कानपुर में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का विपक्ष पर हमला, बोले- भाजपा तीसरी बार बनाएगी पूर्ण बहुमत की सरकार
रिपोर्ट- हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कानपुर में पैदल यात्रा से पहले विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि इंडी गठबंधन की कोई भी रणनीति सफल नहीं होगी और भारतीय जनता पार्टी तीसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी पर संविधान, ईवीएम और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। साथ ही कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्षी दलों के तमाम प्रयासों के बावजूद भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनता के समर्थन और विकास के एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है। वहीं, इंडी गठबंधन के नेता केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के जरिए जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
राहुल गांधी और सपा पर संविधान को लेकर साधा निशाना
बृजेश पाठक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन नेताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की मूल भावना को दरकिनार किया है। उन्होंने कहा कि संविधान देश के लोकतंत्र की सबसे मजबूत आधारशिला है और सभी राजनीतिक दलों को इसका सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। डिप्टी सीएम के मुताबिक, जनता विपक्ष की इस राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।
ईवीएम को लेकर विपक्ष पर किया हमला
ईवीएम के मुद्दे पर भी उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जब विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, तब उन्हें ईवीएम में कोई खामी नजर नहीं आती, लेकिन चुनाव हारने के बाद यही दल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर सवाल उठाने लगते हैं।
बृजेश पाठक ने कहा कि चुनावी परिणामों को स्वीकार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि किसी राजनीतिक दल को चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है तो उसे संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखनी चाहिए। केवल हार के बाद ईवीएम पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
गुंडे और माफिया को लेकर सपा पर तीखा हमला
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में बंद गुंडे और माफिया इस उम्मीद में खुशियां मना रहे हैं कि सत्ता परिवर्तन होने पर उन्हें फिर से बाहर आने और जनता को परेशान करने का मौका मिलेगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे लोगों की उम्मीदें कभी पूरी नहीं होंगी। प्रदेश में कानून का राज कायम रखना भाजपा सरकार की प्राथमिकता है। सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता शांति, सुरक्षा और विकास चाहती है। इसलिए प्रदेश में ऐसी किसी भी राजनीतिक व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।
समाजवादी पार्टी पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है और मुस्लिम तुष्टीकरण के आधार पर चुनाव लड़ने का प्रयास करती है।
इसके विपरीत उन्होंने भाजपा की चुनावी नीति को सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर आधारित बताया। उनके अनुसार, भाजपा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की राजनीति करती है। उन्होंने दावा किया कि इसी नीति के कारण पार्टी को जनता का लगातार समर्थन मिल रहा है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर विपक्ष पर आरोप
अपने संबोधन के दौरान बृजेश पाठक ने इंडी गठबंधन के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि विपक्ष के कुछ लोग पर्दे के पीछे से बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करने की बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता हासिल करने का रास्ता केवल चुनाव और संवैधानिक प्रक्रिया से होकर गुजरता है।
उन्होंने विपक्षी दलों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि देश की जनता लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखती है। किसी भी राजनीतिक दल को संविधान और लोकतंत्र से ऊपर नहीं समझा जा सकता।
भाजपा की जीत को लेकर जताया भरोसा
अंत में उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भारतीय जनता पार्टी आगामी चुनाव में तीसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन के पास जनता के सामने रखने के लिए कोई ठोस विकास एजेंडा नहीं है।
कानपुर में पैदल यात्रा से पहले दिए गए इस बयान को भाजपा की चुनावी तैयारियों और विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, डिप्टी सीएम के आरोपों पर संबंधित विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही इस राजनीतिक बयानबाजी के सभी पक्ष स्पष्ट हो सकेंगे।

