इटावा में अधिवक्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, कचहरी में कलम बंद हड़ताल और सड़क जाम
रिपोर्ट- रोहित सिंह चौहान
इटावा। इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार और जालौन के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या के विरोध में इटावा में हजारों अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए कलम बंद हड़ताल की। इस दौरान कचहरी परिसर से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक विरोध प्रदर्शन किया गया। अधिवक्ताओं ने सड़क पर बैठकर जाम लगाया और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
हाईकोर्ट में कथित अपमान से नाराज हुए अधिवक्ता
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति और प्रशासन की ओर से अधिवक्ताओं के साथ किए गए कथित आपत्तिजनक व्यवहार को लेकर वकीलों में आक्रोश है। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायालय में उनकी गरिमा और सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके अलावा कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या की घटना ने भी अधिवक्ता समाज को झकझोर दिया है। इन्हीं घटनाओं के विरोध में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी और सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय दुबे उर्फ पप्पन की अगुवाई में बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकजुट हुए।
कचहरी से जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाला विरोध मार्च
प्रदर्शन की शुरुआत कचहरी परिसर में कलम बंद हड़ताल के साथ हुई। इसके बाद अधिवक्ता कलेक्ट्रेट परिसर से होते हुए सत्र न्यायालय पहुंचे और वहां न्यायिक कार्य बंद कराकर विरोध दर्ज कराया। बाद में वकीलों ने कचहरी रोड पर बैठकर सड़क जाम किया और नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय की ओर कूच किया। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अधिवक्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इसमें हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के मामले में उचित कार्रवाई और कालपी बार अध्यक्ष की हत्या में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई।
राजेश त्रिपाठी बोले- अधिवक्ताओं के सम्मान से समझौता नहीं
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ हुए कथित अपमानजनक व्यवहार से पूरा अधिवक्ता समाज आहत है। उन्होंने जिला न्यायालय और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान के खिलाफ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दिल्ली पुलिस के एक एसीपी पर अधिवक्ताओं को गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारी को बर्खास्त करने की मांग की। उनका कहना था कि अधिवक्ताओं को डराने-धमकाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
कालपी बार अध्यक्ष के परिवार को एक करोड़ मुआवजे की मांग
प्रदर्शन के दौरान जालौन के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। अधिवक्ताओं ने घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी। राजेश त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ता समाज अपने साथियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए हमेशा एकजुट रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिवक्ता और पदाधिकारी रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य नारायण पांडे, राजीव चंद्र त्रिपाठी, ब्रजेंद्र गुप्ता, कृपानंद बाजपेयी, जितेंद्र चतुर्वेदी, रविन्द्र सिंह यादव, आशाराम चौधरी, संतोष बाबू शुक्ला, अजीत दुबे, देवेंद्र पांडेय, अम्बरीष पांडे, प्रबल प्रताप सिंह और उमेश दूबे सहित अनेक अधिवक्ता शामिल हुए।
वहीं, बार एसोसिएशन के महामंत्री अजय शुक्ला, अनिल कुमार चौधरी, ज्ञानेंद्र अवस्थी, मुहम्मद नईम, नौशाद अहमद, साकेत शुक्ला, श्याम सिंह यादव और नरेंद्र प्रताप मिश्रा सहित डीबीए के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इसके अलावा राजवीर सिंह चौहान, रीना यादव, अमित चौरसिया, अनूप शर्मा, प्रभाकर त्रिपाठी, योगेश कुमार यादव, प्रमोद कुमार तिवारी, मुनीष पाल सिंह, सुरेश चंद्र, सुभाष चंद्र और अमित तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया। फिलहाल, इटावा में अधिवक्ताओं के इस विरोध प्रदर्शन ने उनके सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब अधिवक्ताओं की निगाहें प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।

