बस्ती में सुभासपा विधायक दूध राम ने नगर थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप, CM योगी को लिखा पत्र
रिपोर्ट – राकेश गिरी
बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में पुलिस की कार्यशैली को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। महादेवा विधानसभा क्षेत्र से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक दूध राम ने नगर थाना प्रभारी के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजा है। विधायक ने थाना प्रभारी राम प्रसाद यादव पर जबरन वसूली और फरियाद लेकर थाने पहुंचने वाले लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने थाना प्रभारी को तत्काल पद से हटाने की मांग भी की है। विधायक की ओर से लिखा गया पत्र सामने आने के बाद पुलिस विभाग से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मामले की चर्चा तेज हो गई है।
नगर थाना प्रभारी के खिलाफ मुख्यमंत्री से शिकायत
मिली जानकारी के अनुसार, महादेवा विधानसभा क्षेत्र के सुभासपा विधायक दूध राम ने नगर थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने नगर थाना प्रभारी राम प्रसाद यादव के व्यवहार और कार्यशैली को लेकर शिकायत दर्ज कराई है।
विधायक का आरोप है कि थाना प्रभारी के खिलाफ क्षेत्र की जनता लगातार शिकायतें कर रही थी। लोगों की ओर से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत कराने का फैसला किया।
विधायक ने अपने पत्र में थाना प्रभारी पर जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पुलिस अधिकारी का पक्ष और विभागीय जांच की स्थिति भी सामने आना बाकी है।
थाने पर फरियाद लेकर पहुंचने वालों से दुर्व्यवहार का आरोप
विधायक दूध राम ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि नगर थाने पर अपनी समस्याएं लेकर पहुंचने वाले फरियादियों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है।
उनका कहना है कि आम जनता अपनी शिकायतों के समाधान और न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचती है। ऐसे में पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी है कि वे पीड़ितों की बात गंभीरता से सुनें और नियमानुसार उनकी समस्याओं का समाधान करें।
लेकिन विधायक के मुताबिक, नगर थाना प्रभारी के खिलाफ लोगों से दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी वजह से उन्होंने इस मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने का निर्णय लिया।
दरअसल, पुलिस थाने आम नागरिकों के लिए न्याय और सुरक्षा की पहली कड़ी माने जाते हैं। इसलिए वहां आने वाले फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और उनकी शिकायतों पर समय से कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है।
थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग
मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में विधायक दूध राम ने नगर थाना प्रभारी राम प्रसाद यादव को तत्काल हटाने की मांग की है। विधायक का मानना है कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने अपनी शिकायत के माध्यम से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री से इस प्रकरण में हस्तक्षेप कर उचित कदम उठाने की अपेक्षा की है।
विधायक की मांग है कि नगर थाने में आने वाले आम लोगों को सम्मानजनक व्यवहार मिले और उनकी शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से निस्तारण किया जाए। विधायक दूध राम ने अपने बयान में कहा कि उन्हें लगातार क्षेत्र की जनता से नगर थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। जनता की ओर से मिल रही शिकायतों को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी है।
उनके मुताबिक, जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। इसी जिम्मेदारी के तहत उन्होंने नगर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
वहीं, विधायक का पत्र सामने आने के बाद इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। पुलिस विभाग की कार्यशैली को लेकर उठाए गए सवालों पर अब संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
वायरल चिट्ठी के बाद पुलिस विभाग पर निगाहें
विधायक की ओर से मुख्यमंत्री को लिखा गया शिकायती पत्र सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक गलियारों में भी इस प्रकरण को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
हालांकि, किसी भी अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकती है। इसलिए इस मामले में पुलिस विभाग का आधिकारिक पक्ष और निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल, विधायक दूध राम ने नगर थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग की है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।
यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, संबंधित थाना प्रभारी को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।
कुल मिलाकर, बस्ती में सुभासपा विधायक की इस शिकायत ने नगर थाने की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब क्षेत्र की जनता के साथ-साथ राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

