीं।
इसके साथ ही मिट्टी के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों और उनके दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।
वहीं, पुलिस की भूमिका भी इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है, खासकर यदि वायरल वीडियो में दिखाई गई गतिविधि किसी नियम उल्लंघन से जुड़ी पाई जाती है। हालांकि, पुलिस या प्रशासन की ओर से कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
सोशल मीडिया वीडियो के बाद बढ़ी लोगों की नजर
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद रजाकपुर में कथित मिट्टी खनन का मामला चर्चा में है। लोग अब यह जानना चाहते हैं कि वीडियो की जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि और मौके की जांच अभी बाकी है। इसलिए मिट्टी के कथित अवैध खनन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को जांच के निष्कर्ष आने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
यदि जांच में अवैध खनन की पुष्टि होती है, तो संबंधित विभाग द्वारा नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि गतिविधि के लिए वैध अनुमति पाई जाती है तो प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
फिलहाल वायरल वीडियो के बाद रजाकपुर में कथित मिट्टी खनन का मामला चर्चा में है और स्थानीय लोगों की नजर पुलिस, प्रशासन तथा खनन विभाग की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है।

