योगी सरकार में खनन माफिया की दबंगई, हस्तिनापुर में पत्रकार के परिवार को दी जा रहीं यातनाएं, समझौते का दबाव बनाने का है आरोप

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मेरठ/हस्तिनापुर: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर में खनन से जुड़ी खबर प्रकाशित करने के बाद पत्रकार और उनके परिवार को लगातार परेशान किए जाने का आरोप सामने आया है। पत्रकार कुलदीप भारद्वाज का आरोप है कि खनन से संबंधित खबर प्रकाशित करने और इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद से उन पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं, अब उनकी पत्नी रितु शर्मा के नाम से संचालित राशन की दुकान को लेकर भी लगातार शिकायतें की जा रही हैं। पत्रकार ने इसे अपने और परिवार के खिलाफ कथित उत्पीड़न की कोशिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मामले में पत्रकार ने ओमवीर भड़ाना और उनके साथियों पर अलग-अलग माध्यमों से दबाव बनाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। वहीं, राशन की दुकान से संबंधित शिकायतों को लेकर आपूर्ति विभाग ने जांच शुरू करने की बात कही है।

खनन से जुड़ी खबर प्रकाशित करने के बाद शुरू हुआ विवाद

पत्रकार कुलदीप भारद्वाज के अनुसार, उन्होंने 8 जून 2026 को खनन से संबंधित एक खबर प्रकाशित की थी। उनका आरोप है कि इस खबर से नाराज होकर ओमवीर भड़ाना पुत्र स्वराज सिंह निवासी हस्तिनापुर, रवि पुत्र गजराज और कुछ अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट, अपहरण और जानलेवा हमले की घटना को अंजाम दिया।

इस संबंध में थाना हस्तिनापुर में मुकदमा अपराध संख्या 143/2026 दर्ज कराया गया है। पत्रकार का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपित पक्ष की ओर से लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा है।

इसके अलावा, कुलदीप भारद्वाज का आरोप है कि समझौता नहीं करने की स्थिति में उन्हें अलग-अलग मामलों में फंसाने और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि पत्रकारिता के माध्यम से किसी भी अनियमितता को सामने लाना उनका काम है, लेकिन खबर प्रकाशित करने के बाद इस तरह का दबाव बनना चिंता का विषय है।

कृष्णा किड्स प्ले स्कूल की शिकायत भी जांच के दायरे में

इस पूरे विवाद का एक अन्य पहलू हस्तिनापुर में संचालित कृष्णा किड्स प्ले स्कूल से जुड़ा हुआ है। पत्रकार कुलदीप भारद्वाज के अनुसार, यह स्कूल ओमवीर भड़ाना द्वारा संचालित किया जाता है। उन्होंने स्कूल के भवन, निर्धारित मानकों और शैक्षिक योग्यताओं से संबंधित कुछ कथित अनियमितताओं को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग में शिकायत की थी।

पत्रकार का दावा है कि शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, स्कूल में वास्तव में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं, इसका निर्णय विभागीय जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकेगा।

कुलदीप भारद्वाज का आरोप है कि स्कूल से संबंधित शिकायतों को वापस लेने के लिए भी उन पर दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि जब उन्होंने शिकायत वापस लेने से इनकार किया तो विवाद और बढ़ गया।

अब पत्नी की राशन दुकान को लेकर की जा रही शिकायतें

वहीं, अब इस मामले में पत्रकार के परिवार की आजीविका से जुड़ा एक नया प्रकरण सामने आया है। कुलदीप भारद्वाज की पत्नी रितु शर्मा के नाम से हस्तिनापुर में राशन की दुकान संचालित होती है। पत्रकार का आरोप है कि अब इसी दुकान को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं।

उनका कहना है कि शिकायतों के माध्यम से अधिकारियों को गुमराह करने और परिवार को मानसिक रूप से परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। पत्रकार के मुताबिक, पहले खनन से संबंधित खबर प्रकाशित करने के बाद विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दर्ज मुकदमे में समझौते का दबाव बनाया गया। फिर स्कूल से संबंधित शिकायतों को वापस लेने के लिए कहा गया और अब पत्नी की राशन दुकान को लेकर शिकायतें की जा रही हैं।

कुलदीप भारद्वाज का मानना है कि इन सभी घटनाओं को अलग-अलग देखने के बजाय पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता से जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिकायतें वास्तविक समस्याओं के आधार पर की जा रही हैं या फिर किसी व्यक्तिगत विवाद के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

आपूर्ति विभाग ने शुरू की मामले की जांच

इधर, राशन की दुकान को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में आपूर्ति निरीक्षक अंकुश कुमार से जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिल गई है और इसकी जांच की जा रही है।

अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होगा कि रितु शर्मा के नाम संचालित राशन की दुकान के संबंध में की गई शिकायतों में कितनी सच्चाई है। यदि दुकान के संचालन में कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि शिकायतें तथ्यों से परे पाई जाती हैं तो उस पहलू को भी जांच में शामिल किया जाना जरूरी होगा।

निष्पक्ष जांच से सामने आएगी पूरे मामले की सच्चाई

फिलहाल हस्तिनापुर का यह मामला पत्रकारिता, व्यक्तिगत विवाद और सरकारी विभागों में की जा रही शिकायतों से जुड़ा हुआ है। एक ओर पत्रकार कुलदीप भारद्वाज अपने और परिवार के खिलाफ दबाव बनाने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पत्नी की राशन दुकान को लेकर की गई शिकायतों की विभागीय जांच जारी है।

ऐसे में जरूरी है कि पुलिस, बेसिक शिक्षा विभाग और आपूर्ति विभाग अपने-अपने स्तर पर उपलब्ध तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करें। साथ ही, यदि किसी पक्ष की ओर से झूठी शिकायत या दबाव बनाने की बात प्रमाणित होती है तो नियमानुसार उचित कदम उठाए जाएं।

फिलहाल सभी आरोप जांच के अधीन हैं। संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान और जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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