अमरोहा में अवैध पनीर फैक्ट्री पर छापा, 199 किलो पनीर जब्त; 56 हजार का माल कराया नष्ट

4fdb78ab-764b-4ec7-8e11-af029fc55b9a

रिपोर्ट – इक़बाल अंसारी 

अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने अवैध रूप से पनीर बनाने के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अज्ञात शिकायत के आधार पर विभाग की टीम ने इल्यास पनीर भंडार पर औचक छापेमारी की। जांच के दौरान रेहरा बाईपास के पास एक गली में बिना वैध खाद्य पंजीकरण के पनीर निर्माण का काम होता मिला। मौके पर बड़ी मात्रा में दूध जैसा मिश्रण और तैयार पनीर बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पनीर बनाने में डालडा और मिल्क पाउडर के इस्तेमाल की बात सामने आई है। इसके साथ ही तैयार पनीर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा हुआ मिला। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 199 किलोग्राम पनीर जब्त किया और लगभग 56 हजार रुपये कीमत की सामग्री को नष्ट करा दिया। वहीं, पनीर का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

अज्ञात शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने की छापेमारी

जानकारी के अनुसार, अमरोहा जनपद में खाद्य सुरक्षा विभाग को एक अज्ञात व्यक्ति के माध्यम से अवैध रूप से पनीर बनाए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग की टीम ने संबंधित प्रतिष्ठान की गतिविधियों की जांच करने का निर्णय लिया।

इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने इल्यास पनीर भंडार पर अचानक छापेमारी की। टीम जब रेहरा बाईपास के पास स्थित एक गली में पहुंची तो वहां पनीर निर्माण का कार्य होता मिला। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद परिस्थितियों का निरीक्षण किया और खाद्य पदार्थों के निर्माण से संबंधित जरूरी दस्तावेजों की जांच की।

इस दौरान सामने आया कि वहां पनीर बनाने का काम बिना वैध खाद्य पंजीकरण के किया जा रहा था। इसके बाद अधिकारियों ने निर्माण प्रक्रिया और वहां रखी सामग्री की बारीकी से जांच शुरू की।

नीले ड्रमों में मिला 1250 लीटर दूध जैसा मिश्रण

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को परिसर में नीले रंग के ड्रमों में करीब 1250 लीटर दूध जैसा मिश्रण मिला। अधिकारियों के अनुसार, इस मिश्रण में डालडा और मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया गया था।

टीम ने मौके पर मौजूद सामग्री और पनीर निर्माण की प्रक्रिया की जांच की। इसके अलावा तैयार उत्पाद की गुणवत्ता और उसे सुरक्षित रखने के तरीकों का भी जायजा लिया गया।

अधिकारियों को मौके पर करीब 199 किलोग्राम तैयार पनीर मिला, जिसे अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारित किया गया था। खाद्य सुरक्षा मानकों के लिहाज से यह स्थिति गंभीर मानी गई। इसके बाद विभागीय टीम ने बरामद सामग्री को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई की।

हालांकि, पनीर और मिश्रण की वास्तविक गुणवत्ता तथा उसमें इस्तेमाल किए गए पदार्थों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही हो सकेगी।

पनीर का नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा

छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तैयार पनीर का नमूना भी लिया। इस नमूने को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

प्रयोगशाला की रिपोर्ट से पनीर की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने या नहीं होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

विभागीय अधिकारियों ने मौके पर मौजूद सामग्री का आकलन करने के बाद करीब 56 हजार रुपये कीमत के पनीर और मिश्रण को जब्त करने की कार्रवाई की। इसके साथ ही शेष सामग्री को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया, ताकि उसका दोबारा इस्तेमाल न किया जा सके।

वैध पंजीकरण होने तक कारोबार बंद रखने का नोटिस

खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित कारोबारी को बिना वैध खाद्य पंजीकरण के खाद्य पदार्थों का निर्माण और कारोबार नहीं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया गया है कि वैध खाद्य पंजीकरण प्राप्त होने तक खाद्य कारोबार बंद रखा जाए।

दरअसल, खाद्य पदार्थों का निर्माण और बिक्री करने वाले कारोबारियों के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। इसके अंतर्गत खाद्य कारोबार से संबंधित पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त करना, साफ-सफाई बनाए रखना और खाद्य सामग्री को उचित परिस्थितियों में सुरक्षित रखना शामिल है।

इसलिए किसी भी खाद्य कारोबार में नियमों की अनदेखी होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।

आम लोगों की सेहत से जुड़ा है खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का सवाल

पनीर भारतीय खानपान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। त्योहारों, शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के दौरान इसकी मांग बढ़ जाती है। ऐसे में बाजार में बिकने वाले पनीर की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो जाता है।

विशेष रूप से दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों को चाहिए कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार ही पनीर का निर्माण और बिक्री करें। वहीं, उपभोक्ताओं को भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, निर्माण और बिक्री से संबंधित जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।

अमरोहा में खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से अवैध खाद्य कारोबार करने वालों को स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी करने पर विभाग कार्रवाई कर सकता है।

फिलहाल, इल्यास पनीर भंडार से लिए गए नमूने की प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

You may have missed