हापुड़ में सपा की प्रेस वार्ता: BJP और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, वोटर लिस्ट में पारदर्शिता की मांग
रिपोर्ट – यतेंद्र भारद्वाज
हापुड़: समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए। सपा जिला प्रभारी ओमपाल गुर्जर और जिला अध्यक्ष आनंद गुर्जर ने चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोटों में गड़बड़ी के आरोप लगाए।
सपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में मतदाता सूची से लेकर मतदान तक प्रत्येक चरण में निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायतों की गंभीरता से जांच हो और योग्य मतदाताओं के नाम सुरक्षित रहें।
सपा जिला प्रभारी ने चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान सपा जिला प्रभारी ओमपाल गुर्जर ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर वोटों में गड़बड़ी और चुनावी अनियमितताएं की जा रही हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में स्थानीय स्तर पर प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों या स्वतंत्र जांच के निष्कर्षों की जानकारी प्रेस वार्ता में सामने नहीं आई।
ओमपाल गुर्जर ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव जैसी संवेदनशील लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में समाजवादी पार्टी की ओर से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। पार्टी ने अलग-अलग स्तर पर निर्वाचन अधिकारियों के सामने भी अपनी आपत्तियां और मांगें रखने की बात कही है। (AajTak)
मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग
प्रेस वार्ता में सपा नेताओं ने मतदाता सूची को लेकर विशेष रूप से अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि आगामी चुनाव को देखते हुए मतदाता सूची की जांच और संशोधन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।
सपा नेताओं ने मांग रखी कि जिन मतदाताओं के नाम किसी कारण से सूची से हटाए गए हैं, उनकी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाए। साथ ही, नए पात्र मतदाताओं के नाम भी नियमानुसार मतदाता सूची में शामिल किए जाएं।
उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके लिए राजनीतिक दलों, प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
BJP सरकार के कार्यकाल पर भी साधा निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान सपा नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कार्यकाल को लेकर भी कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले वर्षों में महंगाई, बेरोजगारी और जनहित से जुड़े मुद्दों पर जनता को जवाब मिलना चाहिए।
सपा नेताओं ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी आने वाले समय में इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी। हालांकि, सरकार और भाजपा की ओर से इन स्थानीय आरोपों पर प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही दोनों पक्षों का पूरा पक्ष सामने रखा जा सकेगा।
वहीं, चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए आरोपों पर आयोग का पक्ष इस प्रेस वार्ता में सामने नहीं आया। इसलिए इन आरोपों को सपा नेताओं के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
गांव-गांव जाकर जनता से संपर्क करेंगे सपा कार्यकर्ता
सपा जिला प्रभारी ओमपाल गुर्जर ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर कार्यकर्ता अब गांव-गांव और घर-घर जाकर जनता से संवाद करेंगे। इस अभियान के दौरान लोगों को समाजवादी पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देने की बात कही गई।
पार्टी नेताओं के मुताबिक, संगठन को बूथ और गांव स्तर तक मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा। इसके साथ ही मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
आगामी चुनाव को लेकर संगठन मजबूत करने पर जोर
दरअसल, उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी में जुटे हैं। इसी क्रम में सपा भी स्थानीय स्तर पर बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दे रही है।
प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर स्थानीय समस्याओं के साथ-साथ प्रदेश स्तर के मुद्दों पर भी संवाद करेंगे। इसके माध्यम से संगठन की नीतियों और पार्टी के आगामी कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है।
निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर जोर
सपा नेताओं ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग दोहराई। उनका कहना था कि लोकतंत्र में मतदाता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है और इसलिए मतदाता सूची तथा मतदान प्रक्रिया को लेकर उठने वाले हर सवाल का नियमानुसार समाधान होना चाहिए।
वहीं, चुनाव आयोग और भाजपा पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस प्रेस वार्ता के आधार पर नहीं की जा सकती है। आगे प्रशासन, निर्वाचन अधिकारियों या संबंधित पक्षों की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है तो चुनावी प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
प्रेस वार्ता में सपा जिला प्रभारी ओमपाल गुर्जर और सपा जिला अध्यक्ष आनंद गुर्जर ने पार्टी की ओर से अपना पक्ष रखा। अब देखना होगा कि पार्टी का गांव-गांव जनसंपर्क अभियान किस तरह आगे बढ़ता है और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए इन सवालों पर संबंधित संस्थाओं की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

