कन्नौज में गंगा उत्सव-2026: मेहंदी घाट पर चला स्वच्छता अभियान, छात्राओं ने चित्रों से दिया संरक्षण का संदेश

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रिपोर्ट – पंकज श्रीवास्तव 

कन्नौज: गंगा नदी के संरक्षण, स्वच्छता और निर्मलता के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कन्नौज में गंगा उत्सव-2026 के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला गंगा समिति, कन्नौज के तत्वावधान में मेहंदी घाट पर स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राओं के बीच चित्रकला प्रतियोगिता कराई गई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को गंगा नदी को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषणमुक्त बनाए रखने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और गंगा संरक्षण को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। इसके साथ ही छात्राओं ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और नदियों की स्वच्छता का महत्व समझाया।

मेहंदी घाट पर स्वच्छता अभियान और श्रमदान

गंगा उत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की शुरुआत मेहंदी घाट पर स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान से हुई। इस दौरान प्रतिभागियों ने घाट परिसर में साफ-सफाई की और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना रहा कि गंगा नदी की स्वच्छता केवल एक अभियान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

श्रमदान के दौरान प्रतिभागियों ने गंगा घाटों पर स्वच्छता बनाए रखने और नदी में कूड़ा-कचरा नहीं डालने के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। साथ ही लोगों को बताया गया कि नदियों में प्रदूषण बढ़ने से जल की गुणवत्ता और जलीय पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

इसलिए गंगा की निर्मलता बनाए रखने के लिए घाटों की नियमित सफाई, कचरे का उचित निस्तारण और आमजन की भागीदारी बेहद आवश्यक है।

छात्राओं ने चित्रकला के माध्यम से दिया गंगा संरक्षण का संदेश

गंगा उत्सव के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इसमें विद्यालय की छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने गंगा नदी की स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और नदी संरक्षण जैसे विषयों पर आकर्षक चित्र बनाए। इन चित्रों के माध्यम से उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं हैं, बल्कि हमारे प्राकृतिक पर्यावरण, संस्कृति और जीवन का महत्वपूर्ण आधार भी हैं।

छात्राओं की कलाकृतियों में गंगा को स्वच्छ रखने, जल को व्यर्थ न बहाने, नदियों में कचरा न डालने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे विषय प्रमुख रहे।

इसके अलावा प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना भी रहा। विद्यालय स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम बच्चों की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

गंगा का धार्मिक ही नहीं, पर्यावरणीय महत्व भी

गंगा नदी भारतीय संस्कृति और सभ्यता का महत्वपूर्ण आधार रही है। करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी होने के साथ-साथ गंगा नदी कृषि, पेयजल, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण है।

इसी कारण गंगा की स्वच्छता और अविरलता बनाए रखना जरूरी है। नदी में कचरा, प्लास्टिक और अन्य प्रदूषित सामग्री डालने से जल की गुणवत्ता प्रभावित होती है। साथ ही नदी में रहने वाले जीव-जंतुओं और आसपास के पर्यावरण पर भी इसका असर पड़ता है।

गंगा उत्सव-2026 के तहत आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से इसी महत्वपूर्ण विषय को जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। मेहंदी घाट पर श्रमदान और विद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता जैसे आयोजन यह संदेश देते हैं कि नदी संरक्षण के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ सामाजिक भागीदारी भी जरूरी है।

जनभागीदारी से ही सफल होगा गंगा संरक्षण अभियान

कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को बताया गया कि मां गंगा की स्वच्छता, निर्मलता और अविरलता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।

इसके लिए लोगों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे गंगा और अन्य नदियों में कूड़ा-कचरा नहीं डालना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना, घाटों पर स्वच्छता बनाए रखना और जल का अनावश्यक उपयोग रोकना।

वहीं, विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने से बच्चों में भी प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। इस तरह नई पीढ़ी को जल और नदी संरक्षण के महत्व से जोड़ना भविष्य के लिए उपयोगी कदम साबित हो सकता है।

स्वच्छ गंगा, स्वस्थ पर्यावरण का दिया संदेश

कन्नौज में आयोजित गंगा उत्सव-2026 के कार्यक्रमों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। मेहंदी घाट पर श्रमदान के जरिए जहां लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया गया, वहीं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं ने चित्रकला के माध्यम से गंगा संरक्षण का महत्व बताया।

कुल मिलाकर, इन आयोजनों का उद्देश्य गंगा नदी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को संरक्षण के प्रयासों से जोड़ना रहा। गंगा की अविरल धारा और निर्मल जल को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए।

स्वच्छ गंगा, स्वस्थ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य के संकल्प के साथ जनभागीदारी ही नदी संरक्षण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

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