मुरादाबाद में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, 83 किलो बारूद के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: दीपावली के त्योहार को देखते हुए उत्तर प्रदेश में अवैध पटाखों के निर्माण और बिक्री के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में मुरादाबाद के थाना नागफनी क्षेत्र में पुलिस ने एक अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में तैयार पटाखे, मिट्टी के अनार और बारूद बरामद किया है। इसके अलावा नामी कंपनियों के ब्रांड के नाम पर नकली पटाखे बेचने की तैयारी से जुड़े सामान भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी नकली रैपर और ब्रांडेड कंपनियों के खाली डिब्बों का इस्तेमाल कर पटाखों की बिक्री करने की तैयारी में थे। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
जानकारी के अनुसार, थाना नागफनी पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि क्षेत्र के मोहल्ला गुड़ियाबाग में अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम किया जा रहा है। सूचना में बताया गया कि सावरी चिश्ती मस्जिद के पास स्थित एक मकान में पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर छापेमारी की। मकान के अंदर पहुंचने पर पुलिस को पटाखे बनाने और उन्हें पैक करने से संबंधित सामग्री मिली। इसके बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
जांच के दौरान दोनों की पहचान वसीम और यासीन के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और मकान में रखी सामग्री को कब्जे में लेकर उसकी गिनती और जांच शुरू की।
27 बोरियों में मिले पटाखे, 83 किलो से अधिक बारूद बरामद
पुलिस की छापेमारी के दौरान मकान से बड़ी मात्रा में अवैध पटाखे बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, मौके पर 27 बोरियों में भरे पटाखे मिले। इसके अलावा मिट्टी के अनार और 83 किलो 250 ग्राम बारूद भी बरामद किया गया।
बरामद सामग्री की मात्रा को देखते हुए पुलिस ने पूरे परिसर की जांच की। इस दौरान पटाखों के निर्माण और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान भी सामने आए।
पुलिस ने बरामद सामग्री को अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी कितने समय से इस गतिविधि में शामिल थे और तैयार पटाखों की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी।
नामी कंपनियों के नाम पर नकली पटाखे बेचने की तैयारी
इस कार्रवाई में पुलिस को केवल अवैध पटाखे और बारूद ही नहीं मिले, बल्कि ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली उत्पाद बेचने से जुड़ी सामग्री भी बरामद हुई है।
पुलिस के मुताबिक, मकान से नामी ब्रांड के खाली डिब्बे, नकली रैपर और इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद किए गए हैं। इसके अलावा धोखाधड़ी के उद्देश्य से तैयार किए गए दो कूटरचित आधार कार्ड भी मिले हैं।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नामी-गिरामी कंपनियों के ब्रांड के नाम का इस्तेमाल करके नकली पटाखे बाजार में बेचने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए खाली डिब्बों और नकली रैपर का इस्तेमाल किया जाना था, जिससे खरीदारों को उत्पाद असली होने का भ्रम हो सकता था।
हालांकि, इस कथित नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका और नकली पटाखों की सप्लाई से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है।
त्योहार से पहले अवैध पटाखों के कारोबार पर पुलिस की नजर
दीपावली के आसपास पटाखों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से पटाखों का निर्माण और भंडारण करने लगते हैं। इससे न केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां पैदा होती हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है।
विशेष रूप से रिहायशी इलाकों में बिना निर्धारित सुरक्षा इंतजामों के पटाखे बनाने या बारूद रखने से आसपास रहने वाले लोगों के लिए जोखिम पैदा हो सकता है। इसी वजह से पुलिस और प्रशासन त्योहारों के दौरान अवैध पटाखा निर्माण और बिक्री पर निगरानी बढ़ाते हैं।
मुरादाबाद के नागफनी क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस की कोशिश है कि त्योहारों के दौरान अवैध पटाखों के निर्माण और उनकी बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
एसपी सिटी ने दी कार्रवाई की जानकारी
मामले में मुरादाबाद के एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। उनके अनुसार, नागफनी थाना क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही बरामद पटाखों, बारूद, नकली पैकेजिंग सामग्री और कूटरचित दस्तावेजों को जांच के दायरे में लिया गया है।
अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध कारोबार में आरोपियों के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। इसके अलावा नकली ब्रांड के नाम पर पटाखों की बिक्री के संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल, वसीम और यासीन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। त्योहारों से पहले हुई इस कार्रवाई से अवैध पटाखा कारोबार करने वालों में सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है।

