श्रावस्ती में EVM-VVPAT की FLC जांच का किया गया निरीक्षण, नोडल अधिकारियों ने पारदर्शिता पर दिया जोर

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रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: आगामी चुनावी तैयारियों के मद्देनजर श्रावस्ती कलेक्ट्रेट में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग यानी FLC (First Level Checking) प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में भारत निर्वाचन आयोग के नामित नोडल अधिकारी एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ पी.एस. ध्रुव तथा एसीईओ रूपेश कुमार वर्मा ने श्रावस्ती पहुंचकर एफएलसी कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया, एफएलसी हॉल की व्यवस्थाओं और संबंधित अभिलेखों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार व्यवस्थित तरीके से पूरी की जाए। साथ ही, पूरी प्रक्रिया में गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।

जिला प्रशासन की ओर से भी निर्वाचन तैयारियों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। श्रावस्ती के जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग हैं और जिले के निर्वाचन पोर्टल पर ईवीएम, वीवीपैट तथा निर्वाचन संबंधी प्रशिक्षण और प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध है।

एफएलसी हॉल में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान पी.एस. ध्रुव और रूपेश कुमार वर्मा ने एफएलसी हॉल में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं को देखा। अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया किस तरह संचालित की जा रही है, इसकी जानकारी ली। इसके अलावा एफएलसी हॉल में रखे गए विजिट रजिस्टर का भी अवलोकन किया गया।

अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से यह जानकारी ली कि जांच प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों और मानकों का किस तरह पालन किया जा रहा है। साथ ही, रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और प्रत्येक आवश्यक गतिविधि का उचित दस्तावेजीकरण करने पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

दरअसल, ईवीएम और वीवीपैट की FLC चुनावी तैयारियों की महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में शामिल है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मशीनों की कार्यप्रणाली और तकनीकी स्थिति की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच करना है।

BEL इंजीनियरों से ली गई तकनीकी जानकारी

निरीक्षण के दौरान भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी BEL के इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों से भी अधिकारियों ने जानकारी ली। अधिकारियों ने उनसे ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की जांच के दौरान अपनाई जा रही प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

तकनीकी कर्मचारियों ने जांच कार्य से जुड़े आवश्यक बिंदुओं के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद निरीक्षण अधिकारियों ने प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करने पर जोर दिया।

इस दौरान यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि तकनीकी जांच के प्रत्येक चरण को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाए। किसी भी स्तर पर प्रक्रिया से संबंधित कोई समस्या सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल अवगत कराने को कहा गया।

गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि FLC का काम निर्धारित समयसीमा और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरा कराया जाए। साथ ही, प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए।

अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से कहा कि जांच के दौरान सभी आवश्यक रिकॉर्ड और दस्तावेजों को व्यवस्थित रखा जाए। इसके अलावा, एफएलसी हॉल में आने वाले अधिकृत व्यक्तियों और निरीक्षण से संबंधित गतिविधियों का रिकॉर्ड भी नियमानुसार रखा जाए।

निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया के तहत ईवीएम और वीवीपैट से जुड़ी गतिविधियों में विभिन्न स्तरों पर निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। श्रावस्ती के जिला निर्वाचन अधिकारी पोर्टल पर भी EVM, VVPAT और निर्वाचन प्रशिक्षण से संबंधित सामग्री उपलब्ध है।

डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने दी निर्वाचन तैयारियों की जानकारी

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने जिले में चल रही निर्वाचन तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर चुनाव से जुड़ी तैयारियों को आगे बढ़ाने की स्थिति से अवगत कराया।

जिला प्रशासन की ओर से निर्वाचन से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की निगरानी की जा रही है। इससे पहले भी श्रावस्ती में ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण किया जा चुका है, जिसमें मशीनों की स्थिति और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की गई थी।

वहीं, जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से मतदाता सूची, EVM, मतदान संबंधी मार्गदर्शिका और अन्य निर्वाचन सेवाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।

व्यवस्थित जांच प्रक्रिया पर जोर

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की जांच प्रक्रिया को चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और तकनीकी टीम के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

साथ ही, यह भी कहा गया कि जिन मशीनों की जांच की जा रही है, उनके संबंध में आवश्यक रिकॉर्ड और प्रक्रिया का विवरण नियमानुसार दर्ज किया जाए। इससे पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजी रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और जरूरत पड़ने पर संबंधित जानकारी आसानी से देखी जा सकेगी।

अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए आवश्यक निर्देश

नोडल अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। इनमें एफएलसी प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करना, गुणवत्ता मानकों का पालन करना, अभिलेखों को व्यवस्थित रखना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रमुख रहा।

इसके अलावा, तकनीकी कर्मचारियों से कहा गया कि वे जांच के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। किसी मशीन में तकनीकी समस्या सामने आने पर उसे नियमानुसार दर्ज कर संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने पर भी जोर दिया गया।

एडीएम समेत कई अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ललित कुमार समेत कई संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने एफएलसी हॉल की व्यवस्थाओं और जांच कार्य की प्रगति से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।

इस दौरान जिला प्रशासन और निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के बीच समन्वय के साथ आगे की प्रक्रिया संचालित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि निर्वाचन से जुड़ा प्रत्येक कार्य निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए।

चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण प्रक्रिया

ईवीएम और वीवीपैट की FLC आगामी चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ईवीएम-वीवीपैट की फर्स्ट लेवल जांच की प्रक्रिया विभिन्न जिलों में शुरू की गई है और इसके प्रत्येक चरण की जानकारी राजनीतिक दलों को देने की व्यवस्था की जा रही है।

इसी क्रम में श्रावस्ती में भी FLC प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के बाद संबंधित कर्मचारियों को प्रक्रिया में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल, श्रावस्ती कलेक्ट्रेट में ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच का कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी है। अधिकारियों का जोर है कि पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप, व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए।

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