कानपुर में किशोरी की मां को धमकाने वाला दरोगा सस्पेंड, चौकी इंचार्ज की भूमिका की जांच शुरू
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कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। घाटमपुर क्षेत्र में 13 वर्षीय किशोरी की मां को कथित रूप से धमकाने के आरोप में दरोगा नवीन कुमार को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, मामले में चौकी इंचार्ज शिवा सिंह की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह को भी पुलिस कमिश्नर ने सुनवाई के दौरान फटकार लगाई। पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और तथ्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
किशोरी से कथित वसूली का मामला पहुंचा पुलिस कमिश्नर तक
जानकारी के अनुसार, पूरा मामला कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाली एक महिला ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर अपनी 13 वर्षीय बेटी से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई थी।
महिला का आरोप है कि मोहल्ले के चार युवक उसकी बेटी को परेशान कर रहे थे। इतना ही नहीं, आरोपित युवकों ने कथित रूप से किशोरी को डराकर उससे 55 हजार रुपये नकद और 97 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए थे।
परिजनों को इस पूरे मामले की जानकारी तब हुई, जब उन्होंने बेटी से बातचीत कर उससे जुड़ी परिस्थितियों के बारे में पूछताछ की। इसके बाद परिवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।
महिला का कहना था कि उसकी बेटी के साथ हुई घटना को लेकर पुलिस को उचित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आरोपितों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जा सकें।
शिकायत लेकर थाने पहुंची महिला को समझौते के लिए बुलाने का आरोप
पीड़िता की मां के मुताबिक, जब वह शिकायत लेकर घाटमपुर थाने पहुंची तो वहां दरोगा नवीन कुमार ने उसे समझौते के लिए चौकी आने का दबाव बनाया।
महिला का आरोप है कि पुलिस से न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचने के बावजूद उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखने का निर्णय लिया।
महिला के अनुसार, पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत करने के बाद जब वह वापस लौट रही थी, तभी दरोगा नवीन कुमार ने उसे कथित रूप से धमकाया।
आरोप है कि दरोगा ने महिला से कहा कि पुलिस कमिश्नर नहीं, बल्कि समस्या का समाधान हम करेंगे। महिला ने इस कथित व्यवहार को अनुचित बताते हुए पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से दोबारा शिकायत की।
पुलिस कमिश्नर ने जूम मीटिंग में सुना पूरा मामला
महिला की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की जानकारी मांगी।
इस दौरान घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह को जूम मीटिंग के माध्यम से जोड़ा गया। पुलिस कमिश्नर ने मामले में थाना स्तर पर हुई कार्रवाई और महिला की शिकायत पर पुलिस के रवैये के संबंध में जानकारी ली।
बताया जा रहा है कि सुनवाई के दौरान इंस्पेक्टर मनोज सिंह ने दरोगा का पक्ष रखने का प्रयास किया। इस पर पुलिस कमिश्नर ने नाराजगी जताई और उन्हें फटकार लगाई।
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि किसी भी पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से सुनना पुलिस की जिम्मेदारी है। यदि कोई व्यक्ति न्याय की मांग लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचता है तो उसके साथ अनुचित व्यवहार नहीं होना चाहिए।
दरोगा नवीन कुमार तत्काल प्रभाव से निलंबित
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने दरोगा नवीन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।
इस कार्रवाई के साथ ही संबंधित अधिकारियों को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर ने मामले में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि शिकायत में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
दरोगा के निलंबन को महिला की शिकायत पर पुलिस विभाग की त्वरित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, निलंबन अपने आप में आरोपों का अंतिम निष्कर्ष नहीं है। मामले में जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
चौकी इंचार्ज शिवा सिंह की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस पूरे प्रकरण में केवल दरोगा नवीन कुमार की भूमिका ही नहीं, बल्कि चौकी इंचार्ज शिवा सिंह की कार्यशैली भी जांच के दायरे में आ गई है।
पुलिस विभाग की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि महिला की शिकायत पर चौकी स्तर पर क्या कार्रवाई की गई थी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि शिकायत के निस्तारण में किसी तरह की लापरवाही या अनुचित दबाव तो नहीं बनाया गया।
जांच के दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान और उपलब्ध तथ्यों को ध्यान में रखा जाएगा। यदि किसी अधिकारी की भूमिका में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
नाबालिग से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता जरूरी
यह मामला एक 13 वर्षीय किशोरी से जुड़ा है। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। नाबालिगों से संबंधित शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनना और कानून के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई करना आवश्यक है।
इसके अलावा शिकायतकर्ता परिवार को सुरक्षा और निष्पक्ष जांच का भरोसा देना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। खासकर जब कोई परिवार अपनी समस्या लेकर थाने या वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय पहुंचता है, तो उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।
कानपुर पुलिस कमिश्नर की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं। एक ओर दरोगा नवीन कुमार को निलंबित किया जा चुका है, वहीं दूसरी ओर चौकी इंचार्ज शिवा सिंह की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल, पुलिस विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही और किशोरी से कथित रूप से रुपये लेने वाले युवकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

